Baridih Yatra: कलश यात्रा, भक्ति में झूमा बारीडीह, 100 से ज्यादा महिलाओं ने उठाया कलश, भागवत कथा का शंखनाद साहिबगंज
जमशेदपुर के बारीडीह में भव्य कलश यात्रा और सुंदरकांड पाठ के साथ श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का मंगल शुभारंभ हो गया है। पीली साड़ियों में सजी महिलाओं के भक्तिमय सैलाब और भाजपा नेताओं की उपस्थिति में शुरू हुए इस आध्यात्मिक उत्सव की पूरी विहंगम जानकारी यहाँ दी गई है वरना आप भी इस पावन अमृत वर्षा का लाभ लेने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 22 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर का बारीडीह इलाका आज सुबह अध्यात्म के अनूठे रंग में रंग गया। मौका था श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के भव्य शुभारंभ का। भक्ति और आस्था के संगम के बीच निकाली गई कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को 'राधे-राधे' के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। बारीडीह गांधी चौक से शुरू हुई यह यात्रा न केवल धार्मिक आयोजन थी, बल्कि इसने पूरे समाज को एक सूत्र में पिरो दिया। पीली साड़ियों में सजी महिलाओं और गूंजते भजनों के बीच ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात् मथुरा-वृंदावन की छटा बारीडीह की सड़कों पर उतर आई हो।
इतिहास: भागवत कथा और कलश यात्रा की सनातनी महत्ता
श्रीमद भागवत कथा भारतीय संस्कृति का वह अनमोल ग्रंथ है जिसे 'मुक्ति का मार्ग' माना जाता है। ऐतिहासिक रूप से, कलश यात्रा को किसी भी धार्मिक यज्ञ की शुद्धि का प्रतीक माना गया है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, जल से भरा कलश ब्रह्मांड का प्रतिनिधित्व करता है और इसे सिर पर धारण करना ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव है। जमशेदपुर जैसे आधुनिक शहर में, बारीडीह नदी तट से जल भरकर वापस लौटना हमारी उन प्राचीन परंपराओं को जीवंत करता है जहाँ प्रकृति (नदी) और ईश्वर का अटूट संबंध दिखाया गया है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है ताकि समाज में नकारात्मक ऊर्जा का नाश हो और शांति का संचार हो।
भक्ति का सैलाब: 100 से अधिक महिलाओं का उमंग
सोमवार की सुबह बारीडीह की सड़कों पर एक अद्भुत नजारा दिखा।
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पीत वस्त्रों का संगम: 100 से भी अधिक महिलाएं पीली साड़ियों में सुसज्जित होकर हाथों में कलश और पीले ध्वज (झंडे) लिए आगे बढ़ रही थीं।
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नदी तट से कथा स्थल तक: बारीडीह गांधी चौक से निकली यह यात्रा बारीडीह नदी तट पहुँची, जहाँ विधिवत पूजन के बाद पवित्र जल कलशों में भरा गया और वापस कथा स्थल पर संपन्न हुआ।
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भक्तिमय माहौल: ढोल-नगाड़ों और शंख की ध्वनि के बीच श्रद्धालु उमंग में झूमते नजर आए।
सुंदरकांड पाठ से महकी शाम
कलश यात्रा की समाप्ति के बाद शाम 4 बजे से सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया।
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शाम 7 बजे संपन्न: तीन घंटे तक चले इस पाठ में श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया।
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प्रसाद वितरण: पाठ के समापन के बाद सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
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प्रमुख उपस्थिति: भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और बारीडीह भाजपा मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
भागवत कथा आयोजन की मुख्य जानकारी (Event Table)
| विवरण | जानकारी |
| कथा का नाम | श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ |
| कथा प्रारंभ समय | प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से (कल से) |
| स्थान | बारीडीह, जमशेदपुर |
| प्रमुख सदस्य | शत्रुध्न प्रसाद, संजय गुप्ता, रूपा गुप्ता |
| विशेष आयोजन | कलश यात्रा और सुंदरकांड पाठ |
सक्रिय सदस्यों का अनुकरणीय योगदान
इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया है। शत्रुध्न प्रसाद, संजय गुप्ता, रूपा गुप्ता, अमर भूषण और देवाशीष झा जैसे सक्रिय सदस्यों के नेतृत्व में आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। सदस्यों ने बताया कि कल से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से कथा वाचन होगा, जिसमें भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जीवन जीने की कला और मोक्ष के मार्ग पर चर्चा की जाएगी।
बारीडीह में आध्यात्मिक जागृति
बारीडीह में शुरू हुआ यह भागवत कथा यज्ञ केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति पाने का एक अवसर भी है। अगर आप भी भक्ति की इस गंगा में डुबकी लगाना चाहते हैं, तो कल दोपहर 3 बजे से बारीडीह के कथा स्थल पर उपस्थित होकर पुण्य के भागी बन सकते हैं।
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