MGM Hospital : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में होमगार्डों का तांडव, फर्श पर लेटे ड्राइवर को बेरहमी से पीटा, मरीज के साथ भी बदसलूकी
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में होमगार्डों ने गुंडागर्दी करते हुए एक मरीज और उसके ड्राइवर को बेरहमी से पीटा है। ड्राइवर सुजीत कुमार का सिर फटने और उसे 5 टांके लगने के बाद अस्पताल परिसर में उपजे तनाव और सुरक्षाकर्मियों की मनमानी की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
जमशेदपुर/डिमना, 26 मार्च 2026 – लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) में सुरक्षा के नाम पर तैनात होमगार्ड अब मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए काल बनते जा रहे हैं। गुरुवार को डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल परिसर एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जहाँ दो होमगार्डों ने अपना आपा खोते हुए एक मरीज के ड्राइवर के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस हिंसक झड़प में ड्राइवर सुजीत कुमार का सिर फट गया है, जिसे आनन-फानन में टांके लगाने पड़े। बीच-बचाव करने आए मरीज राहुल कुमार को भी गार्डों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस 'वर्दी वाली गुंडागर्दी' ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्श पर लेटने की मिली 'सजा': मुक्कों की बरसात और खून से लथपथ चेहरा
घटना की शुरुआत एक मामूली सी बात से हुई, जिसने सुरक्षाकर्मियों के अहंकार के कारण हिंसक रूप ले लिया।
-
थकावट बनी गुनाह: मरीज राहुल कुमार अपनी गाड़ी से इलाज कराने एमजीएम पहुँचे थे। उनके ड्राइवर सुजीत कुमार, जो रात भर गाड़ी चलाकर थके हुए थे, अस्पताल के फर्श पर थोड़ा आराम करने के लिए लेट गए।
-
पैर से मारकर उठाया: आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड ने सुजीत को पैर से मारकर उठाया। जब सुजीत ने अपनी थकान का हवाला देकर थोड़ी देर रुकने की गुजारिश की, तो गार्ड भड़क उठे।
-
दीवार से टकराया सिर: देखते ही देखते दो होमगार्डों ने सुजीत पर हमला बोल दिया। उसे धक्का देकर दीवार से टकरा दिया गया, जिससे सुजीत का सिर पीछे से फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल के फर्श पर खून की बूंदें बिखर गईं और अफरा-तफरी मच गई।
मरीज भी नहीं बचा: बुजुर्ग गार्ड ने की बीच-बचाव की कोशिश
जब सुजीत को पीटा जा रहा था, तब इलाज कराने आए राहुल राय वहां पहुंचे और मामला शांत कराने की कोशिश की।
-
मरीज पर भी हमला: दो सनकी होमगार्डों ने राहुल के साथ भी बदसलूकी की और उन्हें पीछे धकेल दिया। पीड़ित ने बताया कि दो गार्ड लगातार प्रहार कर रहे थे, जबकि एक बुजुर्ग गार्ड ही था जो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहा था।
-
5 टांके और आक्रोश: सुजीत की चोट इतनी गहरी थी कि उसके सिर में 5 टांके लगाने पड़े। अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों ने होमगार्डों की इस हरकत का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद गार्ड वहां से खिसक गए।
-
पुलिस की सुस्ती: घटना के घंटों बाद भी आरोपी होमगार्डों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जमशेदपुर के अस्पतालों में 'गार्ड राज' का काला इतिहास
जमशेदपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट की यह कोई पहली घटना नहीं है। यह शहर के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में एक कैंसर की तरह फैलता जा रहा है।
-
टीएमएच की घटना: महज दो दिन पहले (मंगलवार को) टीएमएच (TMH) के गेट पर तैनात गार्डों ने मानगो के एक युवक को सिर्फ इसलिए जमकर पीटा था क्योंकि वह अपनी बाइक अंदर ले जाना चाहता था। उस मामले में भी आरोपी गार्ड अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
-
एमजीएम का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड: एमजीएम अस्पताल पहले भी होमगार्डों की बदतमीजी और भ्रष्टाचार के लिए चर्चा में रहा है। यहाँ अक्सर मरीजों के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें आती रहती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में इनके हौसले बुलंद हैं।
-
जवाबदेही का अभाव: क्या अस्पताल प्रबंधन इन गार्डों को गुंडागर्दी का लाइसेंस देता है? बिष्टुपुर से लेकर डिमना तक, गार्डों की यह मनमानी अब आम नागरिकों के लिए डर का कारण बन गई है।
अगला कदम: एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग
पीड़ित सुजीत और राहुल ने इस मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी है और लिखित शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
-
सीसीटीवी की मांग: लोगों ने मांग की है कि मारपीट की पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी में कैद है, उसे सार्वजनिक किया जाए और आरोपी गार्डों को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
-
प्रशासनिक जांच: एमजीएम अधीक्षक से मांग की गई है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और सुरक्षा एजेंसी या होमगार्ड कमांडेंट को रिपोर्ट भेजकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
-
सुरक्षा ऑडिट: शहर के सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि अस्पतालों में तैनात गार्डों की मानसिक स्थिति और उनके व्यवहार का 'साइकोलॉजिकल ऑडिट' होना चाहिए ताकि वे मरीजों को अपराधी न समझें।
एमजीएम अस्पताल में हुई यह वारदात मानवता को शर्मसार करने वाली है। जिस स्थान पर लोग अपनी जान बचाने और दर्द कम करने आते हैं, वहां अगर वर्दीधारी रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी कहां जाएगा? सुजीत के सिर के 5 टांके केवल एक चोट नहीं, बल्कि जमशेदपुर की चरमराई सुरक्षा व्यवस्था का निशान हैं। क्या जिला प्रशासन इन 'वर्दीधारी गुंडों' पर लगाम लगाएगा या टीएमएच की तरह यहाँ भी फाइलें दब जाएंगी? फिलहाल, अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण शांति है और पीड़ित इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
What's Your Reaction?


