Seraikela Incident: दबंगई बरसी: आरआईटी क्षेत्र में शराबी का नंगा नाच, पैसे न देने पर फल विक्रेता को सरेराह लहूलुहान किया, तमाशबीन बनी रही भीड़

सरायकेला के आरआईटी थाना अंतर्गत वार्ड 28 में एक शराबी ने फल विक्रेता रवि प्रजापति पर जानलेवा हमला कर दिया है। शराब के लिए पैसे न देने पर सरेआम हुई इस मारपीट और इलाके में बढ़ती गुंडागर्दी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 18, 2026 - 18:28
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Seraikela Incident: दबंगई बरसी: आरआईटी क्षेत्र में शराबी का नंगा नाच, पैसे न देने पर फल विक्रेता को सरेराह लहूलुहान किया, तमाशबीन बनी रही भीड़
Seraikela Incident: दबंगई बरसी: आरआईटी क्षेत्र में शराबी का नंगा नाच, पैसे न देने पर फल विक्रेता को सरेराह लहूलुहान किया, तमाशबीन बनी रही भीड़

सरायकेला/आदित्यपुर, 18 मार्च 2026 – औद्योगिक क्षेत्र से सटे आरआईटी थाना अंतर्गत वार्ड संख्या 28 में दबंगई और संवेदनहीनता का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोड नंबर 32 के मुख्य मोड़ पर एक सिरफिरे शराबी ने मामूली विवाद के बाद फल विक्रेता रवि प्रजापति पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस वक्त यह गरीब दुकानदार सरेराह पिट रहा था, उस वक्त व्यस्त सड़क पर मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग मदद करने के बजाय मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। लोगों की इस बेरुखी ने अपराधी के हौसले और बुलंद कर दिए।

शराब के लिए 'अवैध वसूली': इनकार पर बरसे घूंसे

पीड़ित फल विक्रेता रवि प्रजापति ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह पिछले दो दिनों से रोड नंबर 32 मोड़ के पास अपनी छोटी सी दुकान लगाकर रोजी-रोटी कमा रहा है।

  • दो दिन से टॉर्चर: एक स्थानीय दबंग शराबी पिछले दो दिनों से लगातार रवि के पास आकर शराब पीने के लिए पैसों की मांग कर रहा था।

  • खूनी संघर्ष: मंगलवार को जब रवि ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और शराबी की हरकतों का विरोध जताया, तो आरोपी ने आपा खो दिया। उसने बीच सड़क पर रवि पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए।

  • लहूलुहान चेहरा: हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रवि की नाक और मुंह से भारी खून बहने लगा। काफी देर तक सड़क पर यह ड्रामा चलता रहा, लेकिन भीड़ केवल तमाशबीन बनी रही।

दहशत का राज: दुकानदारों को बनाया जा रहा निशाना

रवि प्रजापति का आरोप है कि इलाके में एक खतरनाक चलन शुरू हो गया है।

  1. गलत आदत: रवि के अनुसार, इलाके की कुछ अन्य दुकानों द्वारा उक्त शराबी को कथित तौर पर रुपये देने की आदत डाल दी गई है, जिसके कारण वह हर दुकानदार से अवैध वसूली (रंगदारी) की कोशिश करता है।

  2. जान से मारने की धमकी: घटना की सूचना जैसे ही स्थानीय पुलिस को दी गई, आरोपी शराबी रवि को 'देख लेने' और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया।

  3. न्याय की गुहार: पीड़ित दुकानदार ने आरआईटी पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है ताकि गरीब तबके के लोग बिना किसी डर के अपना व्यापार कर सकें।

आरआईटी और आदित्यपुर बेल्ट में 'सड़क छाप' गुंडागर्दी का पुराना दर्द

आदित्यपुर और आरआईटी थाना क्षेत्र का इतिहास औद्योगिक विकास के साथ-साथ 'स्ट्रीट क्राइम' के संघर्ष से भी जुड़ा रहा है।

  • मजदूर बहुल इलाका: ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक हब (आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया) का हिस्सा है। यहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और छोटे दुकानदार बसते हैं।

  • शराब और अपराध का गठजोड़: 90 के दशक से ही इस इलाके में अवैध शराब की भट्टियों और नशेड़ियों का बोलबाला रहा है। इतिहास गवाह है कि आरआईटी थाना क्षेत्र के रोड नंबर 32 और आसपास के मोड़ हमेशा से असामाजिक तत्वों के जमावड़े के केंद्र रहे हैं। 2018 में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी जहाँ एक सब्जी विक्रेता को रंगदारी न देने पर गंभीर रूप से घायल किया गया था।

  • बदलती संवेदनहीनता: पहले के समय में मोहल्ले के लोग एकजुट होकर ऐसे असामाजिक तत्वों का मुकाबला करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में 'भीड़ का मूकदर्शक बनना' एक ऐतिहासिक गिरावट को दर्शाता है। रवि प्रजापति के साथ हुई यह घटना साबित करती है कि अपराधियों में अब पुलिस का खौफ कम और जनता की चुप्पी का फायदा उठाने की प्रवृत्ति बढ़ गई है।

पुलिस की चुनौती: असामाजिक तत्वों पर नकेल कब?

आरआईटी पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है और आरोपी की पहचान की जा रही है।

  • सघन गश्ती की मांग: स्थानीय दुकानदारों ने मांग की है कि शाम के वक्त मोड़ और व्यस्त चौराहों पर पुलिस की गश्ती बढ़ाई जाए ताकि शराबियों के जमावड़े को रोका जा सके।

  • सीसीटीवी की तलाश: पुलिस आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

आरआईटी रोड नंबर 32 की यह घटना केवल एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह एक गरीब की मेहनत और समाज की नैतिकता पर हमला है। रवि प्रजापति जैसे छोटे दुकानदार शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और अगर वे ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो कानून-व्यवस्था का क्या अर्थ रह जाएगा? क्या आरआईटी पुलिस इस दबंग शराबी को पकड़कर मिसाल पेश करेगी, या 'तमाशबीन' बनी भीड़ की तरह प्रशासन भी ढीला रवैया अपनाएगा?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।