Jugsalai Drug Bust: झोलाछाप डॉक्टर का काला धंधा बेनकाब, पटनिया मोहल्ला में चल रहा था मौत की दवाओं का खेल
जमशेदपुर के जुगसलाई में झोलाछाप डॉक्टर के पास मिली भारी मात्रा में नशीली दवाएं और सिरप। कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं है इस गिरोह का शिकार, अभी देखें पूरी सच्चाई।
जमशेदपुर: जुगसलाई की गलियों में इलाज के नाम पर युवाओं की नसें खोखली करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पटनिया मोहल्ला स्थित एक किराए के मकान में सफेदपोश बनकर बैठा एक झोलाछाप डॉक्टर असल में नशे का सौदागर निकला। वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली एक सटीक गुप्त सूचना ने इस 'हनी ट्रैप' जैसे खतरनाक नशे के जाल को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया है।
छापेमारी की कहानी: एक झोला और 800 से ज्यादा प्रतिबंधित दवाएं
मंगलवार की दोपहर जुगसलाई के गौरी शंकर रोड पर अचानक हलचल बढ़ गई। सिटी एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने चिन्हित मकान पर दबिश दी। पुलिस को अंदर जो मिला, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। 55 वर्षीय मो0 मुमताज अहमद को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जो स्थानीय युवाओं को ऊंचे दामों पर प्रतिबंधित दवाएं बेच रहा था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से:
-
74 पीस ‘Trireme Broncof-C’ सिरप (कोडीन फॉस्फेट युक्त)
-
770 पीस ‘Nitcor-10’ टैबलेट (नाइट्राजेपाम मिश्रण) बरामद की।
ये वे दवाएं हैं जिन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचना जुर्म है और जिनका अधिक मात्रा में सेवन युवाओं को नशे की ऐसी लत लगा देता है जिससे बाहर आना नामुमकिन है।
नशे का गणित: मोटी कमाई और बर्बाद होती जवानी
पकड़ा गया आरोपी मुमताज अहमद इन दवाओं को थोक भाव में अवैध रास्तों से मंगवाता था। पूछताछ में सामने आया है कि 50 से 100 रुपये के सिरप और गोलियों को नशे के आदी लड़कों को 500 से 1000 रुपये तक में बेचा जाता था। रात के अंधेरे में पटनिया मोहल्ले की उस किराए की दुकान पर युवाओं की भीड़ सिर्फ 'इलाज' के लिए नहीं, बल्कि अपनी लत मिटाने के लिए जुटती थी।
पुलिस की कार्रवाई और अगला निशाना
डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर और थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां की टीम अब मुमताज के 'सप्लायर नेटवर्क' को खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं शहर के भीतर कैसे पहुँचीं और इसमें कौन-कौन से बड़े दवा विक्रेता या बिचौलिए शामिल हैं।
विशेष पुलिस टीम के सदस्य:
-
अजय यादव (सब-इंस्पेक्टर)
-
कृष्ण कुमार यादव
-
सशस्त्र बल के जवान
पुलिस की अपील: जुगसलाई और आसपास के क्षेत्रों के अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। अगर कोई बच्चा अचानक चिड़चिड़ा हो जाए या घर से पैसे की मांग बढ़ जाए, तो यह नशे का लक्षण हो सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
What's Your Reaction?


