Jamshedpur Robbery: एलआईसी ऑफिस में सेंधमारी, 55 लाख गायब, CCTV रिकॉर्ड भी साफ!
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एलआईसी ऑफिस में 55 लाख से अधिक की चोरी, तिजोरी टूटी मिली और CCTV रिकॉर्ड भी गायब! पुलिस जांच में जुटी।

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एलआईसी ऑफिस में एक बड़ी सेंधमारी की घटना सामने आई है। ऑफिस की ब्रांच 2 और 3 से करीब 55 लाख रुपये गायब हो गए। बुधवार सुबह जब कर्मचारी ऑफिस पहुंचे, तो तिजोरी का ताला टूटा हुआ मिला और सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि CCTV के सारे रिकॉर्ड गायब कर दिए गए थे। इस घटना से पूरे एलआईसी दफ्तर में हड़कंप मच गया और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
बिष्टुपुर एलआईसी के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राजेश राजन सिन्हा ने बताया कि जब सुबह कर्मचारी ऑफिस पहुंचे तो CCTV कैमरे बंद थे। जब इंजीनियर को बुलाकर जांच कराई गई, तो पता चला कि सारे रिकॉर्ड डिलीट किए जा चुके थे। इसी दौरान जब तिजोरी की जांच की गई, तो उसका ताला टूटा हुआ मिला और उसमें रखे करीब 55 लाख से अधिक की रकम गायब थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को बुलाया गया और जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि चोरी की यह वारदात किसी बाहरी व्यक्ति का काम है या ऑफिस के अंदरूनी लोगों की मिलीभगत से अंजाम दी गई। सवाल यह उठता है कि इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से इतनी बड़ी रकम कैसे गायब हो गई? और सबसे अहम बात कि CCTV फुटेज को इतनी सफाई से कैसे हटाया गया?
चोरी की इस घटना ने जमशेदपुर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सबसे पॉश इलाकों में से एक बिष्टुपुर में स्थित यह दफ्तर काफी सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चोरों को इतनी अंदरूनी जानकारी कैसे मिली? पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी ऑफिस कर्मचारी की मिलीभगत से हुआ या फिर किसी गैंग ने इस चोरी को अंजाम दिया।
LIC ऑफिस में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर में बड़े वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया जाता रहा है। कुछ साल पहले बिष्टुपुर इलाके में ही एक बैंक में सेंधमारी हुई थी, जिसमें लाखों रुपये चोरी कर लिए गए थे। लेकिन इस बार LIC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सेंध लगना, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। स्टाफ से पूछताछ की जा रही है, सिक्योरिटी गार्ड्स से भी जानकारी ली जा रही है और आस-पास के बैंकों और दुकानों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो सकता है और चोरों तक पहुंचा जा सकता है। लेकिन सवाल अब भी वही बना हुआ है - क्या 55 लाख की रकम वापस मिल पाएगी? और क्या LIC जैसी जगह भी अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं रही?
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