Shaheed Diwas 2026 : गांधी पर हुए 5 नाकाम हमले, मौत को मात देकर बने 'महात्मा', शहीद दिवस पर जानें बापू के साहस की अनसुनी दास्तां
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन 5 खौफनाक साजिशों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है जिनमें बापू बाल-बाल बचे थे। पुणे में बम धमाके से लेकर ट्रेन पलटाने की साजिश का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप बापू के शौर्य से जुड़ी इस अहम ऐतिहासिक जानकारी से चूक जाएंगे।
नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026 – आज पूरा देश शहीद दिवस मना रहा है। 30 जनवरी 1948 की वह शाम इतिहास का सबसे काला पन्ना है जब बापू की हत्या हुई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बापू की शहादत से पहले भी उन पर 5 बार जानलेवा हमले हुए थे? कभी हैंड ग्रेनेड फेंका गया तो कभी ट्रेन पलटाने की कोशिश हुई, लेकिन हर बार बापू का आत्मबल मौत पर भारी पड़ा।
जब बम और चाकू भी बापू को डरा न सके
गांधीजी के जीवन पर हुए ये प्रमुख हमले आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं:
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पुणे का बम हमला (1934): हरिजन यात्रा के दौरान बापू पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया, लेकिन वह सुरक्षित रहे।
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पंचगनी में हमला (1944): यहाँ नाथूराम गोडसे ने पहली बार बापू पर हमला करने की कोशिश की थी।
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सेवाग्राम में चाकू (1944): जिन्ना से मिलने जाते समय गोडसे ने चाकू दिखाकर बापू को रोकने का प्रयास किया।
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ट्रेन पलटाने की साजिश (1946): 'गांधी स्पेशल ट्रेन' को पटरियों पर पत्थर रखकर पलटाने की साजिश रची गई, जिसे ड्राइवर ने नाकाम किया।
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बिरला हाउस धमाका (1948): हत्या से ठीक 10 दिन पहले मदनलाल पाहवा ने बापू की प्रार्थना सभा में बम फोड़ा था।
बापू पर हुए हमलों का इतिहास (History of Attacks)
| तारीख | स्थान | हमले का प्रकार |
| 25 जून 1934 | पुणे | हैंड ग्रेनेड हमला |
| जुलाई 1944 | पंचगनी | हिंसक विरोध |
| 29 जून 1946 | पुणे मार्ग | ट्रेन डिरेलमेंट साजिश |
| 20 जन. 1948 | दिल्ली | बम धमाका |
| 30 जन. 1948 | दिल्ली | शहादत (गोलीबारी) |
विचार अमर होते हैं
गोडसे ने बापू के शरीर को तो खत्म कर दिया, लेकिन उन नाकाम हमलों और अंततः शहादत ने गांधीजी को एक वैश्विक विचार बना दिया। आज भी दुनिया के किसी कोने में जब अन्याय होता है, तो 'गांधी' का रास्ता ही सबसे बड़ा समाधान नजर आता है।
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