Chaibasa Justice: दरिंदों को 25 साल का कठोर कारावास, नाबालिग से हैवानियत करने वाले सुनील और रवि को कोर्ट ने सुनाई मिसाल बनने वाली सजा

चाईबासा कोर्ट ने नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को 25 साल जेल की सजा सुनाकर समाज में बड़ा संदेश दिया है। महुलसाई और टुटुगु्ट्टू के इन अपराधियों के अंत और अदालत के कड़े रुख की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप न्याय की इस सबसे बड़ी मिसाल से अनजान रह जाएंगे।

Feb 9, 2026 - 18:57
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Chaibasa Justice: दरिंदों को 25 साल का कठोर कारावास, नाबालिग से हैवानियत करने वाले सुनील और रवि को कोर्ट ने सुनाई मिसाल बनने वाली सजा
Chaibasa Justice: दरिंदों को 25 साल का कठोर कारावास, नाबालिग से हैवानियत करने वाले सुनील और रवि को कोर्ट ने सुनाई मिसाल बनने वाली सजा

चाईबासा, 9 फरवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम की एक अदालत ने समाज के माथे पर कलंक लगाने वाले दो दरिंदों को उनके किए की ऐसी सजा दी है, जो आने वाले समय में अपराधियों के लिए सबक बनेगी। चाईबासा के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दो दोषियों को 25-25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 2022 के इस चर्चित मामले में अदालत का यह फैसला न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

2022 का वह काला दिन: जब मानवता हुई थी शर्मसार

यह पूरा मामला चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है। 24 मई 2022 को एक ऐसी घटना सामने आई थी जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था।

  • दोषियों की पहचान: सजा पाने वालों में महुलसाई निवासी सुनील देवगम और झींकपानी के टुटुगु्ट्टू (वर्तमान निवासी गितिलपी) का रहने वाला रवि उर्फ गोमेया पुर्ती शामिल है।

  • क्या था आरोप: इन दोनों पर एक नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) करने का आरोप था। पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 506 और पोक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत मामला दर्ज किया था।

अदालत का कड़ा फैसला: 25 साल की जेल और जुर्माना

मुफस्सिल थाना पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के बयान को बहुत ही मजबूती से कोर्ट के सामने रखा। साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ते हुए अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।

  • कठोर सजा: न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को 25-25 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई।

  • आर्थिक दंड: जेल के साथ-साथ दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

चाईबासा पोक्सो कोर्ट फैसला: मुख्य विवरण (Verdict Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
दोषी सुनील देवगम और रवि उर्फ गोमेया पुर्ती
सजा 25 वर्ष सश्रम कारावास (प्रत्येक को)
जुर्माना ₹25,000 (प्रत्येक को)
घटना का वर्ष 2022 (मुफस्सिल थाना क्षेत्र)
न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, चाईबासा

मुफस्सिल पुलिस की तत्परता आई काम

इस मामले को अंजाम तक पहुँचाने में मुफस्सिल थाना पुलिस की जांच का बड़ा हाथ रहा। आरोप पत्र (Charge Sheet) में जिस तरह से साक्ष्यों को पेश किया गया, उसने दोषियों के बचने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा। स्थानीय लोगों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

अपराधियों के लिए चेतावनी

चाईबासा कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए एक खुली चेतावनी है जो कानून और मानवता की मर्यादा को लांघने की जुर्रत करते हैं। 25 साल का सश्रम कारावास कोई छोटी सजा नहीं है; यह एक पूरा जीवन सलाखों के पीछे गलाने जैसा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।