Koderma Crash: कोडरमा घाटी में स्कूल बस पलटी, राजगीर जा रही छात्राओं के साथ यह बड़ा हादसा हुआ
जवाहर नवोदय विद्यालय, पूतो की शैक्षणिक भ्रमण पर जा रही छात्राओं से भरी बस कोडरमा घाटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। लगभग 24 छात्राएं घायल हुईं, जिनमें तीन की चोटें गंभीर हैं। बस खाई में गिरने के बावजूद पूरी तरह पलटी नहीं। पीएमश्री योजना के तहत यह टूर निकाला गया था। ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश में यह बड़ा हादसा हुआ है। जानिए कोडरमा सदर अस्पताल में घायलों का हाल और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का पूरा विवरण।
कोडरमा, 15 नवंबर 2025 – शनिवार की सुबह झारखंड के कोडरमा घाटी में एक बड़ी और हृदय विदारक दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), पूतो की छात्राओं को लेकर शैक्षणिक भ्रमण पर बिहार के राजगीर जा रही एक स्कूल बस घाटी में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में कक्षा 10 और 11 की लगभग दो दर्जन छात्राएं घायल हो गईं, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आई हैं। यह हादसा केवल ड्राइवर की लापरवाही का परिणाम था, या इस पीछे कोडरमा घाटी की खतरनाक सड़क संरचना की भी कोई भूमिका थी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ओवरटेकिंग की एक गलत कोशिश ने इन बच्चियों के शैक्षणिक भविष्य पर अंधेरा डाल दिया है?
दुर्घटना का कारण: ओवरटेकिंग की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई जब बस चालक ने एक ट्रक को ओवरटेक करने का जोखिम भरा प्रयास किया।
-
यात्रा का उद्देश्य: पीएमश्री योजना के तहत स्कूल की दो बैच की छात्राएं और एक बस में सवार छात्र राजगीर के लिए रवाना हुए थे।
-
हादसे का स्थान: कोडरमा घाटी में एक तीखे मोड़ पर बस एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी।
-
परिणाम: कोशिश के दौरान बस अनियंत्रित होकर सड़क से उतरी और गहरी खाई में चली गई।
घने जंगल बने जीवनरक्षक: बड़ा संयोग
इस दुर्घटना का सबसे बड़ा संयोग यह रहा कि घने जंगल और पेड़ों ने बस के लिए जीवनरक्षक का काम किया।
-
गंभीर नुकसान से बचाव: घने जंगल और पेड़ों के कारण बस पूरी तरह पलटी नहीं, जिससे बच्चियों को और गंभीर चोटें लगने से बच गईं।
-
घायलों की संख्या: इस हादसे में लगभग दो दर्जन छात्राएं घायल हुईं। इनमें से तीन छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाला।
-
रेस्क्यू अभियान: कोडरमा थाना की पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल बच्चियों को बाहर निकाला।
-
इलाज: सभी घायलों को एंबुलेंस से कोडरमा सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
-
प्रशासनिक निगरानी: कोडरमा जिले के उपायुक्त ऋतुराज ने सदर अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। जिला प्रशासन घायल बच्चियों के परिजनों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।
यह घटना एक बार फिर स्कूल प्रबंधन और बस चालकों द्वारा बरती जाने वाली सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर सवाल उठाती है। सुरक्षित यात्रा की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर यात्री और वाहन चालक की होती है।
What's Your Reaction?


