Hazaribagh Catch: उत्तम यादव गिरोह का कुख्यात सदस्य दानिश इकबाल दबोचा! फर्जी दस्तावेजों के दम पर छिपा था 'हवाई अड्डे' के पास, सनसनीखेज खुलासे
हजारीबाग की लोहसिंघना थाना पुलिस ने उत्तम यादव गिरोह के कुख्यात अपराधी दानिश इकबाल (बिहार निवासी) को गिरफ्तार किया है। वह हत्या, रंगदारी और भारतमाला प्रोजेक्ट पर बमबारी जैसी घटनाओं में वांछित था। पुलिस ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड समेत कई दस्तावेज जब्त किए हैं।
झारखंड और बिहार में हत्या, लूट, रंगदारी और फिरौती जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने वाले उत्तम यादव गिरोह के कुख्यात सदस्य दानिश इकबाल को हजारीबाग पुलिस ने सोमवार तड़के एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के गया जिले का निवासी यह अपराधी, जिसने झारखंड के ठेकेदारों और कारोबारियों में दहशत फैला रखी थी, लोहसिंघना थाना पुलिस के गुप्त ठिकाने पर मारा गया।
यह गिरफ्तारी सिर्फ एक कुख्यात अपराधी की नहीं है, बल्कि उस संगठित अपराध सिंडिकेट की कमर तोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर है, जो हजारीबाग, चतरा और औरंगाबाद जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्रों में अवैध वसूली को अंजाम दे रहा था। पुलिस का यह तेज एक्शन बताता है कि अपराधियों को अब झारखंड में कोई 'गुप्त ठिकाना' नहीं मिलेगा।
फर्जी दस्तावेजों का जाल और आधी रात का ऑपरेशन
पुलिस को 5 अक्टूबर 2025 की रात गुप्त सूचना मिली थी कि हत्या, लूट और हथियारबंदी जैसे मामलों में वांछित दानिश इकबाल लोहसिंघना क्षेत्र में हवाई अड्डा के पास अपने एक ठिकाने पर छिपा हुआ है।
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घेराबंदी: सूचना पर फौरन कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी ने सशस्त्र बल के साथ घेराबंदी की और रात करीब 2 बजे संदिग्ध आरोपी को दबोच लिया।
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फर्जीवाड़ा: गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उसके पास से कई चौंकाने वाले फर्जी दस्तावेज बरामद किए: आधार कार्ड, पैन कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, पांच सिम कार्ड और मोबाइल फोन। इन फर्जी दस्तावेजों के जाल की सहायता से ही वह लंबे समय से पुलिस से बचता रहा था।
उदय साव हत्याकांड और बमबारी का सनसनीखेज खुलासा
पूछताछ में दानिश इकबाल ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिसने उत्तम यादव गिरोह के नापाक मंसूबों को उजागर किया है।
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हत्याओं में संलिप्तता: उसने उदय साव हत्याकांड और अनवर अली मर्डर केस जैसी गंभीर वारदातों में अपनी संलिप्तता कुबूल की है।
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भारतमाला प्रोजेक्ट पर बमबारी: दानिश इकबाल ने यह भी कुबूल किया है कि वह भारतमाला प्रोजेक्ट कैंप पर बमबारी जैसी देश के विकास को प्रभावित करने वाली घटनाओं में शामिल था। यह गिरोह झारखंड और बिहार में ठेकेदारों और कारोबारियों से रंगदारी वसूलकर वित्तीय आतंक मचाता था।
पुलिस अधीक्षक ने लोहसिंघना थाना प्रभारी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस गिरफ्तारी से उत्तम यादव गिरोह को बड़ा झटका लगा है। दानिश इकबाल के खिलाफ बिहार और झारखंड में हत्या, विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट जैसे आठ से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
आपकी राय में, हत्या, रंगदारी और विस्फोटक अधिनियम जैसे गंभीर आरोपों वाले कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए किस एजेंसी के साथ सहयोग करना चाहिए?
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