Jamshedpur Alert: टाटा स्टील के कर्मचारियों की करोड़ों की रकम LIC में फंसी, अब यूनियन कर रही तलाश

टाटा स्टील के 22 से ज्यादा रिटायर्ड और वर्तमान कर्मचारी LIC में अपनी बीमा की मैच्योर राशि नहीं ले पाए हैं। अब टाटा वर्कर्स यूनियन इन कर्मचारियों की तलाश में जुट गई है। जानें पूरी जानकारी और नामों की लिस्ट।

Apr 17, 2025 - 15:06
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Jamshedpur Alert: टाटा स्टील के कर्मचारियों की करोड़ों की रकम LIC में फंसी, अब यूनियन कर रही तलाश
Jamshedpur Alert: टाटा स्टील के कर्मचारियों की करोड़ों की रकम LIC में फंसी, अब यूनियन कर रही तलाश

क्या आप या आपके किसी जानने वाले ने टाटा स्टील में नौकरी की है? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम हो सकती है। टाटा स्टील के कई ऐसे कर्मचारी और रिटायर्ड स्टाफ हैं जिनकी बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अब तक अपनी जमा राशि नहीं ली है। और यह कोई छोटी-मोटी रकम नहीं, बल्कि लाखों रुपये तक की हो सकती है।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास टाटा स्टील के ऐसे करीब 22 कर्मचारी या रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जिनकी बीमा की राशि कई वर्षों से बिना क्लेम किए पड़ी हुई है। अब LIC इन्हें खोजने की कोशिश कर रही है, ताकि उनकी गाढ़ी कमाई उन्हें वापस मिल सके।

टाटा वर्कर्स यूनियन ने उठाया बीड़ा

बुधवार को LIC की अधिकारी ब्रतती मिश्रा ने टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु से मुलाकात की और एक विशेष सूची सौंपी। इस सूची में उन कर्मचारियों के नाम हैं, जिनकी बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी हो चुकी है, लेकिन उन्होंने पैसे नहीं लिए। इसमें कई ऐसे नाम हैं जिनका मोबाइल नंबर अब उपलब्ध नहीं है, कुछ के नंबर बंद हैं और कुछ बदल चुके हैं – जिससे उनकी पहचान और संपर्क बनाना मुश्किल हो गया है।

इतिहास में पहली बार ऐसा प्रयास

टाटा स्टील, जिसे भारतीय औद्योगिक इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है, हमेशा से अपने कर्मचारियों की भलाई के लिए पहचाना जाता है। बीमा पॉलिसी जैसी योजनाएं इसी सोच का हिस्सा थीं – ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें। लेकिन अब जब लाखों रुपये LIC में बिना क्लेम किए पड़े हैं, तो यूनियन ने सक्रिय होकर इन कर्मचारियों की पहचान का कार्य अपने हाथ में लिया है।

यह पहल अपने आप में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहले कभी भी इस तरह सार्वजनिक रूप से ऐसी सूची साझा नहीं की गई थी।

ये हैं वो नाम जिन्हें तलाशा जा रहा है

इस सूची में जो नाम शामिल हैं, उनमें हैं:

अलफ्रेड प्रवीण मिंज, प्रतीक दास, पंचानन दास, अमर कुमार श्रीवास्तव, अनिकेत बेहरा, अमरनाथ बेहरा, नीरज कुमार, राजगृह सिंह यादव, संतोष कुमार जाना, सयान बोस, सुसनाता बोस, सुरेश दलाल, महाबीर दास, रामापाति, एफसी नायक, गणपत लाल, बंशी लाल, चंद्र हेम्ब्रम, नागेन सिंह, रामचंद्र शर्मा, खौस्तभ चांद, एस वैभव राम, आदर्श कुमार, निवेदिता, तरुण वजाला, पवन कुमार।

इनमें से कई ऐसे हैं जिनके मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे खोज और भी मुश्किल हो रही है।

सरकार के नियम और LIC की चिंता

सरकार के नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी बीमा राशि मैच्योरिटी के बाद भी क्लेम नहीं करता है, तो वह राशि भारत सरकार के एक विशेष खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। LIC का मकसद यह है कि पैसा सरकार के पास जाने से पहले वास्तविक हकदार तक पहुंच जाए।

आम जनता से अपील

टाटा वर्कर्स यूनियन ने सभी कर्मचारियों और उनके परिवारजनों से अपील की है कि वे अपने पुराने बीमा दस्तावेज़ चेक करें। अगर किसी को लगता है कि उसका नाम इस सूची में हो सकता है या उनके किसी परिचित का नाम है, तो तुरंत LIC से संपर्क करें।

इसके लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं:

9431303452 और 7544002344
इन नंबरों पर LIC की अधिकारी ब्रतती मिश्रा से संपर्क किया जा सकता है।

क्या आपके जानने वाले भी इस सूची में हो सकते हैं?

यह एक ऐसा मौका है, जब जागरूकता से किसी की जिंदगी बदल सकती है। वर्षों की कमाई, जो अब तक अधर में लटकी है, वो आज आपके एक फोन कॉल से वापस मिल सकती है। इसलिए यदि आप टाटा स्टील परिवार से जुड़े रहे हैं या किसी को जानते हैं जो इससे जुड़ा रहा हो – तो यह खबर जरूर साझा करें।

क्योंकि लाखों की यह राशि केवल पैसे नहीं, बल्कि उस मेहनत की पहचान है जो वर्षों तक टाटा स्टील में बहाई गई थी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।