Jamshedpur Murder: शेखर साण्डिल हत्याकांड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार फिल्मी बदले की कहानी
जमशेदपुर में डेढ़ साल पुरानी दुश्मनी ने ली युवक की जान। हत्यारे ने खाई थी "बाल न कटवाने" की कसम। पुलिस ने 3 आरोपियों को अवैध पिस्तौल के साथ पकड़ा। पूरा खुलासा चौंका देगा।
जमशेदपुर, 13 दिसंबर 2025 – जमशेदपुर पुलिस ने सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के देवनगर में हुए शेखर साण्डिल हत्याकांड का बड़ा खुलासा करते हुए कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे बदले की एक पूरी फिल्मी कहानी छिपी थी, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
डेढ़ साल पुरानी दुश्मनी, राहुल ने खाया था बदले का शपथ
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके इस मामले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड की जड़ें डेढ़ साल पुरानी दुश्मनी में थीं। मुख्य अभियुक्त राहुल सिंह और मृतक शेखर साण्डिल के परिवारों के बीच विवाद हुआ था, जिसके चलते दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
-
बदले की कसम: पुलिस के अनुसार, विवाद तब और बढ़ गया जब चार-पांच माह पूर्व मृतक शेखर ने राहुल सिंह के घर में घुसकर गाली गलौज किया था। इसी अपमान के बाद राहुल ने कसम खा ली थी कि जब तक वह शेखर को मार नहीं देता, वह बाल तक नहीं कटवायेगा। यह बदले की भावना ही इस खूनी वारदात का मुख्य प्रेरक बनी।
योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम
अपनी कसम को पूरा करने के लिए राहुल ने पूरी फिल्मी शैली में साजिश रची। उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है:
-
राहुल सिंह (26) – सीतारामडेरा देवनगर निवासी (मुख्य आरोपी)
-
संजय पाल (19)
-
संतोष कर्माकार उर्फ खुडा (33)
एसपी ने बताया कि राहुल सिंह और संतोष कर्मकार का आपराधिक इतिहास रहा है, जिससे साफ है कि यह हत्याकांड अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति (Strategy) का परिणाम था। पुलिस ने इनके पास से एक अवैध पिस्तौल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
अपराध और युवा वर्ग पर सवाल
जमशेदपुर (Jamshedpur) जैसे औद्योगिक शहर में बदले की भावना में युवाओं द्वारा इस तरह के गंभीर अपराध (Crime) को अंजाम देना, शहर की कानून व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला दर्शाता है कि छोटी-छोटी दुश्मनी भी कैसे युवाओं को हिंसा के रास्ते पर धकेल सकती है।
What's Your Reaction?


