Chaibasa Murder : चाईबासा के चालमी में मर्डर मिस्ट्री का अंत, नशे में गाली और बहन से विवाद बनी मौत की वजह, कुएं से निकला राज
चाईबासा के टोंटो थाना अंतर्गत चालमी गांव में हुई श्रीधर बारी की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। नशे में गाली-गलौज और पुरानी रंजिश के कारण लकड़ी से पीटकर हत्या करने के बाद शव को पत्थर से बांधकर कुएं में फेंका गया था। गिरफ्तार आरोपी लक्ष्मण हेस्सा और फरार जीजा की पूरी कहानी यहाँ देखें।
चाईबासा/पश्चिम सिंहभूम, 20 मार्च 2026 – झारखंड के चाईबासा स्थित टोंटो थाना क्षेत्र के चालमी (लंगकुटा) गांव में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कुएं में पत्थर से बांधकर फेंकी गई लाश के पीछे छिपी खूनी दास्तां का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी लक्ष्मण हेस्सा (24) को दबोच लिया है। यह हत्या महज नशे की हालत में हुई गाली-गलौज और बहन के साथ हुए पुराने विवाद का बदला लेने के लिए की गई थी। एसपी चाईबासा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।
कुएं के पास खून और झाड़ियों में कपड़े: ऐसे शुरू हुई जांच
घटना की शुरुआत 2 मार्च की सुबह हुई, जब चालमी गांव के मुंडा ने पुलिस को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली सूचना दी।
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खौफनाक मंजर: रामसिंह हेस्सा के खेत में स्थित एक कुएं के पास भारी मात्रा में खून गिरा हुआ था और पास की झाड़ियों में फटे हुए कपड़े फेंके गए थे। ग्रामीणों को अंदेशा था कि किसी की हत्या कर शव को कुएं में ठिकाने लगा दिया गया है।
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पुलिस की दबिश: सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर के नेतृत्व में टीम ने कुएं से शव निकाला। मृतक की पहचान श्रीधर बारी के रूप में हुई, जो अपने चाचा के साथ गांव में पर्व मनाने आया था।
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गिरफ्तारी: वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन 19 मार्च को पुलिस ने घेराबंदी कर लक्ष्मण हेस्सा को धर दबोचा।
कत्ल की इनसाइड स्टोरी: नशे की सनक और जीजा का साथ
पूछताछ में लक्ष्मण हेस्सा ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं।
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गाली-गलौज और पुरानी रंजिश: मृतक श्रीधर बारी नशे की हालत में लक्ष्मण के घर गया था। वहां दोनों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज हुई। लक्ष्मण की बहन लक्ष्मी हेस्सा के साथ श्रीधर का पहले से ही विवाद चल रहा था, जिसने आग में घी का काम किया।
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लकड़ी से वार: गुस्से में आकर लक्ष्मण और उसके जीजा गणेश पुरती ने जलावन की लकड़ी से श्रीधर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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साक्ष्य मिटाने की कोशिश: पकड़े जाने के डर से दोनों ने शव को रस्सी के सहारे भारी पत्थर से बांधा और गहरे कुएं में फेंक दिया ताकि लाश ऊपर न आ सके। पुलिस ने लक्ष्मण की निशानदेही पर खून से सनी लकड़ी और मृतक का जैकेट बरामद कर लिया है।
फरार जीजा की तलाश: पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी
गिरफ्तार लक्ष्मण हेस्सा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, लेकिन पुलिस की फाइल अभी बंद नहीं हुई है।
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अगला निशाना: पुलिस अब लक्ष्मण के जीजा और हत्या के सह-आरोपी गणेश पुरती की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि उसे भी जल्द ही सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।
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वैज्ञानिक साक्ष्य: पुलिस के पास बरामद की गई खून से सनी लकड़ी और अन्य फोरेंसिक सबूत कातिलों को कड़ी सजा दिलाने के लिए काफी हैं।
चाईबासा के टोंटो में हुई यह हत्या बताती है कि क्षणिक गुस्सा और नशे की लत किस तरह एक हंसते-खेलते त्योहार को मातम में बदल सकती है। श्रीधर बारी की मौत ने उसके परिवार को गहरा जख्म दिया है, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न्याय की उम्मीद जगाई है। क्या पुलिस फरार गणेश पुरती को गिरफ्तार कर इस खूनी साजिश के आखिरी किरदार को भी अंजाम तक पहुँचा पाएगी?
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