Jharkhand Tragedy: रीमिक्स फॉल बना 'मौत का तालाब', 4 दिन में 4 छात्रों की डूबने से मौत!
झारखंड के खूबसूरत रीमिक्स फॉल में 4 दिन में 4 छात्रों की डूबने से मौत! क्या यह झरना 'मौत का तालाब' बन गया है? जानिए हादसों की पूरी कहानी!

झारखंड का रीमिक्स फॉल (Remix Fall) जितना खूबसूरत है, उतना ही खतरनाक भी! बीते 4 दिनों में यहां 4 मासूम जिंदगियां गहरे पानी की भेंट चढ़ चुकी हैं।
आज फिर रांची के दो छात्रों की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। दोस्तों के साथ मस्ती करने पहुंचे ये किशोर शायद नहीं जानते थे कि रीमिक्स फॉल की गहराई उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगी।
आखिर हर साल यहां डूबकर मरने वालों की संख्या क्यों बढ़ती जा रही है? क्या प्रशासन इस खतरे से बेखबर है? रीमिक्स फॉल मौत का जाल क्यों बनता जा रहा है? इस रिपोर्ट में जानते हैं इस झरने का खौफनाक इतिहास और इससे जुड़े हादसों का काला सच!
4 दिन, 4 लाशें! रीमिक्स फॉल क्यों बनता जा रहा है मौत का कुआं?
रांची से दोस्तों के साथ घूमने आए 15 साल के रोलेन तिर्की और जेम्स जुनास सांगा की नहाने के दौरान डूबकर मौत हो गई।
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रोलेन तिर्की: कोकर के डॉन बॉस्को स्कूल का 9वीं का छात्र था।
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जेम्स जुनास सांगा: दीपाटोली के एक स्कूल में 9वीं में पढ़ता था।
दोनों अपने सात दोस्तों के साथ स्कूटी और बाइक पर रीमिक्स फॉल घूमने आए थे। गर्मी में झरने के ठंडे पानी का मजा लेने के लिए सभी ने नहाने का फैसला किया, लेकिन रोलेन और जेम्स गहरे पानी में चले गए और वापस नहीं लौटे!
स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जब तक उनके शव बाहर निकाले गए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
28 मार्च को भी दो भाइयों की गई थी जान!
हैरान करने वाली बात यह है कि 4 दिन पहले, 28 मार्च को भी इसी रीमिक्स फॉल में नहाने के दौरान दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हुई थी।
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शुभम कुमार सिंह और राज कुमार सिंह रांची के अयोध्यापुरी निवासी थे।
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वे भी दोस्तों के साथ घूमने के लिए रीमिक्स फॉल आए थे, लेकिन यह ट्रिप उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ।
इससे पहले भी हर साल यहां कई लोगों की जान जाती रही है। सवाल ये उठता है कि क्या प्रशासन इस पर कोई कदम उठाएगा, या ऐसे हादसे यूं ही चलते रहेंगे?
इतिहास: रीमिक्स फॉल, जहां खूबसूरती के पीछे छिपा है खतरा!
रीमिक्स फॉल झारखंड के खूंटी जिले के मारंगहादा थाना क्षेत्र में स्थित है।
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यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे पानी की वजह से पर्यटकों को आकर्षित करता है।
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हर साल गर्मियों में सैकड़ों लोग यहां पिकनिक और नहाने के लिए पहुंचते हैं।
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लेकिन हर साल यहां कई लोग गहरे पानी में डूबकर अपनी जान गंवा बैठते हैं।
स्थानीय लोग कहते हैं कि यहां गहरे कुंड के नीचे कई भंवर (Whirlpools) बनते हैं, जो नहाने वालों को खींच लेते हैं।
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कई बार तो शव तक बरामद करने में घंटों लग जाते हैं!
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बावजूद इसके यहां सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं हैं।
रीमिक्स फॉल हादसों के पीछे के 5 बड़े कारण!
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गहराई का अंदाजा नहीं लग पाना – यहां पानी ऊपर से कम गहरा दिखता है, लेकिन अंदर जाते ही अचानक गहराई बढ़ जाती है।
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तेज धाराओं का खतरनाक जाल – झरने के नीचे अचानक तेज धाराएं बनती हैं, जो लोगों को खींच सकती हैं।
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सुरक्षा के उपाय नहीं – न कोई गार्ड, न कोई चेतावनी बोर्ड! प्रशासन इस जगह को सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
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अनुभवहीन तैराकों की गलती – जो लोग तैरना नहीं जानते, वे भी मस्ती-मस्ती में गहरे पानी में चले जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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पहले हुए हादसों से कोई सीख नहीं – हर साल डूबने की घटनाएं होती हैं, लेकिन कोई पाबंदी या सख्त नियम लागू नहीं किए जाते।
प्रशासन कब जागेगा? बढ़ते हादसों पर कौन लेगा जिम्मेदारी?
इस साल सिर्फ 4 दिनों में 4 युवाओं की मौत हो चुकी है।
लेकिन न कोई चेतावनी बोर्ड लगा है, न लाइफ गार्ड तैनात हैं, और न ही किसी तरह की रोक-टोक!
स्थानीय लोग बार-बार प्रशासन से अनुरोध कर चुके हैं कि यहां सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
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कम से कम चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
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गहरे इलाकों को बैरिकेड से घेरा जाए।
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लाइफ गार्ड और पुलिस पेट्रोलिंग हो।
लेकिन हर साल जब हादसा होता है, तभी कुछ दिनों के लिए चर्चा होती है और फिर सब कुछ भुला दिया जाता है!
अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन इस बार कुछ करेगा, या रीमिक्स फॉल ऐसे ही ‘मौत का झरना’ बना रहेगा?
सावधानी ही बचाव!
रीमिक्स फॉल खूबसूरत है, लेकिन अगर सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
गहरे पानी में न जाएं।
तैराकी न आती हो, तो बिल्कुल भी न नहाएं।
दोस्तों के कहने में आकर रिस्क न लें।
अगर प्रशासन सुरक्षा इंतजाम नहीं करता, तो खुद सतर्क रहें।
क्योंकि जान से बढ़कर कुछ नहीं!
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