Jamshedpur Legacy: जमशेदपुर में 'दीनानाथ पांडेय' की याद, एकत्र हुए सभी दलों के नेता, पूर्व विधायक का वो कार्य क्यों आज भी अजर-अमर
जमशेदपुर के पूर्व विधायक स्वर्गीय दीनानाथ पांडेय जी की जयंती पर सभी दलों के नेता एक साथ क्यों आए? क्या आप जानते हैं कि दीनानाथ पांडेय जी का जन्म सन् 1933 में हुआ था और उनका व्यक्तित्व क्यों इतना प्रभावशाली था? लक्ष्मी नगर में हुए इस कार्यक्रम में कौन-कौन से बड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे? उनके कौन से अधूरे काम आज भी पूरे होने की राह देख रहे हैं? पूरी जानकारी पढ़ें!
जमशेदपुर, 30 अक्टूबर 2025 – जमशेदपुर की राजनीति और समाजसेवा के इतिहास में स्वर्गीय दीनानाथ पांडेय का नाम आज भी एक ध्रुव तारे की तरह चमकता है। सन् 1933 में जन्मे इस महान नेता की जयंती आज लक्ष्मी नगर स्थित दीन दयाल भवन के प्रांगण में श्रद्धा और भावुकता के साथ मनाई गई। सबसे खास बात यह रही कि इस पुष्पांजलि समारोह में किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग और अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोगों ने एकजुट होकर ‘बाबा’ को याद किया। यह उपस्थिति साबित करती है कि राजनीति से ऊपर उठकर भी दीनानाथ पांडेय का व्यक्तित्व कितना प्रभावशाली था।
एक जुट हुई राजनीति: जब सभी दलों ने नमन किया
स्वर्गीय दीना नाथ पांडेय स्मारक समिति द्वारा आयोजित इस जयंती समारोह में जो नजारा देखने को मिला, वह जमशेदपुर की राजनीति में कम ही देखने को मिलता है।
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दलगत भावना से ऊपर: जयंती के इस खुशी के मौके पर जदयू के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव जी और बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा जी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
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भावुक पुष्पांजलि: सभी ने बाबा को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व को भावुक मन से याद किया। उनके व्यक्तित्व का असर ही था कि जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष दुर्गा जी, नरेंद्र जी, बर्मा माइंस मंडल अध्यक्ष, बिरसा नगर मंडल अध्यक्ष शंकर कर्मकार जैसे नेता भी मौजूद रहे।
जमशेदपुर का इतिहास हमेशा से सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक जुड़ाव का रहा है, और दीनानाथ पांडेय जैसे नेताओं ने अपनी जनसेवा से इस परंपरा को मजबूत किया।
समाजसेवी का योगदान: जनसेवा की वो मिसाल
दीनानाथ पांडेय जी को केवल पूर्व विधायक के रूप में ही नहीं, बल्कि एक जाने माने समाजसेवी के रूप में भी याद किया जाता है।
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गणमान्य उपस्थिति: इस अवसर पर कोशिश एक मुस्कान के संरक्षक समाजसेवी शिव शंकर सिंह, पवन मावंडिया, प्रकाश जी, विनोद राय और शमशाद जी समेत समाज के कई जाने-माने गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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यादें और आशीर्वाद: सभी ने उस दौर को याद किया जब दीनानाथ पांडेय जी ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए काम किया। उनकी ईमानदारी और सहजता आज की राजनीति के लिए एक बड़ा सबक है।
नई पीढ़ी की जिम्मेदारी: कमेटी ने किया धन्यवाद
समिति के संरक्षक श्री राम नारायण शर्मा जी की अनुपस्थिति में, नवीन कुमार ने आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया।
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युवाओं की भागीदारी: इस कार्यक्रम में सिद्धार्थ पाण्डेय, गोल्डन, अमरेश, धर्मवीर जी समेत कई युवाओं की उपस्थिति भी रही, जो बताता है कि समाजसेवा की इस विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी उठाने को तैयार है।
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जारी रहेगी विरासत: इस जयंती समारोह ने न केवल स्वर्गीय दीनानाथ पांडेय जी को श्रद्धांजलि दी, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि उनका सामाजिक और राजनीतिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया जाएगा।
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