Jharkhand Budget 2025-26 : झारखंड विधानसभा में पेश हुआ 1.45 लाख करोड़ का बजट, जानिए क्या खास?
झारखंड सरकार ने पेश किया 1.45 लाख करोड़ का ‘अबुआ बजट’! वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया किन योजनाओं में कितना होगा खर्च। जानें पूरी डिटेल।

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने वर्ष 2025-26 के लिए 1,45,400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट को ‘अबुआ बजट’ का नाम दिया गया है। खास बात यह है कि यह राधा कृष्ण किशोर का बतौर वित्त मंत्री पहला बजट है, जिसे पेश करते हुए उन्होंने गर्व और सम्मान की अनुभूति जताई।
उन्होंने कहा, "झारखंड के विकास के इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनकर मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं।" साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस के आला नेताओं और झारखंड की जनता का आभार व्यक्त किया।
झारखंड के बजट में हुआ जबरदस्त इजाफा!
अगर बीते वर्षों के बजट पर नजर डालें, तो झारखंड का आर्थिक ढांचा तेजी से मजबूत होता नजर आ रहा है।
- 2020-21 में झारखंड का कुल बजट ₹86,370 करोड़ था।
- 2021-22 में यह बढ़कर ₹91,277 करोड़ हो गया।
- 2022-23 में इसे बढ़ाकर ₹1,01,101 करोड़ किया गया।
- 2023-24 में यह ₹1,16,418 करोड़ तक पहुंचा।
- 2024-25 में इसे ₹1,28,900 करोड़ किया गया।
- 2025-26 में बजट पहली बार ₹1,45,400 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचा!
बजट में किस क्षेत्र को कितनी राशि मिली?
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि बजट को विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तरीके से वितरित किया गया है ताकि झारखंड का समग्र विकास हो सके।
- सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए – 17.47%
- शिक्षा क्षेत्र के लिए – 12.11%
- ग्रामीण विकास व पंचायती राज के लिए – 11.39%
- सड़क व परिवहन के लिए – 4.27%
- पेंशन योजनाओं के लिए – 7%
- आईटी सेक्टर, भू-राजस्व, श्रम व पर्यटन के लिए – 6.42%
- लोन री-पेमेंट के लिए – 6.45%
अबुआ बजट – झारखंड के विकास के लिए नया कदम!
‘अबुआ बजट’ का मुख्य फोकस झारखंड के ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण और शिक्षा पर रखा गया है। वित्त मंत्री ने इसे राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक बजट बताया। इस बजट के जरिए झारखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, सामाजिक कल्याण और शिक्षा व्यवस्था को नया आयाम देने की कोशिश की जाएगी।
झारखंड का बजट क्यों है खास?
- इतिहास में पहली बार झारखंड का बजट ₹1.45 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर – पंचायती राज व ग्रामीण विकास को 11.39% बजट आवंटित।
- शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ा – 12.11% बजट शिक्षा के लिए तय किया गया।
- सामाजिक कल्याण में सबसे ज्यादा खर्च – कुल बजट का 17.47% खर्च सामाजिक योजनाओं पर होगा।
- आईटी सेक्टर और पर्यटन को बढ़ावा – इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
क्या झारखंड को इस बजट से मिलेगा फायदा?
बजट से झारखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बनेंगी, शिक्षा व्यवस्था सुधरेगी और सामाजिक योजनाओं को मजबूती मिलेगी। लेकिन, सवाल यह है कि क्या इस बजट का सही तरीके से क्रियान्वयन होगा?
फिलहाल, झारखंड की जनता और विपक्ष दोनों इस बजट पर गहरी नजर बनाए हुए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या यह बजट झारखंड की आर्थिक तरक्की में मददगार साबित होगा या यह भी सिर्फ कागजी घोषणा बनकर रह जाएगा?
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