Sonari Heartbreak: संतान न होने के दुख से तड़पती महिला ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा- कोई जिम्मेदार नहीं
जमशेदपुर के सोनारी में 40 वर्षीय महिला ने संतान न होने के दुख से फांसी लगाकर आत्महत्या की, सुसाइड नोट में परिवार को बताया बेकसूर। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी के सोनारी थाना क्षेत्र के बी ब्लॉक कुम्हारपाड़ा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। 40 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने साफ लिखा है कि उसकी मौत के लिए परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है। संतान न होने के दुख ने उसे यह कदम उठाने को मजबूर कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
मृतका रूपा देवी (40) ने अपने सुसाइड नोट में साफ-साफ लिखा है कि इस आत्महत्या के पीछे उनके घर के किसी भी सदस्य का हाथ नहीं है। वह लिखती हैं कि संतान नहीं होने की वजह से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। यही दुख उनकी जान ले गया। सुसाइड नोट से साफ है कि उन्होंने यह कदम किसी के दबाव या प्रताड़ना के चलते नहीं, बल्कि अपनी मानसिक व्यथा के चलते उठाया।
2003 में हुई थी शादी, संतान नहीं हुई
रूपा देवी की शादी साल 2003 में अजय वर्मा से हुई थी। शादी के 23 साल बाद भी दंपती की कोई संतान नहीं थी। यही दुख रूपा देवी को अंदर ही अंदर खोखला करता जा रहा था। वह इस बात को लेकर काफी मानसिक तनाव में रहती थी। परिजनों के अनुसार, वह हमेशा इस बात को लेकर चिंतित रहती थी कि उसकी कोई संतान क्यों नहीं हो रही है।
कपड़े की दुकान चलाती थी मृतका
रूपा देवी सोनारी बाजार में एक कपड़े की दुकान चलाती थी। वह पेशे से व्यवसायी थी और परिवार की आर्थिक मदद भी करती थी। बाहर से देखने में उनका जीवन सामान्य लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर वह संतान न होने के दुख से जूझ रही थी। उनके इस कदम ने सभी को चौंका दिया।
चचेरे भाई की शादी से दो दिन पहले उठाया कदम
पुलिस के अनुसार, रूपा देवी के चचेरे भाई की शादी दो दिन बाद थी। पूरे परिवार में शादी की खुशियां थीं, लेकिन रूपा देवी के इस कदम ने सारी खुशियां मातम में बदल दीं। परिवार के लिए यह एक बड़ा सदमा है। वे इस त्रासदी से उबर नहीं पा रहे हैं।
सोमवार रात की है घटना
घटना सोमवार देर रात की है। रूपा देवी ने अपने घर में फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में रूपा देवी को फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। फिलहाल, पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। मामले की जांच जारी है।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते रूपा देवी को काउंसलिंग या मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल जातीं, तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता। परिवार और समाज को चाहिए कि वे ऐसे लोगों की मानसिक स्थिति को समझें और उनकी मदद करें।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। हमें अपने आसपास के लोगों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लगातार उदास या तनाव में रहता है, तो उसे काउंसलिंग या डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। संतान न होने का दुख किसी के लिए भी गहरा सदमा हो सकता है, लेकिन इसका हल आत्महत्या नहीं है।
जमशेदपुर के सोनारी में संतान न होने के दुख से तड़पती महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट ने साबित कर दिया कि वह कितनी अकेली और तनाव में थी। क्या हम अपने आसपास के लोगों की मानसिक स्थिति को समझ पा रहे हैं? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और अपने परिवार और दोस्तों पर ध्यान दीजिए। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि लोग मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों।
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