Gond Utsav: अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने फहराया तिरंगा, भगवंती मरकाम के हाथों हुआ ध्वजारोहण, तार कंपनी इलाके में गूंजे वीर शहीदों के नारे

जमशेदपुर में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ द्वारा आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। मुख्य अतिथि भगवंती मरकाम का भव्य सम्मान और समाज के युवाओं व महिलाओं की भारी उपस्थिति का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप आदिवासी समाज की इस गौरवमयी एकता और देशभक्ति के उत्सव को जानने से चूक जाएंगे।

Jan 26, 2026 - 17:12
Jan 26, 2026 - 17:49
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Gond Utsav: अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने फहराया तिरंगा, भगवंती मरकाम के हाथों हुआ ध्वजारोहण, तार कंपनी इलाके में गूंजे वीर शहीदों के नारे
Gond Utsav: अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने फहराया तिरंगा, भगवंती मरकाम के हाथों हुआ ध्वजारोहण, तार कंपनी इलाके में गूंजे वीर शहीदों के नारे

जमशेदपुर, 26 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के तार कंपनी गुरुद्वारा क्षेत्र में आज एक अलग ही रौनक देखने को मिली। अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के तत्वावधान में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह बेहद भव्यता और रोंगटे खड़े कर देने वाले देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। श्री दिनेश साह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि अपनी जड़ों से जुड़ा आदिवासी समाज देश की अखंडता के लिए कितना समर्पित है। बबलू साह के निवास स्थान के सामने जुटे सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जब तिरंगा लहराया, तो मानों पूरा आसमान 'भारत माता की जय' के नारों से सराबोर हो गया।

नारी शक्ति का सम्मान: भगवंती मरकाम ने किया ध्वजारोहण

इस बार का समारोह महिला सशक्तिकरण की एक सुंदर मिसाल बना।

  • मुख्य अतिथि: गोंड समाज महिला समिति की कोषाध्यक्ष श्रीमती भगवंती मरकाम ने मुख्य अतिथि के रूप में विधिवत ध्वजारोहण किया।

  • विशेष अभिनंदन: तिरंगे को सलामी देने के बाद समाज की ओर से उन्हें पारंपरिक साल, बुके और तिरंगे पत्ते भेंट कर सम्मानित किया गया।

  • महापुरुषों को नमन: ध्वजारोहण के बाद महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, वीर भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे बलिदानियों को याद किया गया। विशेष रूप से संविधान के रचयिता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की दूरदर्शिता पर चर्चा हुई।

एकजुट समाज: युवाओं और महिलाओं का उमड़ा सैलाब

कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी ने इसे खास बना दिया।

  1. गोंड युवा मंच: बॉबी साह, मनीष कुमार और अभिनाष कुमार के नेतृत्व में युवाओं ने व्यवस्था संभाली।

  2. महिला समिति की सक्रियता: नीतू कुमारी, हीरा देवी, मंजू देवी, शांति देवी और चंद्रमातू देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

  3. बच्चों की खुशी: ध्वजारोहण के बाद नन्हे बच्चों के बीच चॉकलेट का वितरण किया गया, जिससे उनके चेहरे पर आजादी की खुशी साफ झलक रही थी।

गोंड आदिवासी संघ समारोह: मुख्य विवरण (Event Spotlight)

विवरण प्रमुख जानकारी (Highlights)
मुख्य अतिथि श्रीमती भगवंती मरकाम (कोषाध्यक्ष, महिला समिति)
अध्यक्षता श्री दिनेश साह
स्थान तार कंपनी गुरुद्वारा रोड, जमशेदपुर
आयोजक अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ
विशेष प्रस्तुति महापुरुषों के जयघोष एवं सम्मान समारोह

इतिहास का पन्ना: गोंड जनजाति का गौरवशाली इतिहास और गणतंत्र का संगम

गोंड समुदाय भारत के सबसे प्राचीन और गौरवशाली आदिवासी समूहों में से एक है। इतिहास गवाह है कि रानी दुर्गावती जैसी महान वीरांगनाओं ने इसी समाज से निकलकर मुगलों के छक्के छुड़ाए थे। मध्य भारत के 'गोंडवाना' साम्राज्य का इतिहास वीरता और स्वाभिमान की कहानियों से भरा पड़ा है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में बसे गोंड समाज ने अपनी पहचान और संस्कृति को आज भी जीवित रखा है। 1950 में जब भारत का संविधान लागू हुआ, तो आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकार मिले। तार कंपनी इलाके में मनाया गया यह 77वां गणतंत्र दिवस उसी संवैधानिक सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान का जश्न है।

समर्पित टीम और आभार

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दिनेश साह, बबलू साह, ललन साह, मदन साह, रामानंद प्रसाद, और उमेश साह जैसे अनुभवी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही सुप्रिया मरकाम, अहिल्या देवी और रीना देवी जैसी महिला सदस्यों ने समाज की एकजुटता को मजबूती दी। कार्यक्रम के अंत में श्री हृदय नंद प्रसाद ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद ज्ञापन किया।

विकसित भारत और जागरूक समाज

अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जमशेदपुर का आदिवासी समाज शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के पथ पर तेजी से अग्रसर है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।