Khunti collision : रांची नंबर की बाइक और जमशेदपुर की इनोवा कार के बीच सीधी भिड़ंत, तमाड़ के मजदूर शंभू सिंह मुंडा की दर्दनाक मौत
झारखंड के खूंटी जिले में रेवा और बिरहू गांव के बीच एक भीषण सड़क दुर्घटना में मजदूर शंभू सिंह मुंडा की मौके पर ही मौत हो गई। जमशेदपुर नंबर की इनोवा कार और रांची नंबर की बाइक के बीच टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक कार में फंस गई। कार चालक फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।
झारखंड की सड़कें कितनी जानलेवा हो सकती हैं, इसका एक और दर्दनाक उदाहरण बुधवार को खूंटी जिले में देखने को मिला। खूंटी सदर थाना क्षेत्र स्थित रेवा और बिरहू गांव के बीच एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें तमाड़ थाना क्षेत्र के कुरकुटा गांव के मजदूर शंभू सिंह मुंडा की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा सिर्फ एक टक्कर नहीं है, बल्कि यह तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक मेल की कहानी है।
टकराव इतना जोरदार कि कार में फंस गई बाइक
जानकारी के अनुसार, मृतक शंभू सिंह मुंडा अपनी रांची नंबर **(JH01 FD-5939) की बाइक पर थे, तभी जमशेदपुर नंबर **(JH 05 AN-2959) की एक तेज रफ्तार इनोवा कार से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टकराव की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। टक्कर के बाद शंभू सिंह मुंडा दूर सड़क किनारे जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर इनोवा कार में फंस गई। यह दृश्य दुर्घटना की भयावहता को दर्शाता है।
हादसे के बाद मौके का फायदा उठाकर इनोवा कार का चालक तुरंत फरार हो गया। उसने घायल की मदद करने या कानून का सामना करने की बजाय भागना चुना, जिससे उसकी लापरवाही और दोष की संभावना बढ़ जाती है।
असंगठित मजदूर का कार्ड मिला: पुलिस की जांच जारी
स्थानीय लोगों ने तत्काल खूंटी सदर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने पर दुर्घटनाग्रस्त वाहन और शव दोनों को कब्जे में लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए खूंटी सदर अस्पताल भेजा गया है। मृतक शंभू सिंह मुंडा के पास से असंगठित मजदूर का निबन्ध कार्ड बरामद हुआ है, जिससे उनकी पहचान स्थापित हो सकी। एक मेहनतकश मजदूर का इस तरह सड़क हादसे में जान गंवा देना व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।
पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और सबसे महत्वपूर्ण कार्य में जुट गई है: फरार कार चालक की तलाश। पुलिस ने कहा है कि वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर से ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की अनियंत्रित चाल पर लगाम कसने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
आपकी राय में, झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर हादसे के बाद चालकों के भागने की प्रवृत्ति को रोकने और उन्हें घायलों की मदद के लिए प्रेरित करने के लिए कानूनी और सामाजिक स्तर पर कौन से दो सबसे प्रभावी कदम उठाने चाहिए?
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