Chaibasa Horror: चाईबासा-रांची हाईवे पर खूनी रविवार, काल बनकर आए ट्रक ने चार युवकों को रौंदा, चक्रधरपुर में एक और जान गई, एनएच 75E बना मौत का मार्ग
चाईबासा-रांची मुख्य मार्ग NH 75E पर हुए दो भीषण हादसों में 5 लोगों की मौत की रूह कंपा देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। एक ही बाइक पर सवार 4 युवकों के ट्रक की चपेट में आने और चक्रधरपुर में हुई एक अन्य मौत की पूरी कहानी विस्तार से पढ़िए वरना आप इस खूनी हाईवे पर बढ़ते जानलेवा खतरों की हकीकत को जानने से चूक जाएंगे।
चाईबासा, 26 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले की धड़कन माना जाने वाला चाईबासा-रांची मुख्य मार्ग (NH 75E) रविवार की रात 'डेथ जोन' में तब्दील हो गया। रफ्तार के जुनून और भारी वाहनों की लापरवाही ने एक ही रात में पांच परिवारों के चिराग बुझा दिए। कराईकेला और चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में हुए इन हादसों ने पूरे इलाके को सुन्न कर दिया है। सबसे भयावह मंजर शनिवार की आधी रात के बाद देखने को मिला, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मोटरसाइकिल पर सवार चार दोस्तों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोहे की मशीन में तब्दील हो चुकी बाइक के परखच्चे उड़ गए।
केटीएम बाइक पर सवार थे 4 दोस्त, ट्रक ने पीछे से कुचला
घटना शनिवार रात करीब 1:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार:
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भीषण टक्कर: चाईबासा से रांची की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कराईकेला थाना के पास आगे चल रही केटीएम (KTM) बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
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एक साथ चार मौतें: बाइक पर चार युवक सवार थे। टक्कर लगते ही तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चौथे ने अस्पताल के बिस्तर पर दम तोड़ दिया।
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मृतकों की पहचान: कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन ने बताया कि मृतकों में दो युवक जमशेदपुर और दो कुचई के रहने वाले थे। ये चारों इतनी रात को कहाँ जा रहे थे, पुलिस इसकी गहन जांच कर रही है।
फरार ट्रक बंदगांव में जब्त, चालक पुलिस की गिरफ्त में
हादसे के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी काम आई।
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नाकेबंदी: कराईकेला पुलिस ने तुरंत बंदगांव थाना को अलर्ट किया।
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जब्ती: पुलिस ने भाग रहे ट्रक का पीछा कर उसे बंदगांव में दबोच लिया। ट्रक को जब्त कर लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
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लापरवाही: प्रारंभिक जांच में ट्रक की अनियंत्रित गति और ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
चाईबासा-रांची हाईवे हादसा: मुख्य विवरण (Death Toll Report)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| कुल मौतें | 05 (एक ही रात में दो अलग हादसे) |
| स्थान | कराईकेला और चक्रधरपुर (NH 75E) |
| वाहन | ट्रक और केटीएम मोटरसाइकिल (4 सवार) |
| मृतकों का मूल निवास | जमशेदपुर, कुचई और केरा (चक्रधरपुर) |
| पुलिस कार्रवाई | ट्रक जब्त, पोस्टमार्टम प्रक्रिया जारी |
इतिहास का पन्ना: NH 75E और 'कोल्हान के सुसाइड कर्व्स' का सच
NH 75E, जो चाईबासा को राजधानी रांची से जोड़ता है, ऐतिहासिक रूप से कोल्हान की आर्थिक लाइफलाइन रहा है। 1990 के दशक में जब इस सड़क का विस्तार हुआ, तब इसे व्यापार के लिए वरदान माना गया था। लेकिन इतिहास गवाह है कि पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच से गुजरने वाले इस हाईवे पर 'बंदगांव घाटी' और 'कराईकेला मोड़' हमेशा से खतरनाक रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की दर में 40% की वृद्धि हुई है। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि पहले इस रास्ते पर ट्रैफिक कम था, लेकिन अब माइनिंग ट्रकों और तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक्स के 'कॉकटेल' ने इसे खूनी बना दिया है। रात के समय लाइटिंग की कमी और ओवरस्पीडिंग इस सड़क के इतिहास में काले अध्याय लिख रही है।
दूसरी घटना: सड़क किनारे खड़े व्यक्ति को बाइक ने उड़ाया
अभी कराईकेला का मातम ठंडा भी नहीं हुआ था कि चक्रधरपुर के केरा इलाके में एक और हादसा हो गया। यहाँ एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार ने सड़क किनारे खड़े एक व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उसे चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हाईवे पर सुरक्षा भगवान भरोसे?
NH 75E पर एक ही रात में 5 मौतों ने प्रशासन के सड़क सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। आखिर एक बाइक पर चार लोगों को सवार होने की अनुमति किसने दी? और रात के अंधेरे में ट्रक इतनी बेखौफ रफ्तार से कैसे दौड़ रहे हैं? इन सवालों के जवाब अब पांच परिवारों की चीखों में दबे हुए हैं।
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