Ranchi Arrest : रांची में ट्रेन से बिहार जा रही 65 बोतल शराब जब्त, RPF ने नामकुम स्टेशन पर दो युवकों को दबोचा
रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने चेकिंग के दौरान दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। नालंदा के रहने वाले ये युवक पिट्ठू बैग में 65 बोतल शराब भरकर बिहार ले जाने की फिराक में थे। आरपीएफ की इस बड़ी कार्रवाई और तस्करों के नए 'ट्रेन रूट' की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/राजधानी, 18 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची अब शराब तस्करों के लिए केवल एक ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि 'सप्लाई हब' बनती जा रही है। लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मुस्तैदी ने एक बार फिर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। नामकुम रेलवे स्टेशन पर चलाए गए एक सघन चेकिंग अभियान के दौरान RPF की टीम ने दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया। इनके पास मौजूद तीन बैगों से कुल 65 बोतल अवैध शराब बरामद की गई है। पकड़े गए दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और ट्रेन के जरिए इस खेप को बिहार की सीमा में खपाने की योजना बना रहे थे।
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर एक्शन: बैग खोलते ही खुली पोल
RPF कमांडेंट पवन कुमार के विशेष निर्देश पर रांची पोस्ट और फ्लाइंग टीम इन दिनों स्टेशनों पर पैनी नजर रख रही है।
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संदेह और तलाशी: 17 मार्च की दोपहर नामकुम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान दो युवक काले रंग के पिट्ठू बैग और एक चेकदार हैंड बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखे। पुलिस को देखते ही वे अपनी नजरें चुराने लगे।
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बरामदगी: जब उपनिरीक्षक सूरज पांडेय और उनकी टीम ने बैगों की तलाशी ली, तो उसमें कपड़ों की जगह शराब की बोतलें ठूंस-ठूंस कर भरी मिलीं।
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आरोपियों की पहचान: पकड़े गए युवकों की पहचान नालंदा (बिहार) निवासी ओमप्रकाश कुमार (24) और विकास कुमार चौधरी (29) के रूप में हुई है। इनके पास से बरामद 65 बोतलों की बाजार कीमत लगभग 6,800 रुपये आंकी गई है।
कांटाटोली से नालंदा का 'प्रॉफिट' मॉडल
पूछताछ के दौरान तस्करों ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है।
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खरीद केंद्र: उन्होंने बताया कि यह शराब रांची के कांटाटोली इलाके से खरीदी गई थी।
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ट्रेन का सफर: वे ट्रेन संख्या 18624 (हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस) के जरिए इसे बिहार ले जाने वाले थे।
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बिहार का काला बाजार: बिहार में शराबबंदी होने के कारण, ये युवक वहां जाकर इसे तीन से चार गुना ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे।
उत्पाद विभाग को सुपुर्द: अब जेल में होगी पूछताछ
RPF ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद 18 मार्च को दोनों आरोपियों और जब्त शराब को उत्पाद विभाग, रांची के हवाले कर दिया है।
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टीम का योगदान: इस सफल ऑपरेशन में एएसआई अनिल कुमार, आर. एल. मुंडा, डी. प्रसाद, आर. के. सिंह और हेमंत ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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कड़ी कार्रवाई: उत्पाद विभाग अब इन युवकों के 'बैकवर्ड लिंकेज' की जांच कर रहा है, यानी कांटाटोली का वह कौन सा दुकानदार है जो थोक भाव में तस्करों को माल सप्लाई कर रहा है।
नामकुम स्टेशन पर हुई यह गिरफ्तारी एक बड़े सिंडिकेट की छोटी सी कड़ी है। बिहार की शराबबंदी ने झारखंड के सीमावर्ती इलाकों और रेल मार्गों पर अपराध का एक नया पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बना दिया है। RPF की 65 बोतलों की यह बरामदगी साबित करती है कि अपराधियों की हर चाल पर पुलिस की नजर है। क्या कांटाटोली के उन 'अदृश्य' सप्लायर्स तक पुलिस के हाथ पहुँच पाएंगे जो इस अवैध कारोबार की असली जड़ हैं?
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