Jharkhand Weather: झारखंड में आसमानी आफत का साया, अगले 72 घंटे भारी, रांची समेत 12 जिलों में ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी
झारखंड में मौसम ने खतरनाक करवट ली है। रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका है। कोडरमा में पारा 14 डिग्री तक गिरा। सावधान रहें और मौसम की ताजा रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/राजधानी, 19 मार्च 2026 – झारखंड के आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया है और प्रकृति का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मार्च की तपती गर्मी की आहट के बीच, अचानक हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे राज्य को 'ठिठुरने' पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी रांची सहित राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों तक झारखंड के सिर पर वज्रपात (बज्रपात) और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का खतरा मंडरा रहा है। कोडरमा में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 14.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है, जिसने मार्च के महीने में जनवरी वाली सिहरन पैदा कर दी है।
रांची से जमशेदपुर तक 'झमाझम': बिजली की कड़क ने डराया
बीते 24 घंटों में झारखंड के प्रमुख शहरों का नजारा किसी हिल स्टेशन जैसा हो गया है।
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भीषण बारिश: रांची, बोकारो, गोड्डा और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में देर रात हुई तेज गर्जना ने लोगों की नींद उड़ा दी। लगातार दो घंटे तक कड़की बिजली और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है।
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तापमान में गोता: ठंडी हवाओं के चलते अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री के बीच सिमट गया है। शाम ढलते ही लोग एक बार फिर से अलमारी में रखे गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए हैं।
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ओलावृष्टि का प्रहार: रांची के कई इलाकों में बर्फ के गोले (ओले) गिरे हैं, जिससे सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई। इससे यातायात भी घंटों बाधित रहा।
12 जिलों पर 'ऑरेंज अलर्ट' की तलवार
मौसम विभाग ने वज्रपात की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विशेष चेतावनी जारी की है।
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अति संवेदनशील जिले: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, और धनबाद में सबसे ज्यादा खतरा है।
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संथाल और कोल्हान: देवघर, साहिबगंज, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, कोडरमा, सरायकेला और पश्चिमी सिंहभूम में भी आसमानी बिजली गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है।
किसानों के लिए 'रेड सिग्नल': फसलों पर संकट
अन्नदाताओं के लिए यह बारिश किसी आफत से कम नहीं है।
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फसलों को नुकसान: ओलावृष्टि और तेज हवाओं से गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है।
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सावधानी की सलाह: मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जाने से बचने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।
झारखंड में अगले 72 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। 'ऑरेंज अलर्ट' का मतलब है कि खतरा आपके दरवाजे पर है। बिजली कड़कने के दौरान घरों के भीतर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। राजधानी रांची और औद्योगिक शहर जमशेदपुर में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। क्या बेमौसम की यह मार झारखंड के किसानों की कमर तोड़ देगी, या अगले तीन दिनों के बाद सूरज की तपिश फिर से वापसी करेगी?
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