Jamshedpur Snatch : जमशेदपुर में लग्जरी कार से बकरियों की तस्करी, ब्रेड खिलाकर चुराते थे माल, फिल्मी स्टाइल में पीछा कर दबोचा

जमशेदपुर के परसुडीह में लग्जरी कार से बकरियां चुराने वाले एक हाई-टेक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। ब्रेड का लालच देकर पलक झपकते ही 12 बकरियां डिक्की में भरने वाले तस्कर को ग्रामीणों ने खदेड़कर पकड़ा। पुलिस की छापेमारी और इस अनोखे 'ब्रेड फार्मूले' की पूरी कहानी यहाँ देखें।

Mar 18, 2026 - 14:53
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Jamshedpur Snatch : जमशेदपुर में लग्जरी कार से बकरियों की तस्करी, ब्रेड खिलाकर चुराते थे माल, फिल्मी स्टाइल में पीछा कर दबोचा
Jamshedpur Snatch : जमशेदपुर में लग्जरी कार से बकरियों की तस्करी, ब्रेड खिलाकर चुराते थे माल, फिल्मी स्टाइल में पीछा कर दबोचा

जमशेदपुर/परसुडीह, 18 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह किसी फिल्मी एक्शन सीन से कम नहीं थी। सड़कों पर तेज रफ्तार में भागती एक लग्जरी कार, उसके पीछे 'चोर-चोर' चिल्लाते ग्रामीण और फिर बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा। यह सब किसी सोने या जेवर की लूट के लिए नहीं, बल्कि बेजुबान बकरियों की तस्करी करने वाले एक शातिर गिरोह को पकड़ने के लिए था। हितकू के एक जागरूक ग्रामीण की सूझबूझ ने न केवल अपनी चोरी हुई बकरियों का हिसाब चुकता किया, बल्कि कार की डिक्की में ठूंसकर ले जाई जा रही 12 बकरियों को भी आजाद कराया। पुलिस ने मानगो आजाद नगर निवासी मोहम्मद इंजमाम को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी भागने में सफल रहे।

जागरूक ग्रामीण का 'नंबर गेम': ऐसे फंसा गिरोह

इस पूरे खुलासे के पीछे सुंदरनगर के हितकू निवासी लाल बाबू सिंह की सतर्कता सबसे बड़ी वजह बनी।

  • पुरानी रंजिश: कुछ दिन पहले लाल बाबू की दो बकरियां चोरी हुई थीं। उस समय उन्होंने एक संदिग्ध कार का नंबर नोट कर लिया था।

  • आमना-सामना: बुधवार सुबह जैसे ही उन्होंने उसी नंबर की कार को फिर से इलाके में मंडराते देखा, उनका माथा ठनका। उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी गाड़ी से उस कार का पीछा शुरू कर दिया।

  • किलोमीटर लंबा चेस: हितकू से परसुडीह तक कई किलोमीटर तक चले इस पीछा के दौरान लाल बाबू लगातार शोर मचाते रहे। परसुडीह मेन रोड पर स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए सड़क जाम कर कार को घेर लिया।

डिक्की खोलते ही उड़े होश: 12 बकरियां और 'ब्रेड' का खेल

जैसे ही भीड़ ने कार को रोका, दो बदमाश तो अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन इंजमाम हत्थे चढ़ गया।

  1. क्रूरता की हद: जब कार की डिक्की और पिछली सीट की तलाशी ली गई, तो वहां का नजारा देख लोगों का खून खौल उठा। लग्जरी कार के भीतर 12 बकरियों को बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था।

  2. मॉब फ्यूरी: गुस्से में आई भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया।

  3. ब्रेड फार्मूला: पूछताछ में परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि यह गिरोह बकरियों को फुसलाने के लिए ब्रेड का इस्तेमाल करता था। गिरोह के सदस्य ब्रेड दिखाकर बकरियों को पास बुलाते और पलक झपकते ही उन्हें कार में डालकर रफूचक्कर हो जाते थे।

जमशेदपुर की पेरिफेरी और पशु तस्करी का पुराना गठजोड़

जमशेदपुर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाके जैसे पोटका, घाटशिला और सुंदरनगर ऐतिहासिक रूप से पशुपालन के केंद्र रहे हैं।

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था: यहाँ की अर्थव्यवस्था में बकरियों का बड़ा योगदान है, जिन्हें स्थानीय लोग 'गरीब की गाय' कहते हैं।

  • अपराध का बदलता चेहरा: 90 के दशक में पशु चोरी पैदल या साइकिलों पर होती थी, लेकिन 2010 के बाद से अपराधियों ने तकनीक बदली। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर के आजाद नगर और कपाली के कसाई खानों में चोरी के पशुओं को खपाने का एक संगठित सिंडिकेट दशकों से सक्रिय है।

  • लग्जरी कार का ट्रेंड: पहले चोर कबाड़ गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन पिछले 2-3 सालों में 'लग्जरी कार' से चोरी करने का नया ट्रेंड शुरू हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि पुलिस चेकिंग के दौरान महंगी गाड़ियों को अक्सर छोड़ दिया जाता है। 2022 में भी पोटका इलाके में एक सफेद रंग की एसयूवी (SUV) से बकरियां बरामद हुई थीं। आज की यह घटना साबित करती है कि अपराधियों का 'क्रिएटिव माइंड' अब बेजुबानों को ढाल बना रहा है।

पुलिस की कार्रवाई: आजाद नगर और कपाली में छापेमारी

पकड़ा गया आरोपी इंजमाम इस गिरोह का केवल एक प्यादा है।

  • बड़ा नेटवर्क: थाना प्रभारी अविनाश कुमार के अनुसार, यह गिरोह घाटशिला से लेकर पोटका तक सक्रिय है। चोरी की बकरियों को आजाद नगर और कपाली के अवैध बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

  • फरार आरोपियों की तलाश: पुलिस अब कार के मालिक और फरार दो अन्य अपराधियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जब्त की गई कार के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

जमशेदपुर में लग्जरी कार से बकरी चोरी की यह घटना समाज के गिरते स्तर और अपराधियों के नए तौर-तरीकों की ओर इशारा करती है। लाल बाबू सिंह जैसे जागरूक नागरिकों की वजह से ही आज 12 बेजुबानों की जान बच सकी। हालांकि, ब्रेड खिलाकर बकरियों को 'अगवा' करने का यह फार्मूला हास्यास्पद लग सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपी संगठित अपराध की जड़ें बहुत गहरी हैं। क्या प्रशासन अब आजाद नगर और कपाली के उन ठिकानों पर कड़ा प्रहार करेगा जहाँ ये चोरी का माल खपाया जाता है?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।