Jamshedpur Preparation: रामनवमी विसर्जन के लिए प्रशासन हाई अलर्ट पर, 220 अखाड़ों की सुरक्षा व्यवस्था फाइनल
जमशेदपुर में रामनवमी विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। डीसी और एसएसपी ने घाटों का निरीक्षण किया और सुरक्षा से लेकर साफ-सफाई तक हर पहलू का जायजा लिया। जानिए क्या-क्या इंतज़ाम किए गए हैं…

रामनवमी 2025 को लेकर झारखंड के औद्योगिक नगर जमशेदपुर में तैयारियों का अंतिम दौर चल रहा है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भव्य जुलूस और अखाड़ा प्रदर्शनों के साथ त्योहार को उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। लेकिन इस उल्लास को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
शहर में कुल 220 अखाड़े—जिसमें 188 लाइसेंसी और शेष गैर-लाइसेंसी शामिल हैं—रामनवमी के उपरांत अपने-अपने झांकियों और ध्वजों का विसर्जन करते हैं। इनका विसर्जन जमशेदपुर के विभिन्न नदी घाटों पर किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शनिवार को उपायुक्त अनन्य मित्तल और एसएसपी किशोर कौशल ने शहर के प्रमुख घाटों का दौरा किया।
घाटों पर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन की टीम ने बिजली, पानी, साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था, क्राउड कंट्रोल और घाट की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डीसी अनन्य मित्तल ने बताया कि “हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले। सभी घाटों पर सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।”
हर घाट पर तैनात रहेंगे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
एसएसपी किशोर कौशल ने स्पष्ट किया कि शहर के सभी प्रमुख और उप-घाटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा, “सिर्फ वर्दीधारी बल ही नहीं, बल्कि सादे लिवास में भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”
इसके अलावा पुलिस प्रशासन ने ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए भी व्यापक योजना तैयार की है। कुछ संवेदनशील घाटों पर महिला पुलिस बल की भी तैनाती की जाएगी।
इतिहास से सबक लेकर तैयारी
पिछले कुछ वर्षों में रामनवमी जुलूस के दौरान भीड़ के कारण कुछ स्थानों पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस बार प्रशासन ने इतिहास से सीख लेते हुए भीड़ नियंत्रण और सुचारु संचालन पर विशेष बल दिया है। हर घाट पर प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था होगी, जिससे भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों की साझेदारी
जिला प्रशासन ने स्थानीय सामाजिक संगठनों, सेवा दलों और रामनवमी अखाड़ा समितियों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की है। हर घाट पर स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे और प्रशासन के निर्देशों को पालन करवाने में मदद करेंगे।
जनता की भागीदारी से ही सफल होगा आयोजन
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे त्योहार को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से मनाएं। अगर कोई समस्या होती है तो वे तुरंत नजदीकी प्रशासनिक अधिकारी या पुलिसकर्मी से संपर्क करें।
रामनवमी 2025 के इस महापर्व को सफल बनाने में प्रशासन की तैयारियां सराहनीय हैं। जमशेदपुर शहर की यह तैयारी दर्शाती है कि आस्था और प्रशासनिक कार्यकुशलता जब साथ आते हैं, तो हर आयोजन सफल और सुरक्षित होता है। श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे नियमों का पालन करें और त्योहार की पवित्रता को बनाए रखें।
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