Mango Clash: मानगो में दुकान कब्जे को लेकर चले लात-घूंसे, 20 लाख की चोरी और दीवार तोड़ने का संगीन आरोप
जमशेदपुर के मानगो बाजार में दुकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। मारपीट और तोड़फोड़ के बीच एक पक्ष ने दीवार तोड़कर 20 लाख के कपड़े चोरी करने का दावा किया है। व्यस्त बाजार में हुई इस भिड़ंत से दहशत फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, पूरी खबर यहाँ देखें।
जमशेदपुर/मानगो, 14 मार्च 2026 – लौहनगरी के व्यस्ततम इलाकों में शुमार मानगो बाजार शुक्रवार की रात रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दुकान पर मालिकाना हक और कब्जे की जंग ने दो पक्षों के बीच ऐसी हिंसक शक्ल अख्तियार की कि देखते ही देखते लात-घूंसे और तोड़फोड़ शुरू हो गई। रिश्तेदारों के बीच चल रहे इस जमीनी विवाद ने बाजार में मौजूद खरीदारों और दुकानदारों के बीच दहशत पैदा कर दी। सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों गुटों को शांत कराया। फिलहाल, आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर जारी है, जिसमें चोरी और डकैती जैसे संगीन मामले भी जुड़ गए हैं।
केयरटेकर या मालिक? ईंट गिराने से बढ़ा विवाद
विवाद की जड़ बिहारी लाल शर्मा और सुनील शर्मा के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है। शुक्रवार की रात यह लावा फूट पड़ा।
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बिहारी लाल का आरोप: पुलिस को दिए बयान में बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि दुकान उनकी है और सुनील शर्मा वहां महज एक केयरटेकर के रूप में काम करता था। आरोप है कि सुनील अब पूरी दुकान हड़पना चाहता है। तीन दिन पहले दुकान के सामने ईंटें गिराकर रास्ता बंद कर दिया गया और शुक्रवार रात पूरे परिवार के साथ आकर उनके साथ मारपीट की गई।
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रास्ता रोकने की कोशिश: बिहारी लाल का दावा है कि सोची-समझी साजिश के तहत उनके व्यापार को रोकने की कोशिश की जा रही है।
दीवार तोड़कर 20 लाख की चोरी? दूसरे पक्ष का बड़ा दावा
वहीं, मामले के दूसरे पक्ष लक्ष्मी नारायण शर्मा ने कहानी का एक बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला पहलू सामने रखा है।
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रिश्तों में दरार: लक्ष्मी नारायण के अनुसार, बिहारी लाल शर्मा उनके सगे मौसा लगते हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस दुकान को लेकर विवाद है, वह उनके नाम पर रजिस्टर्ड है।
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संगीन आरोप: लक्ष्मी नारायण ने पुलिस को बताया कि उनके मौसा बिहारी लाल ने अपनी दुकान की दीवार तोड़कर उनके कपड़े के शोरूम में घुसपैठ की। आरोप है कि वहां से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के कीमती कपड़े चोरी कर लिए गए हैं।
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32 साल पुराना कारोबार: पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनकी दुकान तीन दशकों से अधिक पुरानी है और अब उन्हें बेदखल करने के लिए आपराधिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मानगो बाजार और दुकानों के 'लीज-पजेशन' का पेच
मानगो बाजार का इतिहास जमशेदपुर के सबसे पुराने व्यापारिक केंद्रों में से एक रहा है।
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घनी बसावट और विवाद: जैसे-जैसे जमशेदपुर की आबादी बढ़ी, मानगो में व्यावसायिक जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगीं।
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अतीत के विवाद: मानगो के इतिहास में 'केयरटेकर' द्वारा दुकानों पर कब्जा करने और पारिवारिक बंटवारे के हिंसक मोड़ लेने की घटनाएं नई नहीं हैं। 1990 के दशक के बाद से यहाँ कई ऐसी संपत्तियां हैं जो लीज या मौखिक समझौतों पर टिकी थीं, जो अब अगली पीढ़ी के आते ही अदालती और सड़क की लड़ाई में बदल गई हैं। बिहारी लाल और सुनील शर्मा का यह मामला भी इसी पुराने 'पजेशन' (कब्जे) के खेल का हिस्सा नजर आता है, जहाँ कागजों से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल वर्चस्व के लिए किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी खंगालने की तैयारी
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा हिंसा न हो।
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लिखित शिकायत: मानगो थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन लिए जा रहे हैं।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि दीवार किसने तोड़ी और क्या वाकई 20 लाख की चोरी हुई है या यह केवल मामला उलझाने का एक पैंतरा है।
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अपील: पुलिस ने स्थानीय दुकानदारों से शांति बनाए रखने की अपील की है और साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मानगो बाजार की यह घटना दर्शाती है कि शहर के भीतर व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक विवाद किस कदर कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। 20 लाख की चोरी और सरेआम मारपीट ने पुलिस की गश्ती पर भी सवाल उठाए हैं। अब सबकी नजर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे साफ होगा कि इस दुकान का असली हकदार कौन है।
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