Jamshedpur Rural Shab-e-Barat : गालूडीह में सुरक्षा बढ़ी, पुलिस का फ्लैग मार्च, सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील!
गालूडीह में शब-ए-बरात पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस का फ्लैग मार्च! जानिए कैसे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की और लोगों से क्या अपील की।

शब-ए-बरात के अवसर पर गालूडीह में माहौल शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। विभिन्न मार्गों से गुजरे इस मार्च का उद्देश्य था लोगों को सुरक्षा का एहसास कराना और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने के लिए प्रेरित करना। आखिर पुलिस की इस पहल के पीछे क्या कारण हैं और इस ऐतिहासिक पर्व की अहमियत क्या है? जानिए पूरी खबर!
शब-ए-बरात का महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
शब-ए-बरात इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शाबान महीने की 14वीं रात को मनाया जाता है। यह रात इबादत, तौबा और दुआओं की होती है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, इस रात अल्लाह अपने बंदों की दुआएं सुनते हैं और उनके भविष्य का लेखा-जोखा तय करते हैं। यह त्योहार न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी है।
गालूडीह में सुरक्षा को लेकर पुलिस की सतर्कता
गालूडीह में शब-ए-बरात को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च गालूडीह थाना परिसर से शुरू होकर अंडरपास, गालूडीह-नरसिंहपुर रोड, हाटचाली और गालूडीह मुख्य बाजार होते हुए विभिन्न क्षेत्रों से गुजरा।
पुलिस की मुख्य अपील:
पर्व को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील।
किसी भी अफवाह या गलत जानकारी पर ध्यान न देने की हिदायत।
कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सामुदायिक समरसता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की गुजारिश।
फ्लैग मार्च में कौन-कौन रहा शामिल?
इस फ्लैग मार्च की अगुवाई थाना प्रभारी कुमार इंद्रेश ने की, जिसमें पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखना है।
गालूडीह में क्यों जरूरी था यह फ्लैग मार्च?
गालूडीह जैसे क्षेत्र में त्योहारों के दौरान पुलिस का सतर्क रहना बेहद जरूरी होता है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग साथ रहते हैं और शांति बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।
त्योहारों के दौरान अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिन पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है।
बड़ी संख्या में लोग रातभर इबादत और कब्रिस्तान जाने की परंपरा निभाते हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
फ्लैग मार्च से लोगों में सुरक्षा की भावना जागती है और वे प्रशासन के साथ मिलकर पर्व को बेहतर ढंग से मना सकते हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
फ्लैग मार्च के दौरान स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासन का सराहनीय कदम बताया। उनका कहना था कि इससे उन्हें सुरक्षा का एहसास होता है और वे पर्व को बिना किसी चिंता के मना सकते हैं।
गालूडीह पुलिस का यह फ्लैग मार्च दर्शाता है कि प्रशासन त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। शब-ए-बरात सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी है, जिसे मिल-जुलकर मनाना चाहिए। पुलिस और प्रशासन की अपील है कि लोग आपसी भाईचारे के साथ इस पर्व को मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।
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