बर्मामाइंस: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित विनोबा आश्रम में तीन दिवसीय भव्य हरिकीर्तन का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व राम मांझी ने किया। तीनों दिनों तक आश्रम परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर रामजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। कीर्तन मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। खासतौर पर महिला कीर्तन टीम ने अहम भूमिका निभाई, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
मुख्य अतिथि रहे जदयू नेता
इस अवसर पर जदयू बर्मामाइंस मंडल के अध्यक्ष बबलू कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आध्यात्मिकता और शांति का संचार करते हैं। उन्होंने कीर्तन मंडलियों और आयोजकों को बधाई दी।
कई स्थानों से पहुंचीं कीर्तन मंडलियां
हरिकीर्तन में कई स्थानों से कीर्तन मंडलियों ने भाग लिया। विशेष रूप से महिला कीर्तन टीम ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया। महिलाओं ने मधुर स्वर में राम भजन गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। लोग उनके गायन पर झूम उठे। कीर्तन बहुत ही सुंदर एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
विनोबा आश्रम का ऐतिहासिक महत्व
विनोबा आश्रम बर्मामाइंस का एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। यह आश्रम समाजसेवा और भक्ति का केंद्र रहा है। इस आश्रम का नाम महान संत और भूदान आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे के नाम पर रखा गया है। कई वर्षों से यहां नियमित रूप से हरिकीर्तन और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है। स्थानीय लोगों के लिए यह आश्रम आस्था का केंद्र है।
हर साल लगातार होता है आयोजन
बताया गया कि विनोबा आश्रम में यह हरिकीर्तन कई वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। हर साल श्रद्धालु इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस साल भी तीनों दिनों तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कीर्तन के बीच-बीच में प्रसाद का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर दिपू तिवारी, अर्जुन मुखी, प्रकाश, दुर्गा रजक, गंगाधर पांडे, रासो, दिनू, मनोज भगत, राजेश पांडेय, आशीष सहित कई अन्य श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता में अपना योगदान दिया।
लोगों ने की सराहना
तीन दिनों तक चले इस आयोजन में भक्ति का अद्भुत माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम की जमकर सराहना की। एक स्थानीय श्रद्धालु ने कहा, "इस तरह के कार्यक्रमों से हमें आध्यात्मिक शांति मिलती है। हर साल हम इस आयोजन का इंतजार करते हैं। आयोजकों को बहुत-बहुत धन्यवाद।"
कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण
इस तरह के हरिकीर्तन आयोजनों का उद्देश्य लोगों को भक्ति के मार्ग से जोड़ना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि कीर्तन और भजन से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है। सामूहिक रूप से किए गए भजन और कीर्तन से भक्ति में चार चांद लग जाते हैं।
बर्मामाइंस के विनोबा आश्रम में तीन दिवसीय हरिकीर्तन संपन्न हो गया। महिला कीर्तन मंडली ने सबका मन मोह लिया। क्या आप इस तरह के आयोजनों में शामिल होना चाहेंगे? यह खबर पढ़कर अपने परिवार और दोस्तों को भी बताएं। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।