Govindpur Salute: जेवियर पब्लिक स्कूल में गूंजा 'जय हिंद' का नारा, 77वें गणतंत्र दिवस पर तिरंगे की शान में झुके सिर, सुनील सिंह ने बताया लोकतंत्र का असली मोल
जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर स्थित जेवियर पब्लिक स्कूल में 77वें गणतंत्र दिवस के भव्य आयोजन की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। ध्वजारोहण से लेकर देशभक्ति गीतों की गूँज और ग्रुप डायरेक्टर सुनील सिंह के उस प्रेरणादायक संदेश को विस्तार से पढ़िए वरना आप लौहनगरी के इस सबसे जोशीले राष्ट्रीय उत्सव की झलक पाने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/गोविंदपुर, 26 जनवरी 2026 – लौहनगरी के छोटा गोविंदपुर स्थित जेवियर पब्लिक स्कूल में आज देशभक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि हर चेहरा तिरंगे के गौरव से दमक उठा। अवसर था देश के 77वें गणतंत्र दिवस का, जिसे स्कूल प्रबंधन और छात्रों ने मिलकर एक यादगार उत्सव बना दिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद बच्चों का जोश सातवें आसमान पर था। सुबह से ही स्कूल परिसर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से गुंजायमान रहा। यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के मन में संविधान और लोकतंत्र के प्रति अगाध श्रद्धा जगाने का एक सशक्त माध्यम बना।
तिरंगे की आन: सुनील सिंह ने दी सलामी
समारोह का मुख्य आकर्षण ध्वजारोहण का क्षण रहा। विद्यालय के ग्रुप डायरेक्टर श्री सुनील सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में तिरंगा फहराया।
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संविधान की सीख: ध्वजारोहण के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए सुनील सिंह ने लोकतंत्र की शक्ति और नागरिक कर्तव्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि "संविधान हमें अधिकार देता है, लेकिन एक सच्चा नागरिक वही है जो अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से करे।"
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प्रेरक संबोधन: उन्होंने भारत के 77 वर्षों के सफर का जिक्र करते हुए बच्चों को भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कला के जरिए राष्ट्रभक्ति: मंच पर दिखे नन्हे सेनानी
झंडा फहराने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें बच्चों की प्रतिभा देखते ही बनती थी।
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देशभक्ति गीत: विद्यालय के छात्रों ने अपनी सुरीली आवाज में ऐसे देशभक्ति गीत गाए कि उपस्थित अभिभावकों की आँखें नम हो गई।
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भाषण और विचार: विद्यार्थियों ने ओजस्वी स्पीच के माध्यम से संविधान की गरिमा पर अपने विचार रखे।
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राष्ट्रगान की गूँज: जब सामूहिक रूप से राष्ट्रगान शुरू हुआ, तो पूरा गोविंदपुर इलाका उस गौरवमयी गूँज का साक्षी बना।
जेवियर पब्लिक स्कूल: गणतंत्र दिवस हाइलाइट्स (Event Summary)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| मुख्य अतिथि | श्री सुनील सिंह (ग्रुप डायरेक्टर) |
| स्थान | छोटा गोविंदपुर, जमशेदपुर |
| प्रमुख उपस्थिति | निभा सिंह (प्रधानाचार्या), रूपा महतो (डायरेक्टर) |
| विशेष प्रस्तुति | देशभक्ति गीत और ओजस्वी भाषण |
| मिठाई वितरण | सभी छात्रों और अभिभावकों के बीच |
इतिहास का पन्ना: गणतंत्र दिवस और जमशेदपुर का 'लौह' संकल्प
गणतंत्र दिवस का इतिहास भारत की उस इच्छाशक्ति की कहानी है, जिसने 26 जनवरी 1950 को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर (टाटानगर) का इस दिन से गहरा नाता रहा है। आजादी के बाद जब देश को औद्योगिक मजबूती की जरूरत थी, तब जमशेदपुर के कारखानों ने 'गणतंत्र' को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया। जेवियर पब्लिक स्कूल, जो पिछले 27 वर्षों से इस क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा रहा है, ने हमेशा से इस दिन को एक 'राष्ट्रीय उत्सव' के रूप में प्राथमिकता दी है। पुराने दौर में जहाँ गणतंत्र दिवस केवल परेड तक सीमित था, आज इस स्कूल जैसे संस्थान इसे 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का रूप दे रहे हैं, जहाँ बच्चों को उनकी जड़ों और संवैधानिक इतिहास से जोड़ा जाता है।
वरिष्ठ शिक्षाविदों की उपस्थिति
इस पावन अवसर पर शिक्षा जगत की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
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नेतृत्व: गोविंदपुर ब्रांच की प्रधानाचार्या श्रीमती निभा सिंह और डोरकासाई ब्रांच के प्रधानाचार्य श्री राजीव रंजन सिंह ने कार्यक्रम की कमान संभाली।
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अतिथि गण: गोविंदपुर ब्रांच की डायरेक्टर श्रीमती रूपा महतो, श्री परीक्षित दास, श्री जयकुमार सिंह, श्री मिहिर दास और श्री मनोज दास की उपस्थिति ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
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सफलतापूर्वक समापन: कार्यक्रम के अंत में परंपरा के अनुसार बच्चों और अभिभावकों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। खुशी और गर्व से भरे इस माहौल ने गणतंत्र दिवस को और भी मीठा बना दिया।
विकसित भारत का सपना
जेवियर पब्लिक स्कूल में मनाया गया यह 77वां गणतंत्र दिवस इस संकल्प के साथ संपन्न हुआ कि शिक्षा ही वह हथियार है जिससे हम देश को एक बार फिर 'विश्व गुरु' बना सकते हैं।
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