Chaibasa Fire: अचानक भड़की आग से गांव में मचा हड़कंप, बाल-बाल बचे लोग!
चाईबासा के तांतनगर गांव में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जानिए कैसे त्रिशानु राय और दमकल कर्मियों की सूझबूझ से गांव एक बड़े हादसे से बच सका।

चाईबासा के मझगांव विधानसभा क्षेत्र के तांतनगर स्थित कोकचो दारा गांव में बुधवार दोपहर एक खतरनाक आग ने पूरे गांव में अफरा-तफरी मचा दी। दोपहर करीब 1:30 बजे एक मकान के पास रखे पुवाल के टाल में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को समझ ही नहीं आया कि क्या करें। खास बात यह थी कि आग के ठीक बगल में कई घर मौजूद थे, जिससे यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।
कैसे लगी आग? दुर्घटना या कोई साजिश?
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुवाल के टाल में लगी आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। कुछ लोगों का मानना है कि तेज धूप और गर्मी की वजह से सूखे पुवाल में आग लग गई। वहीं, कुछ लोगों ने शरारती तत्वों द्वारा आग लगाने की आशंका भी जताई।
जैसे ही आग की लपटें तेज होने लगीं, ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पहले बाल्टियों और पानी से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई काबू नहीं पा सका।
त्रिशानु राय बने मसीहा, फौरन बुलवाई दमकल गाड़ी
गांव के लोगों को जब आग बुझाने में सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने कांग्रेस जिला प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय को मदद के लिए बुलाया। त्रिशानु राय तुरंत हरकत में आए और खुद अग्निशमन कार्यालय, चाईबासा पहुंचे। उन्होंने फायर ब्रिगेड को तुरंत गांव भेजने का अनुरोध किया।
उनकी फुर्ती का ही नतीजा था कि कुछ ही देर में दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने तेजी से आग पर काबू पाया और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
चाईबासा में आग की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों में गर्मियों के मौसम में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:
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सूखे मौसम और तेज़ गर्मी के कारण पुवाल और लकड़ी जल्दी आग पकड़ लेते हैं।
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बिजली के शॉर्ट सर्किट से भी कई बार घरों और खेतों में आग लग जाती है।
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कई बार लोग लापरवाही से जलती बीड़ी या सिगरेट फेंक देते हैं, जिससे सूखी घास में आग फैल जाती है।
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कुछ मामलों में आगजनी भी एक कारण हो सकता है, जहां लोग जानबूझकर आग लगाते हैं।
गांव वालों की जान बचाने वाले हीरो!
इस घटना में कई लोग ऐसे रहे, जिनकी वजह से गांव एक बड़े हादसे से बच सका। दमकल कर्मियों ने पूरी मेहनत के साथ आग को बुझाया। मौके पर मौजूद अग्निशमन कर्मी परमेश्वर बिरुवा, प्रवीण कुमार, ग्रेगौरी तिर्की, गोपाल कुमार, मुनेश्वर गोप और ललन यादव ने तेजी से आग पर नियंत्रण पाने में अहम भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने जताया आभार
गांव वालों ने त्रिशानु राय और फायर ब्रिगेड टीम को धन्यवाद दिया। स्थानीय निवासी कैलाश महतो ने कहा,
"अगर दमकल की गाड़ी समय पर नहीं आती, तो हमारे घर भी जलकर खाक हो जाते। हम तहे दिल से इन लोगों का आभार व्यक्त करते हैं।"
अब क्या किया जाएगा?
इस घटना के बाद प्रशासन ने गांव में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की बात कही है।
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गांव में आग से बचाव के लिए पानी के टैंक लगाए जाएंगे।
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लोगों को आग से सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
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असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी या कोई साजिश?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आग अपने आप लगी या फिर किसी ने जानबूझकर इसे भड़काया? प्रशासन इसकी जांच कर रहा है और अगर कोई संदिग्ध पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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