Baharagoda Surgery: महिला के पेट से निकला 3 किलो का ट्यूमर, डॉक्टरों ने रचा इतिहास!
बहरागोड़ा में महिला के पेट से निकला 3 किलो का ट्यूमर! जानें इस जटिल ऑपरेशन की पूरी कहानी और ट्यूमर से बचाव के उपाय।

बहरागोड़ा: बहरागोड़ा के सिटी नर्सिंग होम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां 43 वर्षीय महिला के पेट से 3 किलो का विशाल ट्यूमर निकाला गया। यह ऑपरेशन न केवल जटिल था, बल्कि चिकित्सा जगत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ। इस दुर्लभ और महत्वपूर्ण सर्जरी को लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. चंदन सिंह की टीम ने सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
कैसे हुआ इस ट्यूमर का खुलासा?
कुछ दिनों पहले, महिला पेट में अत्यधिक सूजन और असहजता की शिकायत लेकर सिटी नर्सिंग होम पहुंची। शुरुआत में उसे सामान्य गैस्ट्रिक समस्या समझा गया, लेकिन जब अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन किया गया, तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। डॉक्टरों ने पाया कि महिला के पेट में एक बड़ा ट्यूमर था, जो धीरे-धीरे फैलता जा रहा था।
डॉ. चंदन सिंह के अनुसार, “मरीज के लक्षणों को ध्यान में रखते हुए हमने विस्तृत जांच की, जिसमें पता चला कि यह ट्यूमर काफी पुराना है और अब शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करने लगा है।”
ऑपरेशन से पहले की चुनौती
महिला के ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों के सामने कई चुनौतियाँ थीं। सबसे बड़ी समस्या थी मरीज में हीमोग्लोबिन की कमी। ऑपरेशन के लिए उसे पहले 2 यूनिट रक्त चढ़ाया गया, ताकि उसकी स्थिति स्थिर हो सके। जब डॉक्टरों को लगा कि मरीज अब सर्जरी के लिए तैयार है, तब जाकर ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
ऐसे किया गया ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर
ऑपरेशन शुरू होते ही डॉक्टरों की पूरी टीम सतर्क हो गई, क्योंकि यह एक जटिल प्रक्रिया थी। ट्यूमर का आकार बड़ा होने के कारण इसे पूरी सावधानी से निकाला गया। लगभग 3 घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने महिला के पेट से 3 किलो का विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया।
सर्जरी के तुरंत बाद मरीज को गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में रखा गया, ताकि उसकी स्थिति पर नजर रखी जा सके। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज अब स्वस्थ है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
बहरागोड़ा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
डॉ. चंदन सिंह ने बताया, “इस तरह की जटिल सर्जरी आमतौर पर बड़े अस्पतालों में ही संभव होती है, लेकिन बहरागोड़ा में इस ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम देना चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”
ट्यूमर क्या होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है?
ट्यूमर शरीर में असामान्य रूप से बढ़ने वाली कोशिकाओं का समूह होता है। यह कैंसरयुक्त (मैलिग्नेंट) या गैर-कैंसरयुक्त (बेनाइन) हो सकता है। कई बार यह बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता है और जब तक मरीज को समस्या महसूस नहीं होती, तब तक यह एक बड़ा आकार ले चुका होता है।
ट्यूमर से बचाव के लिए ध्यान रखने योग्य बातें:
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समय-समय पर मेडिकल चेकअप कराएं।
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पेट में लगातार दर्द या सूजन हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
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यदि परिवार में किसी को पहले ट्यूमर हुआ हो, तो नियमित स्क्रीनिंग करवाएं।
बहरागोड़ा का यह ऑपरेशन न केवल मरीज के लिए राहत भरा था, बल्कि स्थानीय चिकित्सा प्रणाली के लिए भी मील का पत्थर साबित हुआ। इस तरह की जटिल सर्जरी का सफलतापूर्वक निष्पादन यह दिखाता है कि छोटे शहरों में भी अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। मरीज अब स्वस्थ है और जल्द ही सामान्य जीवन व्यतीत कर सकेगी।
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