Koderma Shocking Incident: बुजुर्ग ने दो मासूम बच्चियों से की हैवानियत, फिर जहर खाकर खुद को मारने की कोशिश!
कोडरमा में एक बुजुर्ग ने दो नाबालिग बच्चियों से किया दुष्कर्म, फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए खा लिया जहर। क्या प्रशासन इस तरह के अपराधों को रोकने में सक्षम है?

कोडरमा जिले के तिलैया (Tilaiya) थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 65 वर्षीय बुजुर्ग ने दो मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया। इस खौ़फनाक वारदात के बाद, गिरफ्तारी के डर से आरोपी ने जहर खा लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। अब वह अस्पताल में भर्ती है और हजारीबाग रेफर कर दिया गया है। इस मामले ने न केवल जिले को बल्कि पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है।
आखिर क्यों एक बुजुर्ग ने इतनी घिनौनी हरकत की? क्या इस घटना ने समाज की सुरक्षा के सवालों को और भी बढ़ा दिया है?
मासूम बच्चियों के साथ हुई हैवानियत: अंधेरे का फायदा उठाकर वारदात
घटना सोमवार शाम की है, जब दो मासूम बच्चियां दूध लेने आरोपी के घर गई थीं।
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पाँच साल की एक बच्ची और सात साल की दूसरी बच्ची घर के पास स्थित नरेश यादव उर्फ बाबू यादव के घर दूध लेने गई थीं।
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अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी ने बच्चियों को एक कमरे में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया।
बच्चियों की मां को जब संदेह हुआ तो उन्होंने तुरंत नरेश यादव के घर जाकर देखा। वहां उन्होंने अपनी बच्चियों को आरोपी के साथ गलत हरकतें करते हुए पाया। यह दृश्य इतना भयावह था कि बच्चियों की मां के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आरोपी ने जब बच्चियों की मां को देखा, तो उन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी दी, और घटना की जानकारी देने पर कोई भी कदम उठाने से मना किया।
अंधेरे में छिपी दरिंदगी: आरोपी ने क्यों किया ऐसा?
बुजुर्ग ने अपने उम्र के इस मोड़ पर इतना भयावह कृत्य क्यों किया? क्या उसे खुद की स्थिति पर कोई अफसोस था? पुलिस की जांच जारी है, लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर यह सवाल उठते हैं कि क्या इन तरह के अपराधों को पहले से रोका नहीं जा सकता था?
तिलैया (Tilaiya) जैसी शांत जगह में ऐसी घटना ने स्थानीय लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। शहर की महिलाएं और बच्चे अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
यह घटना इस बात का भी उदाहरण बन गई है कि बुजुर्गों के प्रति समाज का नजरिया कितना बदल चुका है। कभी जो लोग समाज के सम्मान के प्रतीक माने जाते थे, वहीं अब ऐसे घिनौने कृत्य कर रहे हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए जहर का सेवन!
जैसे ही आरोपी नरेश यादव के घर में पुलिस ने छापा मारा, उसने जहर खा लिया ताकि गिरफ्तारी से बच सके।
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आरोपी की स्थिति बेहद गंभीर हो गई, और उसे तुरंत सदर अस्पताल कोडरमा ले जाया गया।
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हालत बिगड़ने पर उसे हजारीबाग रेफर कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की स्थिति अब भी बेहोशी की हालत में है, और उसकी निगरानी की जा रही है।
क्या है पोक्सो एक्ट और क्यों है ये जरूरी?
इस मामले में पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह एक विशेष कानून है, जो बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से बचाव के लिए लागू किया गया है।
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पोक्सो एक्ट के तहत किसी भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने पर आरोपी को सख्त सजा का प्रावधान है।
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इस कानून का उद्देश्य है कि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों को कम से कम किया जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
क्या इस घटना से कोई सबक मिलेगा?
क्या समाज और प्रशासन इस घटना से कोई सीख लेगा?
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क्या पुलिस को पहले से अंदाजा नहीं था कि यह आरोपी किसी भी तरह के कृत्य को अंजाम दे सकता है?
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क्या प्रशासन को अब यह समझना चाहिए कि केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि समाज में जागरूकता और कड़ी निगरानी की जरूरत है?
क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने फौरन एक्शन लिया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए हैं।
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तिलैया थाना पुलिस ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
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बच्चियों के मेडिकल टेस्ट किए गए हैं, ताकि उनके साथ हुए अपराध का सही आकलन किया जा सके।
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साथ ही पुलिस आरोपी पर निगरानी रख रही है और उसकी इलाज प्रक्रिया को देख रही है।
क्या है समाज की जिम्मेदारी?
यह घटना हमें यह बताती है कि किसी भी समाज में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे अपराधों को केवल सजा से नहीं रोका जा सकता, बल्कि हमें समाज में जागरूकता फैलाने, बच्चों को खुद को सुरक्षित रखने के बारे में शिक्षा देने और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
यह घटना एक चेतावनी है, जो हमें यह समझाती है कि हर हाल में बच्चों को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
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