Sonari Chaitra Navratri Inauguration : जमशेदपुर के सोनारी में बाबा केदारनाथ के दर्शन, समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने किया 'उपकार संघ' का भव्य उद्घाटन
जमशेदपुर के सोनारी स्थित कमल चौक पर उपकार संघ द्वारा आयोजित चैत्र नवरात्र पूजा पंडाल का समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने उद्घाटन किया है। इस वर्ष केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की भव्य कलाकृति श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सोनारी में सजे इस दिव्य दरबार की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सोनारी, 20 मार्च 2026 – लौहनगरी के सोनारी क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अनूठा समागम देखने को मिल रहा है। सोनारी स्थित कमल चौक, बुधराम मोहल्ला में उपकार संघ द्वारा आयोजित भव्य चैत्र नवरात्र पूजा का शुभारंभ गुरुवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और शहर के सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री शिवशंकर सिंह ने विधिवत फीता काटकर पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही पूरा क्षेत्र 'जय माता दी' और 'हर हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा। इस बार उपकार संघ ने अपनी कलात्मक सोच से सोनारी की गलियों में हिमालय की दिव्यता उतार दी है।
सोनारी में केदारनाथ: श्रद्धा और कला का बेजोड़ संगम
इस वर्ष उपकार संघ ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ ऐसा पेश किया है जो उनकी आंखों को सुकून और मन को शांति दे रहा है।
-
थीम आधारित पंडाल: पंडाल के माध्यम से बाबा केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के भव्य स्वरूप को दर्शाया गया है। केदारघाटी जैसी अनुभूति कराने वाले इस पंडाल की नक्काशी और लाइटिंग ने हर किसी का मन मोह लिया है।
-
शिवशंकर सिंह का संदेश: उद्घाटन के पश्चात समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने पंडाल की बारीकियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल हमारी संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में एकता का संचार भी करते हैं। उन्होंने क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए माँ जगदम्बे के चरणों में प्रार्थना की।
-
समिति की मुस्तैदी: उपकार संघ के अध्यक्ष सतपाल साहू और उनकी पूरी टीम ने अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
भक्ति का उत्सव: प्रतिपदा से अष्टमी तक होंगे विशेष आयोजन
उपकार संघ ने केवल पंडाल ही नहीं, बल्कि भक्तों की आध्यात्मिक तृप्ति के लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार किए हैं।
-
धार्मिक अनुष्ठान: प्रतिपदा से लेकर अष्टमी तक यहाँ प्रतिदिन विशेष आरती और पाठ का आयोजन किया जाएगा।
-
सांस्कृतिक कार्यक्रम: शाम के समय स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन और भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहेगा।
-
उपस्थित सदस्य: उद्घाटन के इस पावन अवसर पर उपाध्यक्ष उमाशंकर शर्मा, महासचिव विश्वकर्मा वर्मा, सचिव राजीव वर्मा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र साहू सहित साहिल शर्मा और बालकृष्ण साहू प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सोनारी और चैत्र नवरात्र—लौहनगरी की पुरानी सांस्कृतिक विरासत
जमशेदपुर का सोनारी इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी सघन आबादी और विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है।
-
बुधराम मोहल्ला का गौरव: सोनारी का बुधराम मोहल्ला और कमल चौक दशकों से शहर की धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहे हैं। 1970 और 80 के दशक के रिकॉर्ड बताते हैं कि जब टाटा स्टील के कर्मचारी इन इलाकों में बसे, तब से यहाँ सामुदायिक पूजा की नींव पड़ी।
-
चैत्र नवरात्र का महत्व: झारखंड और विशेषकर कोल्हान क्षेत्र में वासंती (चैत्र) नवरात्र का ऐतिहासिक महत्व रहा है। प्राचीन काल से ही किसान अपनी नई फसल और नववर्ष के आगमन पर शक्ति की उपासना करते आए हैं। सोनारी में 'उपकार संघ' जैसे संगठनों ने इस परंपरा को आधुनिक रूप दिया है।
-
केदारनाथ थीम का आकर्षण: जमशेदपुर के पूजा पंडालों का इतिहास हमेशा से 'थीम आधारित' रहा है। पहले यहाँ सादे तरीके से प्रतिमा स्थापित की जाती थी, लेकिन पिछले 15 वर्षों में केदारनाथ, बद्रीनाथ और काशी जैसे पवित्र धामों की प्रतिकृतियां बनाने का प्रचलन बढ़ा है। उपकार संघ ने इस बार केदारनाथ धाम को चुनकर उस ऐतिहासिक जुड़ाव को पुनर्जीवित किया है जहाँ शिव और शक्ति का मिलन होता है। शिवशंकर सिंह जैसे समाजसेवियों का ऐसे आयोजनों से जुड़ना यह दर्शाता है कि सोनारी की यह पूजा केवल एक मोहल्ले की नहीं, बल्कि पूरे शहर की साझा विरासत बन चुकी है।
दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की कतार
उद्घाटन के पहले ही दिन केदारनाथ स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया।
-
सुरक्षा और सुविधा: समिति के सदस्यों ने भीड़ को नियंत्रित करने और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
-
स्वच्छता पर जोर: कमल चौक के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि पंडाल की दिव्यता बरकरार रहे।
सोनारी के उपकार संघ ने इस बार केदारनाथ का भव्य स्वरूप दिखाकर श्रद्धालुओं को घर बैठे तीर्थाटन का अवसर प्रदान किया है। समाजसेवी शिवशंकर सिंह के हाथों हुए इस उद्घाटन ने पूजा की रौनक को और बढ़ा दिया है। सोनारी की गलियों में बजते शंख और माँ की आरती की आवाज यह बता रही है कि चैत्र नवरात्र की यह भक्ति अगले आठ दिनों तक शहर को ऊर्जावान रखेगी। क्या आपने अभी तक सोनारी के इस 'मिनी केदारनाथ' के दर्शन किए हैं?
What's Your Reaction?


