Tatanagar Station Encroachment Drive : टाटानगर स्टेशन पर चलेगा रेलवे का 'पीला पंजा', 350 करोड़ का कायाकल्प, पेट्रोल पंप और घर होंगे जमींदोज

टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने मापी अभियान शुरू कर दिया है। स्टेशन रोड के पेट्रोल पंप, दुकानों और करीब 200 अवैध मकानों को हटाने का नोटिस जारी किया गया है। 350 करोड़ के इस मास्टर प्लान और बड़े ध्वस्तीकरण की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 18, 2026 - 15:08
Mar 18, 2026 - 15:16
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Tatanagar Station Encroachment Drive :  टाटानगर स्टेशन पर चलेगा रेलवे का 'पीला पंजा', 350 करोड़ का कायाकल्प, पेट्रोल पंप और घर होंगे जमींदोज
Tatanagar Station Encroachment Drive : टाटानगर स्टेशन पर चलेगा रेलवे का 'पीला पंजा', 350 करोड़ का कायाकल्प, पेट्रोल पंप और घर होंगे जमींदोज

जमशेदपुर/लौहनगरी, 18 मार्च 2026 – झारखंड के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण टाटानगर रेलवे स्टेशन की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। रेलवे बोर्ड के 350 करोड़ रुपये के महा-प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए चक्रधरपुर मंडल ने 'एक्शन मोड' अख्तियार कर लिया है। बुधवार को रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने स्टेशन रोड और ट्रैफिक कॉलोनी क्षेत्र में सघन मापी (Measurement) अभियान चलाकर उन सभी ढांचों को चिन्हित कर लिया है, जो विकास की राह में रोड़ा बने हुए हैं। इस बार रेलवे का 'पीला पंजा' (JCB) केवल झोपड़ियों पर नहीं, बल्कि रसूखदार पेट्रोल पंपों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दशकों पुराने सरकारी कार्यालयों पर भी चलने वाला है।

पेट्रोल पंप और गुदरी बाजार पर लटकी तलवार

मापी अभियान के दौरान सबसे बड़ी हलचल स्टेशन रोड स्थित पेट्रोल पंप पर देखी गई।

  • अधिग्रहण का नोटिस: रेलवे ने पेट्रोल पंप संचालक को आधिकारिक नोटिस थमाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए पंप के एक बड़े हिस्से का अधिग्रहण किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो भविष्य में इस पेट्रोल पंप को पूरी तरह शिफ्ट किया जा सकता है।

  • व्यावसायिक सफाया: गुदरी बाजार से लेकर प्रदीप मिश्रा चौक तक की दर्जनों दुकानों को हटाने की प्रबल संभावना है। रेलवे ने लीज एग्रीमेंट की बारीकी से जांच शुरू कर दी है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मचा है।

  • सरकारी कार्यालय भी रडार पर: रेलवे ने अपनी जमीन खाली कराने के लिए यूनियन कार्यालय, बीएसएनएल ऑफिस और टीटीई रेस्ट हाउस को पहले ही 'डेडलाइन' दे दी है।

महा-ध्वस्तीकरण: 200 घरों और क्वार्टरों को अल्टीमेटम

रेलवे की योजना केवल मुख्य सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि भीतरी इलाकों में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

  1. बस्तियों का सफाया: कीताडीह रोड, खासमहाल और गोलपहाड़ी की ओर रेलवे की जमीन पर बने लगभग 150 से 200 कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया है।

  2. रेलवे क्वार्टर: दर्जनों पुराने रेलवे क्वार्टरों को भी ध्वस्त किया जाएगा ताकि नए स्टेशन भवन और पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।

  3. सुरक्षा बल तैनात: बड़े स्तर पर होने वाले विरोध को देखते हुए रेलवे ने जिला प्रशासन से मजिस्ट्रेट की नियुक्ति और भारी पुलिस बल की मांग की है।

टाटानगर स्टेशन—1910 से 2026 तक का सफर

टाटानगर रेलवे स्टेशन का इतिहास भारत के औद्योगिक उदय की कहानी है।

  • स्थापना का दौर: साल 1910 में जब साकची (अब जमशेदपुर) में टाटा स्टील प्लांट की नींव रखी गई, तब 'कालीमाटी' स्टेशन का नाम बदलकर 'टाटा' के नाम पर रखा गया। यह स्टेशन शुरू से ही बंगाल-नागपुर रेलवे (BNR) का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

  • बदलता स्वरूप: आजादी के बाद यह स्टेशन दक्षिण-पूर्व रेलवे का प्रमुख जंक्शन बना। इतिहास गवाह है कि 70 के दशक में जब स्टेशन रोड का विस्तार हुआ था, तब भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया था।

  • 350 करोड़ का मास्टर प्लान: वर्तमान पुनर्विकास योजना अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक पहल है। पुराने पोर्टिको और वर्तमान पार्किंग को हटाकर वहां एक भव्य हवाई अड्डे जैसा स्टेशन भवन बनाने का प्रस्ताव है। वर्तमान पार्किंग को मुख्य सड़क के दूसरी ओर शिफ्ट किया जा रहा है, जिसका काम युद्धस्तर पर जारी है। 116 साल पुराने इस स्टेशन के लिए 2026 का यह साल 'पुनर्जन्म' जैसा होने वाला है, जहाँ पुरानी झोपड़ियां और अवैध निर्माण इतिहास के पन्नों में दब जाएंगे और एक आधुनिक टाटानगर का उदय होगा।

नई व्यवस्था: यात्रियों को क्या मिलेगा?

रेलवे की इस सख्त कार्रवाई के पीछे यात्रियों की सुविधा का बड़ा लक्ष्य छिपा है।

  • जाम से मुक्ति: स्टेशन रोड का चौड़ीकरण होने से प्रदीप मिश्रा चौक पर लगने वाले भीषण जाम से निजात मिलेगी।

  • अत्याधुनिक सुविधाएं: नए भवन में मॉल, वेटिंग लाउंज और फूड कोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी।

  • पार्किंग का नया पता: यात्रियों के लिए मुख्य सड़क के दूसरी ओर एक विशाल और सुव्यवस्थित पार्किंग एरिया तैयार किया जा रहा है, जिससे स्टेशन के गेट के सामने भीड़ कम होगी।

टाटानगर स्टेशन का कायाकल्प अब महज कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने लगा है। 350 करोड़ का यह निवेश जमशेदपुर की तस्वीर बदल देगा, लेकिन इसके लिए रेलवे को एक कड़ा 'ध्वस्तीकरण अभियान' चलाना होगा। पेट्रोल पंप से लेकर झोपड़ियों तक, जो भी रेलवे की जमीन पर है, उसे हटना ही होगा। क्या रेलवे प्रशासन बिना किसी बड़े हंगामे के इस अतिक्रमण को हटाकर अपने ऐतिहासिक मास्टर प्लान को समय पर पूरा कर पाएगा?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।