Ghatsila Accident: एनएच पर मची अफरा-तफरी, स्कॉर्पियो पलटी, चार गंभीर
घाटशिला के पास एनएच पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सेवा ही धर्म संस्था ने तत्परता से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में शनिवार का दिन सड़क सुरक्षा की चुनौती को फिर से उजागर कर गया। घाटशिला के पास सोनाखुन क्षेत्र में एक स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें सवार चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर उस समय हुई, जब यह वाहन जमशेदपुर के घोड़ाबांदा से पश्चिम बंगाल के मिदनापुर की ओर जा रहा था।
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सतर्कता से घायलों को समय रहते चिकित्सा सहायता मिल गई, लेकिन यह घटना एक बार फिर हाईवे की सुरक्षा और सड़क पर सतर्कता की अहमियत को सामने लाती है।
घटना कैसे हुई?
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो (संख्या JH 05 DU 1907) जैसे ही सोनाखुन के पास पहुंची, तभी अचानक एक बाइक एनएच पर आ गई। वाहन चालक ने बाइक को टक्कर से बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार के कारण स्कॉर्पियो असंतुलित होकर सड़क पर पलट गई। सभी यात्री वाहन के अंदर ही फंस गए, और चारों को गंभीर चोटें आईं।
सेवा ही धर्म संस्था बनी संकट में संबल
हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने त्वरित निर्णय लेते हुए धालभूमगढ़ स्थित 'सेवा ही धर्म' संस्था से संपर्क किया। संस्था के सक्रिय सदस्य गुलशन कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और संस्था के एंबुलेंस की मदद से घायलों को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता सराहनीय
घटना के तुरंत बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। फिलहाल, सभी घायलों की पहचान और स्थिति की जांच की जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन की सक्रियता और संस्था की त्वरित एम्बुलेंस सेवा की सराहना कर रहे हैं।
सड़क सुरक्षा: बढ़ती घटनाएं और घटती सजगता
ऐसी घटनाएं केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी हैं – सड़क पर हर सेकंड सतर्क रहना अनिवार्य है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर जहां रफ्तार अधिक होती है, वहां छोटी सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
झारखंड में सड़क दुर्घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। पिछले वर्षों में घाटशिला, चाईबासा और टाटानगर के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर कई बार प्रश्न उठे हैं। इसके बावजूद आमजन और ड्राइवरों की लापरवाही, ओवर स्पीडिंग और हेलमेट/सीटबेल्ट जैसे नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं को आम बनाती जा रही है।
Ghatsila Accident की यह घटना हमें एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर सतर्कता ही सुरक्षा है। प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर अगर समय पर सहयोग करें, तो किसी भी बड़े हादसे के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
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