Jharkhand Scheme: लाखों महिलाओं के खाते में अटके 7500 रुपये, क्या आपका पैसा भी फंसा है?
झारखंड की "मंईयां सम्मान योजना" से लाखों महिलाओं को 7500 रुपये मिले, लेकिन 20.60 लाख महिलाओं का पैसा अब भी अटका हुआ है। जानिए क्यों हो रही है देरी?

झारखंड सरकार की "मंईयां सम्मान योजना" इन दिनों पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस योजना के तहत राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में 7500 रुपये देने की घोषणा की गई थी। कई लाभुकों को यह राशि मिल भी चुकी है, लेकिन अब भी 20.60 लाख से ज्यादा महिलाएं अपने पैसों के इंतजार में बैठी हैं।
क्यों रुका है महिलाओं का पैसा?
झारखंड सरकार ने 25 मार्च 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में योजना की सभी लाभुक महिलाओं के खाते में पैसा भेजने की मंजूरी दी थी। खास बात यह थी कि आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक नहीं होने के बावजूद भी महिलाओं को तीन महीने की एकमुश्त राशि देने का निर्णय लिया गया। लेकिन इसके बावजूद अभी तक लाखों महिलाओं के खाते में पैसा नहीं आया है।
शुरुआत में 38.34 लाख महिलाओं को 7500 रुपये की राशि भेज दी गई थी, लेकिन 20.60 लाख महिलाओं को उनके बैंक अकाउंट से आधार लिंक न होने की वजह से होल्ड पर रख दिया गया। अब सवाल यह है कि क्या इन महिलाओं को उनका हक मिलेगा या नहीं?
7500 रुपये पाने के लिए आधार लिंक की अनिवार्यता!
झारखंड सरकार ने 31 मार्च 2025 तक महिलाओं को आधार-बैंक लिंक करवाने का समय दिया था। जिन महिलाओं ने इस तय तारीख तक अपना बैंक खाता आधार से लिंक नहीं कराया, वे अब इस योजना से वंचित हो जाएंगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च के बाद लिंकिंग कराने वाली महिलाओं को किसी भी हालत में पैसे नहीं दिए जाएंगे।
इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपने समय पर आधार लिंक नहीं करवाया है, तो अब सरकार से 7500 रुपये की उम्मीद करना बेकार है।
"मंईयां सम्मान योजना" क्यों बनी सुर्खियों में?
झारखंड सरकार ने इस योजना की शुरुआत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए की थी। इसका उद्देश्य राज्य की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था। लेकिन जब पैसे देने की बारी आई, तो लाखों महिलाएं अब भी इंतजार कर रही हैं।
इससे पहले भी झारखंड में कई योजनाओं को लेकर विवाद होते रहे हैं। मनरेगा भुगतान में देरी, किसानों की कर्जमाफी में अनियमितता और अब "मंईयां सम्मान योजना" की अधूरी फंडिंग—इन सभी मामलों ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
महिलाओं का गुस्सा फूटा, सरकार से जवाब मांग रही जनता!
अब जब लाखों महिलाओं का पैसा अटका हुआ है, तो महिलाओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई जगहों पर महिलाओं ने बैंक और सरकारी कार्यालयों में जाकर हंगामा भी किया।
बोकारो की रहने वाली अनीता देवी ने बताया—
"सरकार ने 7500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक पैसा नहीं आया। हम हर दिन बैंक जाकर चक्कर काट रहे हैं। कोई बताने को तैयार नहीं कि पैसा आएगा या नहीं।"
रांची की सुनीता कुमारी ने कहा—
"अगर सरकार को आधार लिंक अनिवार्य करना ही था, तो पहले से इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। हमें तो अब जाकर पता चला कि 31 मार्च आखिरी तारीख थी। अब हम क्या करें?"
सरकार की सफाई—जल्द भेजे जाएंगे पैसे
झारखंड सरकार के वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि—
"लाभुकों की संख्या बहुत ज्यादा है, इसलिए भुगतान प्रक्रिया में थोड़ा वक्त लग रहा है। जिन महिलाओं का आधार बैंक से लिंक था, उन्हें पैसे मिल गए हैं। बाकी महिलाओं का भी जल्द ही भुगतान किया जाएगा।"
हालांकि, सरकार की इस सफाई से महिलाओं की चिंता कम होती नहीं दिख रही।
अब क्या होगा? क्या सभी महिलाओं को मिलेगा पैसा?
अगर सरकार अपने फैसले पर कायम रहती है, तो जिन महिलाओं ने 31 मार्च तक आधार-बैंक लिंक नहीं कराया, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन सवाल यह है कि—
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क्या सरकार इन महिलाओं के लिए कोई नया मौका देगी?
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क्या भुगतान प्रक्रिया में देरी के लिए प्रशासन जिम्मेदार है?
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क्या यह योजना भी सिर्फ चुनावी स्टंट बनकर रह जाएगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे, लेकिन फिलहाल लाखों महिलाएं अपने पैसों के इंतजार में सरकारी दफ्तरों और बैंकों के चक्कर काट रही हैं।
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