Nimdih Accident : नीमडीह में 360 गैस सिलेंडरों से लदा ट्रक खेत में पलटा, बाल-बाल बची चालक की जान
सरायकेला के नीमडीह में टाटा-पुरुलिया मार्ग पर गैस सिलेंडरों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। 360 भरे हुए सिलेंडरों के साथ हुए इस हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी। पुलिस ने क्रेन की मदद से स्थिति को संभाला और एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। पूरी खबर यहाँ देखें।
सरायकेला/नीमडीह, 13 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पाथरडीह में शुक्रवार की सुबह एक रूह कंपा देने वाला मंजर सामने आया। टाटा–पुरुलिया मुख्य मार्ग पर रसोई गैस सिलेंडरों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे सड़क किनारे खेत में जा गिरा। ट्रक में भरे हुए 360 सिलेंडरों के कारण यह हादसा किसी बड़े विस्फोट या अग्निकांड में बदल सकता था, लेकिन गनीमत रही कि एक बड़ी तबाही टल गई। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया, क्योंकि भरे हुए सिलेंडरों के बीच मौत का खतरा मंडरा रहा था।
नींद की झपकी या तकनीकी खराबी: कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, यह ट्रक गम्हरिया थाना मोड़ स्थित इंडेन गैस फिलिंग सेंटर से गैस लोड कर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला स्थित कोटशिला की ओर जा रहा था।
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चालक का बयान: ट्रक चालक सुकुमार सिंह ने बताया कि वह रात भर का सफर करने के बाद कुछ देर विश्राम के लिए पाथरडीह के पास रुका था। सुबह जैसे ही दोबारा यात्रा शुरू की, अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो गया और ट्रक खेत में पलट गया।
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बाल-बाल बचे सुकुमार: हादसे के वक्त ट्रक की रफ्तार सामान्य थी, जिसके कारण चालक को गंभीर चोटें नहीं आईं। चालक का सुरक्षित बाहर निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
360 सिलेंडरों का 'टाइम बम': पुलिस की फुर्ती
गैस सिलेंडरों से लदे ट्रक के पलटने की सूचना मिलते ही नीमडीह थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची।
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इलाके की घेराबंदी: पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास के लोगों को दूर हटाया ताकि किसी भी संभावित गैस रिसाव या चिंगारी से विस्फोट न हो।
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सावधानीपूर्वक रेस्क्यू: पुलिस की निगरानी में क्रेन मंगाकर पलटे हुए ट्रक को सीधा करने का प्रयास शुरू किया गया। इसके साथ ही एक-एक कर सभी 360 सिलेंडरों को सुरक्षित निकालकर दूसरे वाहन में स्थानांतरित (Shift) किया गया।
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गैस रिसाव की जांच: विशेषज्ञों द्वारा जांच में पाया गया कि सभी सिलेंडर सुरक्षित हैं और कहीं से भी कोई लीकेज नहीं हो रहा है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
टाटा–पुरुलिया मार्ग और 'खतरनाक' भारी वाहन
टाटा–पुरुलिया मुख्य मार्ग ऐतिहासिक रूप से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापार की जीवनरेखा रहा है।
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भारी दबाव: इस मार्ग पर लौह अयस्क, कोयला और गैस सिलेंडरों की ढुलाई करने वाले भारी वाहनों का भारी दबाव रहता है।
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नीमडीह का 'ब्लैक स्पॉट': पाथरडीह के पास का यह हिस्सा अपने तीखे मोड़ों और संकरी सड़कों के कारण पहले भी कई हादसों का गवाह रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यहाँ अनियंत्रित होकर वाहनों के पलटने की घटनाएं बढ़ी हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा घेरे (Crash Barriers) की कमी और रात के समय कम रोशनी के कारण चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
यातायात बहाल: पुलिस की बड़ी चेतावनी
हादसे के कारण टाटा-पुरुलिया मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे सिलेंडरों की शिफ्टिंग के बाद सामान्य कर दिया गया।
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जांच का दायरा: नीमडीह पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ट्रक में ओवरलोडिंग थी या वाहन में कोई यांत्रिक खराबी आई थी।
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सुरक्षा निर्देश: पुलिस ने गैस एजेंसियों और ट्रक मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों में चालक की सुरक्षा और पर्याप्त आराम का ध्यान रखा जाए ताकि 'मानवीय भूल' (Human Error) की वजह से ऐसे बड़े खतरे पैदा न हों।
नीमडीह का यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। अगर ट्रक किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में पलटता या गैस का रिसाव हो जाता, तो परिणाम भयावह हो सकते थे। पुलिस और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी ने आज सरायकेला को एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया। फिलहाल, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रक को पुलिस कस्टडी में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
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