Deoghar Mystery : देवघर बाबा मंदिर की दानपेटी से निकला पड़ोसी देश का कनेक्शन, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, खुफिया विभाग खंगाल रहा रिकॉर्ड
देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर की दानपेटी में पहली बार पाकिस्तानी करंसी मिलने से सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। खुफिया विभाग और सुरक्षा एजेंसियां अब मंदिर की सुरक्षा ऑडिट और संदिग्धों के इनपुट को लेकर जांच में जुट गई हैं। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
देवघर, 26 मार्च 2026 – द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में बुधवार को दानपेटियों की गिनती के दौरान एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने झारखंड से लेकर दिल्ली तक की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच जब दानपात्रों को खोला गया, तो उसमें भारतीय रुपयों, अमेरिकी डॉलर, यूरो और नेपाली मुद्रा के साथ पाकिस्तानी करंसी (100 रुपये का नोट) भी बरामद किया गया। जानकार बताते हैं कि मंदिर के इतिहास में यह पहला मौका है जब दानपेटी से पाकिस्तान की मुद्रा निकली है। इस बरामदगी के बाद खुफिया विभाग (IB) और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है और इसके पीछे के संभावित 'कनेक्शन' की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी गई है।
पाकिस्तानी नोट और 'संदिग्ध' इनपुट: क्या है पूरा माजरा?
9 जनवरी के बाद पहली बार खुली दानपेटियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पहली बार बरामदगी: अब तक बाबा मंदिर में विदेशी भक्तों द्वारा डॉलर और पाउंड चढ़ाया जाना आम था, लेकिन पाकिस्तानी करंसी मिलने ने सुरक्षा एजेंसियों को 'रिस्क' न लेने पर मजबूर कर दिया है।
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9 जनवरी से अब तक का रिकॉर्ड: प्रशासन अब पिछले दो महीनों का सीसीटीवी फुटेज और आगंतुक रजिस्टर खंगाल रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस दौरान कोई व्यक्ति पाकिस्तानी पासपोर्ट पर देवघर आया था।
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दो थ्योरी पर काम: एजेंसियां दो पहलुओं पर जांच कर रही हैं—पहला, क्या यह किसी भक्त की अनजाने में की गई भेंट है? दूसरा, क्या यह किसी संदिग्ध गतिविधि का संकेत है?
गाजियाबाद और पहलगाम कनेक्शन: बढ़ी चिंता की लकीरें
इस घटना को हालिया कुछ संदिग्ध गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने जांच को और गंभीर बना दिया है।
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गाजियाबाद का इनपुट: हाल ही में यूपी के गाजियाबाद से पकड़े गए संदिग्ध युवक-युवती के पास से बाबा मंदिर के फोटो और वीडियो मिले थे। आशंका है कि उन्होंने मंदिर की रेकी की थी और उनके तार ISI से जुड़े हो सकते हैं।
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यूट्यूबर पर शक: पहलगाम आतंकी हमले के बाद पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने भी सुल्तानगंज से देवघर तक के पूरे रूट की वीडियोग्राफी की थी।
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हवाई सेवा और खतरा: देवघर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और हवाई सेवा शुरू होने के बाद बाहरी और विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे सुरक्षा ऑडिट की जरूरत और अधिक महसूस की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: गर्भगृह तक मोबाइल और बैग?
देश के अन्य प्रतिष्ठित मंदिरों (जैसे तिरुपति या सोमनाथ) की तुलना में बाबा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था काफी लचर मानी जा रही है।
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जांच का अभाव: मंदिर के प्रवेश द्वारों पर न तो मेटल डिटेक्टर डोर सही से काम कर रहे हैं और न ही श्रद्धालुओं के सामान की सघन तलाशी ली जा रही है।
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डिजिटल खतरा: भक्त आसानी से मोबाइल लेकर गर्भगृह में प्रवेश कर जाते हैं और अंदर की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं। यह सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा 'लूपहोल' है।
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संसाधनों की कमी: मंदिर में सुरक्षा बल और आधुनिक स्कैनिंग उपकरणों की भारी कमी है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा सकते हैं।
अगला कदम: सुरक्षा ऑडिट और कड़े प्रतिबंधों की तैयारी
पाकिस्तानी नोट मिलने के बाद अब मंदिर प्रशासन और पुलिस कड़े फैसले लेने की तैयारी में है।
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पूर्ण प्रतिबंध की मांग: सुरक्षा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि मंदिर के अंदर मोबाइल, थैला, बैग और यहाँ तक कि कलम ले जाने पर भी पूर्ण रोक लगाई जाए।
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बिना अनुमति फोटोग्राफी पर रोक: अब मंदिर परिसर के अंदर वीडियोग्राफी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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नई सुरक्षा टीम: देवघर पुलिस अब मंदिर के लिए एक समर्पित सुरक्षा दस्ता (Dedicated Security Squad) तैयार कर रही है, जो आधुनिक स्कैनर्स से लैस होगा।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर की दानपेटी से निकला पाकिस्तानी नोट महज एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है। ऐसे समय में जब सीमा पार से डिजिटल जासूसी और रेकी की खबरें आ रही हैं, देवघर जैसे अति-संवेदनशील धार्मिक स्थल की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन अब उस 'डिजिटल फुटप्रिंट' को तलाश रहा है जिसने यह नोट दानपेटी में डाला। क्या यह केवल एक इत्तेफाक था या किसी बड़ी साजिश की आहट? फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और बाबा मंदिर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
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