Chakradharpur Shock: डांगुवापोसी रेलवे क्वार्टर में करंट से मौत! कपड़े टांगते ही इंजीनियरिंग स्टाफ की गई जान, विभाग की 'मानवता' पर सवाल
चक्रधरपुर रेल मंडल के डांगुवापोसी में रेलवे क्वार्टर में जर्जर वायरिंग के कारण करंट लगने से इंजीनियरिंग स्टाफ पवन कुमार की मौत हो गई। उनकी मौत का पता अगले दिन सुबह चला। इस दुखद घटना के बाद भी इंजीनियरिंग विभाग के किसी सुपरवाइजर या स्टाफ का मौके पर न पहुंचना मानवीय संवेदनहीनता को दर्शाता है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के डांगुवापोसी से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां रेलवे क्वार्टर की जर्जर और असुरक्षित वायरिंग के कारण बिजली का करंट लगने से इंजीनियरिंग स्टाफ के एक मेहनती कर्मचारी पवन कुमार की दर्दनाक मौत हो गई है। यह घटना न केवल रेलवे के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि रेलवे क्वार्टरों की सुरक्षा और रखरखाव की खराब स्थिति को भी उजागर करती है।
जिस तरह से यह दुखद हादसा हुआ है, वह अमानवीय है। पवन कुमार, जो रविवार को अपनी ड्यूटी खत्म कर अपने रेलवे क्वार्टर लौटे थे, उन्हें पता भी नहीं था कि उनका आशियाना ही उनके लिए मृत्यु का फंदा बन चुका है।
कपड़े टांगने के तार में दौड़ रहा था मौत का करंट
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, पवन कुमार जब घर में ही कपड़ा टांग रहे थे, तभी करंट की चपेट में आ गए।
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खतरा: बताया जाता है कि रेलवे क्वार्टर में बिजली का करंट दौड़ रहा था, यानी पूरी वायरिंग असुरक्षित थी। जब पवन कुमार ने कपड़े टांगने के तार को छुआ, तो उन्हें जोर का झटका लगा।
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अकेले मौत: रेल आवास में अकेले रहने वाले पवन कुमार की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। उनकी मौत का पता अगले दिन सोमवार सुबह चला, जब वह अपनी ड्यूटी पर नहीं गए।
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साथियों को मिली जानकारी: जब उनके साथी कर्मचारी उन्हें देखने उनके घर आए, तो उन्हें पवन कुमार मृत पाए गए।
मेहनती और ईमानदार कर्मचारी पवन कुमार की मौत की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन और उनके सहयोगियों में शोक की लहर फैल गई है।
'मानवता की कमी' पर गंभीर सवाल
इस दुखद घटना से भी ज्यादा निंदनीय बात यह सामने आई है कि मंडल के अभियंता विभाग में मानवता की कमी का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है।
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अमानवीय व्यवहार: ट्रैक मैंटेनर पवन की जर्जर इलेक्ट्रिक वायरिंग के चपेट में आकर जान चली गई, लेकिन इस दुखद घटना के बाद भी, एक भी इंजीनियरिंग सुपरवाइजर या स्टाफ उसके घर नहीं पहुंचा!
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वरीय अधिकारियों को सूचना: पूरी घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई है। यह मानवीय संवेदनहीनता न केवल नैतिकता के बल्कि कर्मचारी कल्याण के मानकों पर भी सवाल खड़े करती है।
रेलवे प्रशासन ने पवन कुमार के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस घटना की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना रेलवे के बिजली विभाग और क्वार्टर मेंटेनेंस सिस्टम में तत्काल सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है, ताकि भविष्य में किसी और कर्मचारी को ऐसी असुरक्षित परिस्थिति में अपनी जान न गंवानी पड़े।
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