Tatanagar Raid: टाटानगर स्टेशन पर शातिर चोर मोहम्मद चांद दबोचा गया, 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के जाल में फंसा जुगसलाई का अपराधी, यात्रियों के पर्स पर हाथ साफ करना पड़ा महंगा
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के उड़नदस्ते ने 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत जुगसलाई के शातिर चोर मोहम्मद चांद को गिरफ्तार कर लिया है। चोरी हुए 17 हजार रुपये और आधार कार्ड की बरामदगी समेत इस आदतन अपराधी के पुराने कारनामों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप भी यात्रा के दौरान अपनी कीमती चीजों को सुरक्षित रखने का तरीका जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/टाटानगर, 23 जनवरी 2026 – भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शुमार टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ (RPF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत चलाए गए विशेष अभियान में आरपीएफ के उड़नदस्ते ने एक ऐसे शातिर चोर को दबोचा है, जो स्टेशन पर भोले-भाले यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जुगसलाई निवासी मोहम्मद चांद के रूप में हुई है। दो दिन पहले एक यात्री का पर्स उड़ाने के बाद वह दोबारा किसी नए शिकार की तलाश में स्टेशन पहुँचा था, लेकिन इस बार आरपीएफ की पैनी नजरों से बच नहीं सका।
17 हजार का पर्स और आधार कार्ड: ऐसे चढ़ा हत्थे
मोहम्मद चांद की गिरफ्तारी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि दो दिन पहले स्टेशन पर एक यात्री ने अपना पर्स चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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चोरी की वारदात: पर्स में 17 हजार रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार कार्ड मौजूद थे।
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उड़नदस्ते की चौकसी: घटना के बाद आरपीएफ का स्पेशल फ्लाइंग स्क्वाड (उड़नदस्ता) सक्रिय हुआ और स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
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ट्रैप: शुक्रवार को जैसे ही मोहम्मद चांद दोबारा स्टेशन परिसर में संदिग्ध रूप से घूमता दिखा, पहले से अलर्ट टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। पहचान सुनिश्चित होते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।
जुगसलाई का 'पुराना खिलाड़ी': पहले भी काट चुका है जेल
पूछताछ के दौरान मोहम्मद चांद ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। जांच में जो सच सामने आया, उसने आरपीएफ को भी हैरान कर दिया।
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क्रिमिनल रिकॉर्ड: मोहम्मद चांद कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ टाटानगर रेल थाना और जुगसलाई थाना में पहले से ही चोरी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं।
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आदतन अपराधी: वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है, लेकिन जेल से बाहर आते ही वह फिर से स्टेशन पर सक्रिय हो गया।
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पुलिस के सुपुर्द: आरपीएफ ने आवश्यक पूछताछ के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए टाटानगर रेल पुलिस (जीआरपी) को सौंप दिया है।
टाटानगर आरपीएफ एक्शन: आरोपी की प्रोफाइल (Criminal Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| नाम (अभियुक्त) | मोहम्मद चांद |
| निवास | जुगसलाई, जमशेदपुर |
| चोरी की गई संपत्ति | 17,000 रुपये नकद और आधार कार्ड |
| मुख्य अभियान | 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' |
| पूर्व रिकॉर्ड | टाटानगर रेल थाना एवं जुगसलाई में दर्ज मामले |
इतिहासिक पन्ना: टाटानगर स्टेशन और 'जुगसलाई फाटक' का अपराधी इतिहास
टाटानगर रेलवे स्टेशन का इतिहास साल 1910 से शुरू होता है, जब इसे बंगाल नागपुर रेलवे के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। इतिहास गवाह है कि टाटानगर स्टेशन के ठीक बगल में स्थित जुगसलाई इलाका हमेशा से रेलवे के लिए सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। 1980 और 90 के दशक में जब ट्रेनों में भारी भीड़ बढ़ी, तब 'जुगसलाई फाटक' और स्टेशन के बाहरी यार्डों में 'उचक्कागिरी' और 'पॉकेटमारी' एक बड़ी समस्या बनकर उभरी। पुराने रेल पुलिस अधिकारी बताते हैं कि जुगसलाई की तंग गलियों का फायदा उठाकर अपराधी चोरी का सामान लेकर गायब हो जाते थे। हालांकि, 2026 में आधुनिक तकनीक और आरपीएफ के 'उड़नदस्ते' ने इस ऐतिहासिक चुनौती का सामना करने के लिए अभूतपूर्व सतर्कता बरती है, जिससे मोहम्मद चांद जैसे शातिर अपराधियों का बच निकलना अब नामुमकिन हो गया है।
यात्रियों के लिए आरपीएफ की 'खास' एडवाइजरी
सफलतापूर्वक गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ ने टाटानगर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए कुछ जरूरी नियम साझा किए हैं:
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निगरानी: यात्रा के दौरान या स्टेशन पर मोबाइल और पर्स जैसी कीमती चीजों को ऊपरी जेब में रखने से बचें।
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अलर्ट रहें: अगर कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से आपके करीब आने की कोशिश करे, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
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तत्काल सूचना: चोरी होने पर बिना समय गंवाए 'रेल मदद' ऐप या ऑन-ड्यूटी आरपीएफ जवान को सूचित करें।
सुरक्षित यात्रा की ओर एक और कदम
मोहम्मद चांद की गिरफ्तारी टाटानगर में सक्रिय छोटे अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है। आरपीएफ का 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' अब न केवल स्टेशन के भीतर बल्कि जुगसलाई जैसे आसपास के इलाकों के अपराधियों पर भी पैनी नजर रख रहा है।
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