Ranchi Tragedy: रांची के धुर्वा डैम में बीआईटी छात्रा ने दी जान, सेल सिटी की निमिषा झा की डूबने से मौत
रांची के धुर्वा डैम में बीआईटी लालपुर की छात्रा निमिषा झा ने पानी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। सेल सिटी की रहने वाली इस युवती के आत्मघाती कदम और गोताखोरों द्वारा शव बरामद किए जाने की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/राजधानी, 19 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र स्थित धुर्वा डैम से एक विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार को बीआईटी (BIT) लालपुर की एक होनहार छात्रा निमिषा झा ने डैम के गहरे पानी में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुंदाग ओपी क्षेत्र के पॉश इलाके सेल सिटी की रहने वाली निमिषा के इस कदम ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। घटना के वक्त डैम के किनारे मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही छात्रा पानी की लहरों में ओझल हो गई। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला है।
डैम किनारे 'अकेली' छात्रा: प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
गुरुवार की दोपहर धुर्वा डैम के पास अन्य दिनों की तरह ही चहल-पहल थी, लेकिन एक युवती की खामोशी ने सबको चौंका दिया।
-
अचानक उठाया कदम: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निमिषा काफी देर से डैम के किनारे अकेली खड़ी थी। उसके चेहरे पर गहरा तनाव साफ दिख रहा था। इससे पहले कि कोई उससे कुछ पूछता, उसने अचानक पानी में छलांग लगा दी।
-
मदद की गुहार: शोर मचते ही स्थानीय लोग मौके पर जुटे और तुरंत नगड़ी थाना पुलिस को सूचना दी गई।
-
रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही पुलिस टीम गोताखोरों के साथ पहुँची। काफी तलाश के बाद निमिषा का बेजान शरीर पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद सेल सिटी के पड़ोसियों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बीआईटी लालपुर की छात्रा: आखिर क्या थी वजह?
निमिषा झा रांची के प्रतिष्ठित संस्थान बीआईटी लालपुर की छात्रा बताई जा रही है।
-
अनसुलझी पहेली: एक मेधावी छात्रा का इस तरह मौत को गले लगाना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह पढ़ाई का दबाव था, कोई निजी परेशानी या मानसिक अवसाद?
-
जांच में जुटी पुलिस: पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन और बैग बरामद कर लिया है। कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
धुर्वा डैम और रांची का 'वॉटर सुसाइड' का काला रिकॉर्ड
धुर्वा डैम, जिसे 'हटिया डैम' के नाम से भी जाना जाता है, रांची के ऐतिहासिक और सबसे महत्वपूर्ण जल निकायों में से एक है।
-
निर्माण का उद्देश्य: 1960 के दशक में एचईसी (HEC) कारखाने और आसपास की आबादी को पानी पहुँचाने के लिए इस डैम का निर्माण किया गया था। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण हमेशा से पर्यटकों का पसंदीदा रहा है।
-
एक डरावना ऐतिहासिक ट्रेंड: विडंबना यह है कि पिछले दो दशकों में धुर्वा डैम केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि आत्महत्याओं के 'हॉटस्पॉट' के रूप में भी बदनाम हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि 2015 से 2025 के बीच यहाँ दर्जनों युवाओं ने जान दी है।
-
पॉश इलाकों का मानसिक संकट: निमिषा का सेल सिटी जैसे समृद्ध इलाके से होना एक पुराने सामाजिक पैटर्न की ओर इशारा करता है। इतिहास गवाह है कि रांची के हाई-प्रोफाइल इलाकों में रहने वाले युवाओं में 'परफॉर्मेंस प्रेशर' और 'आइसोलेशन' बढ़ रहा है। सेल सिटी, जो सेल (SAIL) के अधिकारियों और प्रतिष्ठित परिवारों का निवास स्थान है, वहां से ऐसी घटना आना बताती है कि सुविधाओं के बीच भी मानसिक स्वास्थ्य का संकट कितना गहरा है। बीआईटी लालपुर जैसे संस्थानों के छात्रों का इस तरह का इतिहास रहा है जहाँ प्रतिस्पर्धा की दौड़ कई बार घातक साबित हुई है। धुर्वा डैम की लहरें आज फिर उसी ऐतिहासिक विफलता की गवाह बनी हैं जहाँ हम अपने युवाओं को सुरक्षित महसूस कराने में नाकाम रहे।
परिजनों का कोहराम: रिम्स भेजा गया शव
जैसे ही निमिषा की मौत की खबर सेल सिटी पहुँची, वहां मातम पसर गया। परिजन बदहवास हालत में डैम पर पहुँचे।
-
पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेज दिया है।
-
बयान दर्ज: नगड़ी थाना पुलिस ने परिजनों के शुरुआती बयान दर्ज किए हैं, हालांकि अभी तक किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
निमिषा झा की मौत ने एक बार फिर रांची के युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। धुर्वा डैम की खूबसूरती के पीछे छिपे इस दर्दनाक सच को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक उभरता हुआ करियर और एक युवा जिंदगी का यूँ खत्म होना समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। क्या पुलिस की जांच उन अंधेरे कोनों तक पहुँच पाएगी जहाँ निमिषा जैसी छात्राएं खुद को अकेला पाती हैं?
What's Your Reaction?


