Baghbera Arrest: भाजपा नेता पर फरसा कांड का मुख्य आरोपी सुमित गिरफ्तार, 11 महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा, सिर पर आए थे 22 टांके
जमशेदपुर के बागबेड़ा में भाजपा नेता अजीत सिंह चंद्रवंशी पर हुए खूनी हमले के मुख्य आरोपी सुमित कुमार की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। 11 महीने की फरारी और हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस हाई-प्रोफाइल केस के सबसे बड़े अपडेट से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 30 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में पिछले साल हुए सनसनीखेज अजीत सिंह चंद्रवंशी हमला कांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 11 महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे मुख्य आरोपी सुमित कुमार को बागबेड़ा पुलिस ने गुरुवार देर रात घेराबंदी कर धर दबोचा। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब सुमित की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो गई। पुलिस की इस दबिश ने उन अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश दिया है जो कानून की कमजोरियों का फायदा उठाकर फरार चल रहे हैं।
फरसा कांड की रूह कंपा देने वाली कहानी
घटना 16 फरवरी की है, जब बागबेड़ा के गाराबासा में भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य अजीत सिंह चंद्रवंशी के घर में घुसकर अपराधियों ने तांडव मचाया था।
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खूनी हमला: आरोपियों ने अजीत सिंह के सिर पर 'फरसा' से जोरदार वार किया था। हमला इतना घातक था कि उनके सिर पर 22 टांके लगाने पड़े थे।
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परिवार को भी नहीं बख्शा: बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी सुमन देवी को भी लहूलुहान कर दिया गया, उनके सिर पर 12 टांके आए थे।
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हथियारों का जखीरा: प्राथमिकी के अनुसार, सुमित के मामा लालबाबू चंद्रवंशी ने परिवार पर भुजाली से हमला किया था। इस पूरे विवाद ने गाराबासा इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था।
गिरफ्तारी का 'लुका-छिपी' वाला खेल
सुमित कुमार की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।
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मेडिकल का खेल: 15 नवंबर को भी पुलिस ने सुमित को पकड़ा था, लेकिन शातिर अपराधी ने मेडिकल ग्राउंड का हवाला देकर जेल जाने से खुद को बचा लिया और फिर फरार हो गया।
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हाईकोर्ट से झटका: सुमित पिछले 11 महीनों से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी दांव-पेंच आज़मा रहा था, लेकिन हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज होते ही बागबेड़ा पुलिस ने दबिश बढ़ा दी।
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आपराधिक इतिहास: सुमित पर हत्या के प्रयास, लूटपाट और मारपीट समेत कुल चार गंभीर मामले दर्ज हैं।
बागबेड़ा कांड: केस फाइल की स्थिति (Case Status Snapshot)
| आरोपी का नाम | स्थिति (Status) | रोल (Involvement) |
| सुमित कुमार | गिरफ्तार (30 जनवरी 2026) | मुख्य हमलावर |
| लालबाबू चंद्रवंशी (मामा) | जमानत पर बाहर | भुजाली से हमला |
| रास बिहारी रवानी (नाना) | 11 माह से फरार | नामजद आरोपी |
| कुल नामजद | 08 लोग | सामूहिक हमला और लूटपाट |
अब 'नाना' की बारी: पुलिस की तलाश तेज
बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि सुमित की गिरफ्तारी के बाद अब इस केस के एक और अहम आरोपी, सुमित के नाना रास बिहारी रवानी की तलाश तेज कर दी गई है। वह भी घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा दे रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कानून के लंबे हाथ
अजीत सिंह चंद्रवंशी के परिवार ने इस गिरफ्तारी पर राहत की सांस ली है। सुमित का सलाखों के पीछे जाना यह साबित करता है कि चाहे आरोपी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, हाईकोर्ट की दहलीज के बाद भागने के रास्ते बंद हो जाते हैं।
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