Manifit Clash: टेल्को में भैंस बांधने पर बवाल, कुदाल और ईंटों से जानलेवा हमला, मनीफीट में लहूलुहान हुआ परिवार
जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र अंतर्गत मनीफीट मंडल बस्ती में भैंस बांधने के मामूली विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया है। पड़ोसी सुमन गुप्ता और विकास द्वारा कुदाल व ईंटों से किए गए हमले में कृष्ण यादव और उनका बेटा अंकुश गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एमजीएम अस्पताल में जारी इलाज और वायरल वीडियो की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/टेल्को, 20 मार्च 2026 – लौहनगरी के टेल्को थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह शांति भंग हो गई। मनीफीट मंडल बस्ती में महज भैंस बांधने जैसी छोटी सी बात पर पड़ोसी इस कदर हैवान बन गए कि उन्होंने एक ही परिवार के दो सदस्यों को लहूलुहान कर दिया। इस हिंसक झड़प में कृष्ण यादव और उनका बेटा अंकुश कुमार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद बस्ती में तनाव का माहौल है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिलाएं और युवक हाथ में ईंट-पत्थर लेकर हमला करते दिख रहे हैं। फिलहाल घायलों का इलाज साकची स्थित एमजीएम (MGM) अस्पताल में चल रहा है।
कुदाल से वार और ईंटों की बौछार: दहशत भरी सुबह
कृष्ण यादव की बेटी नेहा कुमारी ने घटना का जो मंजर बयां किया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
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विवाद की जड़: पड़ोस में रहने वाली सुमन गुप्ता के साथ काफी समय से भैंस बांधने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। शुक्रवार सुबह यही बहस हाथापाई में बदल गई।
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अंकुश पर हमला: नेहा के मुताबिक, सुमन गुप्ता ने पहले ईंटों से हमला शुरू किया। इसके बाद उसने आव देखा न ताव और हाथ में मौजूद कुदाल से छोटे भाई अंकुश पर वार कर दिया, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा।
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बचाने आए पिता भी घायल: बेटे को लहूलुहान देख जब कृष्ण यादव उसे बचाने दौड़े, तो आरोपी सुमन, विकास और एक अन्य अज्ञात लड़के ने मिलकर उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया।
वीडियो में कैद हुई हैवानियत: पुलिस की देरी पर सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई थी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुँचती, आरोपी वारदात को अंजाम देकर निकल चुके थे।
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वायरल वीडियो: नेहा कुमारी द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि सुमन गुप्ता और उसके साथ मौजूद लोग किस तरह पत्थरबाजी कर रहे हैं। यह वीडियो अब पुलिस के लिए मुख्य सबूत बनने वाला है।
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अस्पताल में भर्ती: पुलिस के पहुँचने से पहले ही पड़ोसियों की मदद से दोनों घायलों को एमजीएम अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों के सिर और शरीर पर गहरे घाव हैं।
मनीफीट और टेल्को का श्रमिक बस्तियों वाला 'बकरी-भैंस' विवाद
जमशेदपुर का टेल्को इलाका ऐतिहासिक रूप से टाटा मोटर्स (पूर्व में टेल्को) के श्रमिकों और उनके परिवारों का गढ़ रहा है।
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बस्तियों का उदय: 1950 और 60 के दशक में जब टाटा मोटर्स का विस्तार हुआ, तो आसपास मनीफीट, मंडल बस्ती और बारीडीह जैसे क्षेत्रों में बस्तियां बसीं। इन बस्तियों का सामाजिक ढांचा ऐसा रहा है जहाँ लोग छोटे-मोटे पशुपालन (भैंस और बकरी) के जरिए अपनी आजीविका चलाते रहे हैं।
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जमीन और खूंटे का पुराना झगड़ा: ऐतिहासिक रूप से इन बस्तियों में घरों के बाहर 'खूंटा गाड़ने' या जानवर बांधने की जगह को लेकर विवादों का एक लंबा सिलसिला रहा है। 1980 के दशक के पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि टेल्को की इन श्रमिक बस्तियों में 40% छोटे झगड़े पशुपालन और सार्वजनिक नल पर पानी भरने को लेकर होते थे।
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अपराध का बदलता स्वरूप: पहले ये विवाद पंचायती या आपसी बातचीत से सुलझ जाते थे, लेकिन पिछले एक दशक में छोटी-छोटी बातों पर कुदाल और हथियारों का इस्तेमाल करना एक खतरनाक ऐतिहासिक मोड़ है। मनीफीट की यह घटना दिखाती है कि कैसे बढ़ती आबादी और सिमटती जगहों ने पड़ोसियों के बीच के सौहार्द को 'खूनी रंजिश' में तब्दील कर दिया है। कृष्ण यादव और सुमन गुप्ता के बीच का यह संघर्ष उसी ऐतिहासिक 'स्पेस क्रंच' (जगह की कमी) का नतीजा है जो जमशेदपुर की अनियोजित बस्तियों की बड़ी समस्या रही है।
अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पीड़ित परिवार ने ठान लिया है कि वे आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाकर ही दम लेंगे।
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प्राथमिकी दर्ज: एमजीएम अस्पताल में प्राथमिक उपचार और बयान दर्ज होने के बाद, पीड़ित परिवार टेल्को थाने में सुमन गुप्ता, विकास और उनके साथियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएगा।
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पुलिस का पक्ष: टेल्को पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
जमशेदपुर जैसे आधुनिक शहर में भैंस बांधने जैसी मामूली बात पर कुदाल चल जाना कानून-व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता पर बड़ा सवाल है। मनीफीट की गलियों में आज सन्नाटा है, लेकिन अस्पताल के बेड पर पड़े पिता-पुत्र उस सिस्टम की ओर देख रहे हैं जो समय पर उन्हें सुरक्षा नहीं दे पाया। क्या टेल्को पुलिस उन हमलावरों को गिरफ्तार करेगी जिन्होंने सरेआम एक परिवार को लहूलुहान कर दिया?
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