Jharkhand Appointment: जेपीएससी को मिला नया अध्यक्ष, बहाली का रास्ता साफ!

झारखंड में सरकारी नौकरियों का रास्ता साफ! राज्यपाल ने पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते को जेपीएससी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। अब रुकी हुई परीक्षाओं और बहाली की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

Feb 27, 2025 - 16:53
 0
Jharkhand Appointment: जेपीएससी को मिला नया अध्यक्ष, बहाली का रास्ता साफ!
Jharkhand Appointment: जेपीएससी को मिला नया अध्यक्ष, बहाली का रास्ता साफ!

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में लंबे समय से रुकी परीक्षाओं को लेकर बड़ा अपडेट आया है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते को जेपीएससी के नए अध्यक्ष (चेयरमैन) के रूप में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर तत्काल निर्णय लेते हुए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि झारखंड में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और रुकी हुई प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता साफ होगा।

छह महीने से खाली था पद, छात्रों में थी नाराजगी

जेपीएससी के चेयरमैन का पद पिछले छह महीनों से खाली था, जिससे कई अहम प्रतियोगी परीक्षाएं अटकी हुई थीं। छात्रों में इसे लेकर भारी असंतोष था। राज्यपाल और हाईकोर्ट ने भी इस पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद सरकार को नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए मजबूर होना पड़ा।

कौन हैं एल खियांग्ते?

एल खियांग्ते 1988 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 1987 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी और बिहार-झारखंड में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। आदिवासी समुदाय से आने वाले खियांग्ते मिजोरम के मूल निवासी हैं और इतिहास में स्नातक हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए सरकार ने जेपीएससी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

अब तेजी से होगी बहाली, रुकी परीक्षाओं को मिलेगी हरी झंडी!

खियांग्ते की नियुक्ति के बाद अब झारखंड में सरकारी भर्तियों के रास्ते खुल गए हैं। 11वीं और 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (342 पद), बाल विकास परियोजना अधिकारी (64 पद) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (56 पद) की परीक्षाएं अटकी हुई थीं, जिन्हें अब जल्द ही कराया जाएगा। इसके अलावा कई परीक्षाओं के नतीजे भी रुके हुए थे, जिनके जल्द जारी होने की संभावना बढ़ गई है।

जेपीएससी की साख पर लगे थे सवाल

पिछले कुछ वर्षों से जेपीएससी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी। भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों ने आयोग की साख को प्रभावित किया था। 2016 और 2021 में हुई परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद कई परिणाम रद्द भी किए गए थे। छात्रों का जेपीएससी पर भरोसा लगातार कम हो रहा था। ऐसे में एल खियांग्ते की नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

राज्यपाल की सख्त चेतावनी - पारदर्शिता जरूरी!

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने खियांग्ते की नियुक्ति के साथ ही जेपीएससी को पारदर्शिता और समयबद्ध परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षाएं तय कैलेंडर के अनुसार होंगी और इसमें किसी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छात्रों को बड़ी राहत, जल्द जारी होंगे रिजल्ट!

इस फैसले के बाद झारखंड के प्रतियोगी छात्रों को सबसे ज्यादा राहत मिली है। अब वे नए कैलेंडर और परीक्षा तिथियों का इंतजार कर रहे हैं। खासकर जेपीएससी मुख्य परीक्षा और लंबित रिजल्ट का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Nihal Ravidas निहाल रविदास, जिन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई की है, तकनीकी विशेषज्ञता, समसामयिक मुद्दों और रचनात्मक लेखन में माहिर हैं।