Bokaro Raid: बोकारो में रिकवरी एजेंट से लूटपाट का सनसनीखेज खुलासा, 12 घंटे में पुलिस ने शातिर बदमाशों को घर से उठाया
बोकारो के बालीडीह में रिकवरी एजेंट सोनू कुमार से बाइक और नकदी लूटने वाले तीन शातिर अपराधियों को पुलिस ने महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है। अपराधियों के पास से लूटी गई बाइक, स्मार्टफोन और डिजिटल ट्रांजेक्शन के सुराग बरामद किए गए हैं। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
बोकारो/बालीडीह, 26 मार्च 2026 – झारखंड के बोकारो जिले की बालीडीह थाना पुलिस ने अपराध के खिलाफ एक बड़ी जीत हासिल की है। बुधवार की रात एक रिकवरी एजेंट के साथ हुई लूटपाट और डिजिटल डकैती के मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। मुख्यालय डीएसपी अनिमेष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई इस त्वरित कार्रवाई में तीन शातिर बदमाशों को उनके घर से ही दबोच लिया गया। पकड़े गए अपराधियों के पास से लूटी गई बाइक, नकद राशि और वारदात में इस्तेमाल किए गए स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। पुलिस की इस बिजली जैसी फुर्ती ने इलाके के अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है।
आधी रात का 'डिजिटल' आतंक: मारपीट और लूट की दास्ताँ
घटना 25 मार्च की रात की है, जब चास निवासी सोनू कुमार, जो एक निजी कंपनी में रिकवरी एजेंट हैं, अपना काम खत्म कर घर लौट रहे थे।
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घेराबंदी और हमला: सोनू जैसे ही आरपीएफ बैरक के पास पहुँचे, एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने उन्हें रोक लिया। अपराधियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
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सब कुछ लूटा: लुटेरों ने सोनू की बाइक (JH09AV-2018), मोबाइल, आधार कार्ड और पर्स में रखे 2,000 रुपये छीन लिए।
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फोन-पे का खौफ: अपराधियों ने केवल भौतिक सामान ही नहीं लूटा, बल्कि डरा-धमकाकर सोनू से उनके 'फोन-पे' का पासवर्ड भी ले लिया और खाते से 5,300 रुपये अवैध रूप से ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक': 12 घंटे में सलाखों के पीछे
पीड़ित की शिकायत मिलते ही बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया।
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सटीक सुराग: डीएसपी अनिमेष कुमार गुप्ता और बालीडीह थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह की टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर तड़के सुबह छापेमारी की।
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घर से गिरफ्तारी: पुलिस ने तीनों आरोपियों—राम कुमार यादव उर्फ भैरव यादव, प्रियांशु कुमार उर्फ पेटरा (23) और रोहित कुमार (24) को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
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बरामदगी: इनके पास से लूटी गई बाइक के अलावा वारदात में इस्तेमाल बाइक (BR27W-5985), 3,420 रुपये नकद और तीन स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं।
बालीडीह और बोकारो में बढ़ते 'स्ट्रीट क्राइम' का इतिहास
बोकारो का बालीडीह इलाका औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण हमेशा से अपराधियों की रडार पर रहा है।
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पुराना अपराधी 'भैरव': गिरफ्तार राम कुमार यादव उर्फ भैरव यादव कोई मामूली अपराधी नहीं है। उस पर बालीडीह थाने में पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं प्रियांशु पर भी 2 एफआईआर दर्ज हैं।
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डिजिटल लूट का नया ट्रेंड: पिछले कुछ समय से बोकारो में 'पासवर्ड पूछकर' खाते खाली करने वाले गिरोह सक्रिय हुए हैं। यह वारदात इसी बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है।
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त्वरित न्याय: बालीडीह पुलिस ने पहले भी कई मामलों में 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ा है, जो इस क्षेत्र में पुलिस के मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क को दर्शाता है।
अगला कदम: गैंग के अन्य सदस्यों और हथियार की तलाश
पुलिस अब इन तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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खातों की जांच: पुलिस उन खातों की जानकारी जुटा रही है जहाँ लूट के पैसे ट्रांसफर किए गए थे, ताकि डिजिटल ट्रेल के जरिए ठोस सबूत जुटाए जा सकें।
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अपराधिक रिकॉर्ड: तीसरे आरोपी रोहित कुमार के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह एनएच (NH) पर रात में चलने वाले अन्य राहगीरों को भी निशाना बनाता रहा है।
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न्यायिक हिरासत: सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
बोकारो पुलिस की यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए कड़ी चेतावनी है जो सड़कों पर आम जनता को अपना शिकार बनाते हैं। रिकवरी एजेंट सोनू कुमार के साथ हुई इस वारदात का महज 12 घंटे में खुलासा होना पुलिस प्रशासन की सजगता का प्रमाण है। 'भैरव' जैसे पुराने अपराधियों की गिरफ्तारी से निश्चित रूप से बालीडीह इलाके में अपराध की दर में कमी आएगी। क्या पुलिस अब उन 'डिजिटल ठगों' के पूरे गिरोह तक पहुँच पाएगी जो जेल के अंदर या बाहर से ऐसे ऑपरेशन्स को अंजाम देते हैं? फिलहाल, बालीडीह पुलिस की इस कामयाबी की पूरे जिले में चर्चा है।
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