Saranda Attack: आईईडी ब्लास्ट से दहशत! सारंडा जंगल में नक्सलियों ने किया हमला, CRPF इंस्पेक्टर घायल, पुलिया भी उड़ाई, इलाके में तलाशी अभियान तेज
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में नक्सलियों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट किया, जिसमें CRPF 60 बटालियन के इंस्पेक्टर के के मिश्रा घायल हो गए। एक अन्य स्थान पर पुलिया को भी विस्फोटक से उड़ाने की खबर है। इस घटना से इलाके में फिर से भय का माहौल है।
झारखंड के ऐतिहासिक और घने सारंडा जंगल से एक बार फिर दहशत पैदा करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों की शांति को भंग करते हुए नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आईईडी ब्लास्ट किया है, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक इंस्पेक्टर घायल हो गए। यह हमला दर्शाता है कि नक्सली अभी भी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और ताकत का अहसास कराने के लिए तैयार हैं।
सारंडा जंगल, जो कभी एशिया के सबसे घने सागौन वन के रूप में जाना जाता था, लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहा है। सुरक्षा बलों ने यहां कई सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन अचानक हुए इस हमले ने एक बार फिर पुरानी चुनौतियों को सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
बाबूडेरा इलाके में घात लगाकर हमला
घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। जिला पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बल के जवान जराईकेला थाना क्षेत्र के सामठा सेक्टर के बाबूडेरा इलाके में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे।
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आईईडी विस्फोट: सुरक्षा बलों के आगे बढ़ने के दौरान ही, घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने एक शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट कर दिया।
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इंस्पेक्टर घायल: इस विस्फोट में सीआरपीएफ 60 बटालियन के इंस्पेक्टर के के मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवान को तत्काल इलाज के लिए सुरक्षित जगह पर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मेडिकल टीम भी मौके के लिए रवाना हो चुकी है।
पुलिया को उड़ाने की भी खबर
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेनु ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घायल जवान का उपचार कराया जा रहा है और नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है।
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एक और ब्लास्ट: हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन एक और जगह नक्सलियों द्वारा लैंडमाइन ब्लास्ट की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में एक पुलिया को नक्सलियों ने उड़ा दिया है। पुलिया उड़ाने का मकसद सुरक्षा बलों के रास्ते को बाधित करना होता है।
अचानक हुई नक्सलियों की इस हरकत ने इलाके में एक बार फिर से भय का माहौल पैदा कर दिया है। सुरक्षा बलों ने तत्काल पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह तलाश अभियान केवल नक्सलियों को खोजने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र में छिपाए गए अन्य विस्फोटकों और सुरक्षा बलों के लिए संभावित खतरों को नष्ट करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
आपकी राय में, सारंडा जैसे दुर्गम इलाकों में आईईडी और लैंडमाइन ब्लास्ट के खतरे को कम करने के लिए सुरक्षा बलों को अपने अभियान में कौन से दो अत्याधुनिक तकनीकी साधन शामिल करने चाहिए?
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