Giridih Action: बड़ा खुलासा, गैस कनेक्शन काटने के नाम पर लूट, गिरिडीह में पकड़े गए शातिर साइबर ठग, महाराष्ट्र तक फैले थे तार
गिरिडीह पुलिस ने गैस कनेक्शन काटने का फर्जी डर दिखाकर लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है। प्रतिबिंब पोर्टल की सूचना पर हुई इस बड़ी गिरफ्तारी और ठगी के उस नए 'गैस लिंक' वाले तरीके की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है वरना आप भी इस चालाकी भरे जाल में फंसकर अपनी जमापूंजी गँवा सकते हैं।
गिरिडीह, 27 दिसंबर 2025 – झारखंड का गिरिडीह जिला एक बार फिर साइबर अपराधियों के खिलाफ युद्ध का मैदान बन गया है। गिरिडीह पुलिस ने एक बेहद शातिर और नए किस्म के 'गैस डिस्कनेक्शन घोटाले' का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। ये अपराधी महाराष्ट्र जैसे राज्यों के लोगों को अपना निशाना बना रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर अपराध की दुनिया में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि पकड़े गए ठगों के पास से बरामद तकनीक और उनके काम करने का तरीका (Modus Operandi) हैरान करने वाला है।
प्रतिबिंब पोर्टल का 'अलर्ट' और पुलिस की रेड
इस बड़ी सफलता के पीछे तकनीक और पुलिस की मुस्तैदी का बड़ा हाथ है।
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सटीक सूचना: गिरिडीह पुलिस अधीक्षक (SP) को 'प्रतिबिंब पोर्टल' के माध्यम से पुख्ता जानकारी मिली थी कि बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बिशुनपुर इलाके में कुछ युवक संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों में संलिप्त हैं।
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छापेमारी दल का गठन: सूचना मिलते ही साइबर थाना गिरिडीह के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर बिशुनपुर में धावा बोला और मौके से दो अपराधियों को दबोच लिया, जबकि उनका एक साथी भागने में सफल रहा।
MNGL के नाम पर 'गैस कट' का खौफ: कैसे होती थी ठगी?
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों, आनंद कुमार और रिंकू कुमार, ने जो खुलासे किए वे किसी को भी चौंका सकते हैं।
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फर्जी गैस नोटिस: ये अपराधी Maharashtra Natural Gas Limited (MNGL) के नाम से लोगों को फर्जी मैसेज भेजते थे।
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डिस्कनेक्शन का डर: मैसेज में लिखा होता था कि "आपका गैस बिल जमा नहीं है, आज रात कनेक्शन काट दिया जाएगा।"
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खतरनाक लिंक: डर के मारे जब ग्राहक मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करता, तो उनके फोन का कंट्रोल अपराधियों के पास चला जाता या वे फर्जी पेमेंट गेटवे के जरिए खाते से पैसे उड़ा लेते थे।
पुलिस की जब्ती और गिरोह का विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार आरोपी | आनंद कुमार, रिंकू कुमार (बिशुनपुर, बेंगाबाद) |
| जब्त सामान | 3 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड, 2 मोटरसाइकिल |
| ठगी का तरीका | फर्जी Gas Disconnection लिंक |
| सॉफ्टवेयर का नाम | MNGL (Maharashtra Natural Gas Ltd) |
| पुलिस टीम | साइबर थाना गिरिडीह स्पेशल टीम |
ऐतिहासिक संदर्भ: जामताड़ा से गिरिडीह तक का सफर
झारखंड के कुछ इलाके पिछले एक दशक से साइबर अपराध के लिए कुख्यात रहे हैं। शुरू में यह केवल बैंक अधिकारी बनकर 'OTP' पूछने तक सीमित था। लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद अपराधियों ने अब 'गैस बिल', 'बिजली बिल' और 'केवाईसी' जैसे नए हथकंडे अपना लिए हैं। गिरिडीह अब इस अपराध का नया केंद्र बनता जा रहा है, जिसे रोकने के लिए झारखंड पुलिस अब 'प्रतिबिंब' जैसे आधुनिक पोर्टल का इस्तेमाल कर रही है, जो अपराधियों की लोकेशन को रियल-टाइम में ट्रैक करता है।
फरार आरोपी की तलाश तेज
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद 3 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलों की जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इन मोबाइल फोन के जरिए सैकड़ों लोगों को चूना लगाया गया है। इनके बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की भी पड़ताल हो रही है ताकि ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार तीसरे आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसे पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
आपकी एक गलती पड़ सकती है भारी
गैस डिस्कनेक्शन के नाम पर होने वाली यह ठगी केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, यह किसी के साथ भी हो सकती है। गिरिडीह पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, लेकिन जनता को अब भी सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी अनजाने लिंक पर क्लिक करना आपकी मेहनत की कमाई को एक पल में खत्म कर सकता है।
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