Jamshedpur Fight: जमशेदपुर में जिला परिषद सदस्यों के सम्मान की लड़ाई लड़ेंगी डॉ कविता परमार! अनियमितताओं पर लिया बड़ा फैसला
जमशेदपुर के बागबेड़ा कीताड़ीह की जिला परिषद सदस्य डॉ कविता परमार ने जिला परिषद में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ उपायुक्त और उप विकास आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने साफ कहा कि सदस्य का सम्मान और योजनाओं में पारदर्शिता के लिए वह एक दिवसीय धरना भी देंगी।
बागबेड़ा कीताड़ीह से जिला परिषद सदस्य डॉ कविता परमार ने शुक्रवार को जिला परिषद कार्यालय में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम कर्ण सत्यार्थी और उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान से शिकायत दर्ज कराई। डॉ परमार ने आरोप लगाया कि जिला परिषद सदस्य की अनुशंसा पर चल रही योजनाओं में मनमानी की जा रही है।
डॉ कविता परमार ने कहा कि योजनाओं में कार्यालय अपने चहेते संवेदकों को काम दिला रहा है। इसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता। शिकायत मिलने के बावजूद बिना जांच किए पेमेंट कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
उन्होंने विशेष रूप से V.R. Enterprises द्वारा किए गए कार्यों का जिक्र किया। उत्तरी बागबेड़ा पंचायत के शीतला मंदिर में जलमीनार और पूर्वी बागबेड़ा पंचायत के हनुमान मंदिर के पास नाला निर्माण में गुणवत्ता में कमी की शिकायत की गई थी। बावजूद इसके संवेदक द्वारा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया गया और विभाग ने बिना जांच पूरा भुगतान कर दिया।
डॉ परमार ने कहा, "यह किसी के इशारे पर हो रहा है। यह सिर्फ मेरे क्षेत्र में नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी चल रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिला परिषद कार्यालय पर एक दिवसीय धरना देकर अपनी बात मजबूती से रखेंगी।
डॉ कविता परमार ने कहा कि जिला परिषद सदस्य की अनुशंसा का सम्मान होना चाहिए। योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब जनता के पैसे का सही उपयोग हो, यही उनका उद्देश्य है।
इस मामले में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने गंभीरता दिखाते हुए डॉ परमार को भरोसा दिया कि जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिला परिषद सदस्यों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
अब यह मामला चर्चा में है। स्थानीय लोग डॉ परमार की पहल का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि योजनाओं में भ्रष्टाचार रोकना जरूरी है। यह मामला आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।
डॉ परमार की यह पहल जिला परिषद में पारदर्शिता और जनहित की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इस पर होने वाली कार्रवाई से कई सवालों का जवाब मिलेगा।
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