Ranchi Loot : ओरमांझी में 67 लाख की हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश, शातिर चोरों ने घर पर जड़ दिया था अपना ताला
रांची के ओरमांझी में हुई 67 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मोरहाबादी और बोकारो के तीन शातिर चोर गिरफ्तार किए गए हैं। चोरों ने चोरी के बाद घर के दरवाजे पर अपना ताला लगा दिया था ताकि किसी को शक न हो। पूरी खबर यहाँ देखें।
रांची/ओरमांझी, 12 मार्च 2026 – राजधानी रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में एक बंद घर से हुई 67 लाख रुपये की भारी-भरकम चोरी ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए थे। लेकिन रांची एसएसपी की स्पेशल टीम ने महज कुछ ही दिनों के भीतर इस 'मिस्ट्री' को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को धर दबोचा है। इस गिरोह ने चोरी करने का जो तरीका अपनाया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। अपराधियों ने घर साफ करने के बाद वहां अपना ताला जड़ दिया था, ताकि पड़ोसियों या मालिक को बाहर से सब कुछ सामान्य लगे।
ताला नहीं खुला तो उड़े होश: पीड़ित की आपबीती
यह मामला ओरमांझी के रहने वाले विक्रान्त तिवारी के घर का है। बीते 8 मार्च को जब वह अपने परिवार के साथ बाहर से लौटे, तो एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा।
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चोरों की चालाकी: विक्रान्त ने जब अपने घर का ताला खोलने की कोशिश की, तो चाबी नहीं घूमी। ध्यान से देखने पर पता चला कि वह उनका ताला था ही नहीं; चोरों ने चोरी के बाद दरवाजे पर अपना नया ताला लगा दिया था।
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अंदर का नजारा: जब ताला तोड़कर परिवार अंदर गया, तो घर के हालात देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अलमारियां खुली थीं और सारा कीमती सामान गायब था।
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लाखों का नुकसान: जांच में पता चला कि घर से 7 लाख 28 हजार रुपये नकद और करीब 60 लाख रुपये के बेशकीमती सोने-चांदी के जेवर पार कर दिए गए हैं।
एसएसपी की स्पेशल टीम और छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। ओरमांझी थाना प्रभारी शशिभूषण चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स और खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी शुरू की।
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गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पारस कुमार चौधरी (23) रांची के मोरहाबादी का रहने वाला है। उसके दो साथी मृत्युंजय कुमार उर्फ बॉबी और हरप्रीत सिंह उर्फ मोन्टी बोकारो के रहने वाले हैं।
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बरामदगी: अपराधियों के पास से पुलिस ने फिलहाल 61 हजार 500 रुपये नकद, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें (JH02P 4272 और JH01FD 9968) बरामद की हैं।
चोरी का बोकारो कनेक्शन: अंतरराज्यीय गिरोह का शक?
पकड़े गए आरोपियों में से दो का संबंध बोकारो से होना इस ओर इशारा करता है कि यह गिरोह अलग-अलग शहरों में रेकी कर बंद घरों को निशाना बनाता था।
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रेकी की रणनीति: पुलिस को संदेह है कि पारस रांची का होने के नाते इलाकों की पहचान करता था, जबकि उसके साथी बोकारो से आकर वारदात को अंजाम देते थे।
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पुलिस टीम की सराहना: इस सफल अभियान में एसआई अमित कुमार, बिनय कुमार, रंजीत कुमार महतो और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
सावधानी: बंद घर छोड़ते समय रखें ध्यान
ओरमांझी की इस घटना ने उन लोगों के लिए चेतावनी जारी की है जो अक्सर घर बंद कर बाहर जाते हैं।
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पड़ोसियों को बताएं: यदि आप बाहर जा रहे हैं, तो भरोसेमंद पड़ोसियों को जरूर सूचित करें।
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स्मार्ट सुरक्षा: घर में डिजिटल लॉक या स्मार्ट अलार्म सिस्टम लगाना अब समय की मांग है। चोर अब इतने शातिर हो गए हैं कि वे आपके घर पर अपना ताला लगाकर आपको भ्रमित कर सकते हैं।
रांची पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। हालांकि, चोरी किए गए 60 लाख के जेवरों की पूरी बरामदगी पुलिस के लिए अगली बड़ी चुनौती है। पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि जेवर खरीदने वाले सुनारों या अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।
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