Jharkhand Jac Exam Postponement: JAC की 8वीं-9वीं बोर्ड परीक्षा क्यों टली? जानें बड़ी वजह
झारखंड में JAC की आठवीं और नौवीं बोर्ड परीक्षाएं अचानक स्थगित कर दी गई हैं। जानें इसकी वजह और मैट्रिक-इंटर परीक्षाओं पर इसका क्या असर पड़ेगा।

रांची: झारखंड में शिक्षा जगत से बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने आठवीं और नौवीं बोर्ड परीक्षाओं को अचानक स्थगित कर दिया है। आठवीं की परीक्षा 28 जनवरी और नौवीं की परीक्षा 29-30 जनवरी को होनी थी, लेकिन “अपरिहार्य कारणों” का हवाला देते हुए इसे फिलहाल टाल दिया गया है। JAC सचिव जयंत कुमार मिश्र ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है परीक्षा स्थगित होने की वजह?
JAC की इस अचानक घोषणा ने छात्रों और अभिभावकों में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, जैक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद 18 जनवरी से खाली हैं, जो इस समस्या की मुख्य वजह बनकर सामने आ रही है। जैक अध्यक्ष को परीक्षा संचालन और गोपनीय कार्यों की शक्ति दी गई है। उनकी अनुपस्थिति के कारण ही बोर्ड को यह कड़ा निर्णय लेना पड़ा।
यह कोई पहली बार नहीं है जब झारखंड के छात्रों को इस प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ा है। 2021 में भी अध्यक्ष के पद रिक्त होने के कारण मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के पहले टर्म को स्थगित करना पड़ा था।
JAC के निर्देश और व्यवस्थाएं
JAC सचिव ने परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
- सभी परीक्षा सामग्री, जैसे प्रश्नपत्र, रोल शीट, ओएमआर शीट और उपस्थिति पत्रक, को पूरी सुरक्षा के साथ वज्रगृह में रखा जाएगा।
- प्रश्नपत्र स्कूलों को नहीं दिए जाएंगे।
- नोडल अधिकारियों को सामग्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- वज्रगृह को पूरी तरह से सील बंद रखा जाएगा।
नई तिथियां कब आएंगी?
JAC ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या समय रहते अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति हो पाएगी?
क्या मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं पर भी संकट?
आठवीं और नौवीं की परीक्षाएं स्थगित होने के बाद अब मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर भी संशय गहरा गया है।
- मैट्रिक परीक्षाएं 11 फरवरी से 3 मार्च तक निर्धारित हैं।
- इंटरमीडिएट के एडमिट कार्ड 28 जनवरी से मिलने थे, लेकिन अब उनकी तिथि भी प्रभावित हो सकती है।
यदि फरवरी के पहले सप्ताह तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई, तो इन परीक्षाओं की तिथि भी टल सकती है।
ऐतिहासिक संदर्भ: क्यों बार-बार हो रही है यह समस्या?
JAC में प्रशासनिक पदों का खाली रहना कोई नई बात नहीं है। 2021 में भी इस तरह की समस्या सामने आई थी, जब छात्रों को लंबे इंतजार के बाद अपनी परीक्षाओं की नई तिथियां मिली थीं। झारखंड के शिक्षा बोर्ड के प्रशासनिक ढांचे में यह कमजोरी राज्य के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता
परीक्षाओं के स्थगित होने से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के करियर के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, और बार-बार की अस्थिरता से उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
आगे क्या?
JAC के इस फैसले के बाद सभी की निगाहें सरकार और शिक्षा विभाग पर टिक गई हैं। छात्रों को उम्मीद है कि जल्द ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति होगी, जिससे बोर्ड की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
इस बार की परीक्षा स्थगित होने से सिर्फ छात्रों का समय ही नहीं, बल्कि झारखंड के शिक्षा तंत्र पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि JAC कब तक इस समस्या का समाधान करता है।
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