Adityapur Inspection: रेलवे स्टेशन पर बड़ा बदलाव, लेकिन यात्रियों की परेशानी कब होगी खत्म?
आदित्यपुर रेलवे स्टेशन को पूरी तरह अपग्रेड किया गया है, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की समस्या अब भी बनी हुई है। जानें रेलवे बोर्ड कब लेगा बड़ा फैसला?

आदित्यपुर रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या—ट्रेनों का ठहराव—अब भी जस की तस बनी हुई है। बुधवार को चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तरुण हुरिया आदित्यपुर पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन परिसर और यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन की स्थिति को संतोषजनक बताया, लेकिन जब चार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव पर सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि यह फैसला रेलवे बोर्ड को लेना है।
आदित्यपुर रेलवे स्टेशन को टाटानगर स्टेशन का दबाव कम करने के लिए अपग्रेड किया गया था। कोविड-19 के दौरान यहां रुकने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बंद हो गया, और अब तक इसे फिर से शुरू नहीं किया गया है। डीआरएम ने कहा कि रेलवे अपनी ओर से पूरी तैयारी कर चुका है और रेलवे बोर्ड को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। बोर्ड से आदेश मिलते ही ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
यात्रियों की परेशानी क्यों बढ़ी?
आदित्यपुर रेलवे स्टेशन को विकसित करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य था टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को कम करना। इस रूट पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों को हर दिन टाटानगर तक सफर करना पड़ता है, क्योंकि आदित्यपुर में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है। रेलवे ने यहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं, लेकिन जब तक ट्रेनें नहीं रुकेंगी, तब तक यह स्टेशन यात्रियों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं होगा।
स्टेशन का भविष्य—क्या जल्द सुधरेंगे हालात?
डीआरएम ने साफ किया कि आदित्यपुर रेलवे स्टेशन अगले एक साल के भीतर पूरी तरह से ऑपरेशनल मोड में आ जाएगा। फिलहाल कुछ तकनीकी तैयारियां चल रही हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने स्थानीय यात्रियों से स्टेशन को साफ-सुथरा रखने की अपील भी की।
अब कांड्रा रेलवे स्टेशन पर भी होगा विकास
आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के बाद डीआरएम ने कांड्रा रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर चर्चा की। कांड्रा स्टेशन इस रूट का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जिसे ध्यान में रखते हुए रेलवे एक नया एक्शन प्लान तैयार कर रहा है।
अब सवाल ये—यात्रियों की परेशानी कब होगी खत्म?
रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना एक अच्छी पहल है, लेकिन जब तक एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं होगा, तब तक यात्रियों को इसका सीधा लाभ नहीं मिलेगा। डीआरएम ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही ट्रेनें रुकेंगी, लेकिन यात्रियों के लिए हर दिन का इंतजार लंबा होता जा रहा है। अब देखना होगा कि रेलवे बोर्ड कब इस पर अंतिम फैसला लेता है।
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