Ranchi Shootout: पंडरा गोलीकांड में बड़ा खुलासा, हॉस्पिटल में भर्ती 'घायल मास्टरमाइंड' रवि यादव गिरफ्तार, जमीन के खूनी खेल में रची गई थी पूरी साजिश
रांची के पंडरा इलाके में हुई अंधाधुंध फायरिंग के मुख्य आरोपी और जमीन कारोबारी रवि यादव को पुलिस ने ऑर्किड हॉस्पिटल से गिरफ्तार कर लिया है। उसी के इशारे पर चली गोलियों और अब तक जेल जा चुके 6 गुर्गों की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप भी राजधानी के इस सबसे बड़े जमीन माफिया सिंडिकेट के खौफनाक चेहरे को जानने से चूक जाएंगे।
रांची/पंडरा, 23 जनवरी 2026 – राजधानी रांची के पंडरा इलाके में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस ने सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस पूरे खूनी खेल का मास्टरमाइंड माना जा रहा रवि यादव अब पुलिस की गिरफ्त में है। दिलचस्प बात यह है कि आरोपी खुद भी इस गैंगवार में घायल हो गया था और शहर के ऑर्किड हॉस्पिटल में छिपकर इलाज करा रहा था। पंडरा ओपी प्रभारी फैज रब्बानी के नेतृत्व में हुई इस गिरफ्तारी ने जमीन माफियाओं के बीच चल रहे वर्चस्व की जंग का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार, रवि यादव न केवल जमीन का बड़ा कारोबारी है, बल्कि उसका एक काला आपराधिक इतिहास भी रहा है।
हॉस्पिटल से सलाखों तक: घायल आरोपी का 'पावर गेम'
फायरिंग की घटना के बाद से ही पुलिस रवि यादव की भूमिका की जांच कर रही थी।
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खुद के निर्देश पर फायरिंग: शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस समय गोलियां चल रही थीं, रवि यादव खुद मौके पर घायल हुआ था, लेकिन फायरिंग का आदेश उसी ने दिया था।
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जमीन का विवाद: पंडरा और आसपास के इलाकों में कीमती जमीनों पर कब्जे को लेकर रवि यादव का सिंडिकेट काफी समय से सक्रिय था। यह फायरिंग भी उसी 'वर्चस्व' की जंग का हिस्सा मानी जा रही है।
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बरामदगी: पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
6 गुर्गे पहले ही जा चुके हैं जेल
रवि यादव की गिरफ्तारी से पहले डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
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गिरफ्तार अभियुक्त: पुलिस ने संजय पांडेय, आशु कुमार, जुबैर खान, पप्पू साव और रोहित पाण्डेय समेत 6 आरोपियों को पहले ही दबोच कर जेल भेज दिया है।
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मोबाइल से खुले राज: आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन के डेटा ने पुलिस को रवि यादव तक पहुँचने का सीधा रास्ता दिखाया।
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गैंग का नेटवर्क: यह गिरोह न केवल पंडरा बल्कि रांची के कई अन्य थानों में भी सक्रिय रहा है।
पंडरा फायरिंग केस: अब तक का अपडेट (Operation Snapshot)
| विवरण | ताजा स्थिति (Current Status) |
| मुख्य आरोपी | रवि यादव (जमीन कारोबारी) |
| गिरफ्तारी का स्थान | ऑर्किड हॉस्पिटल, रांची |
| कुल गिरफ्तारियां | 07 (रवि यादव सहित) |
| बरामद सामान | देसी कट्टा, खोखा, स्कॉर्पियो, मोबाइल |
| अपराधिक बैकग्राउंड | जमीन माफिया एवं कई थानों में दर्ज मामले |
इतिहास का पन्ना: पंडरा का 'पथरीला' अतीत और जमीन का खूनी संघर्ष
पंडरा इलाका ऐतिहासिक रूप से रांची का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहा है। 1970 के दशक में जब यहाँ कृषि उपज मंडी (Mandi) की स्थापना हुई, तब से यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बना। इतिहास गवाह है कि 90 के दशक के बाद जैसे-जैसे रांची शहर का विस्तार हुआ, पंडरा की 'पथरीली' और खाली जमीनें सोने के दाम पर बिकने लगीं। इसी आर्थिक उछाल ने यहाँ 'लैंड माफिया कल्चर' को जन्म दिया। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि पंडरा में जमीन के विवादों ने कई बड़े गैंगस्टरों को पैदा किया, जो पहले ब्रोकर थे और बाद में बाहुबली बन गए। रवि यादव का उदय भी इसी ऐतिहासिक 'प्रॉपर्टी बूम' का परिणाम है। 2026 की यह घटना दिखाती है कि तकनीक बदलने के बावजूद जमीन के लिए खून बहाने का पुराना और काला इतिहास खुद को दोहरा रहा है।
पुलिस की सख्ती: "कोई भी माफिया नहीं बचेगा"
पंडरा ओपी प्रभारी फैज रब्बानी ने स्पष्ट किया है कि रवि यादव के स्वस्थ होते ही उसे रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इस सिंडिकेट के अन्य सफ़ेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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क्रिमिनल रिकॉर्ड: रवि यादव के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में रंगदारी, मारपीट और अवैध कब्जे के कई पुराने मामले दर्ज हैं।
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अगली कार्रवाई: पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो इस गिरोह को आर्थिक और राजनीतिक संरक्षण दे रहे थे।
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सुरक्षा बढ़ाई गई: पंडरा इलाके में बढ़ती गैंगवार को देखते हुए पुलिस गश्त को और कड़ा कर दिया गया है।
सलाखों के पीछे सिंडिकेट का सरगना
रवि यादव की गिरफ्तारी रांची पुलिस के लिए एक बड़ी जीत है। जमीन की हेराफेरी के लिए गोलियां चलाने वाले इस गैंग के खात्मे से पंडरा के आम नागरिकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
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